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    भयानक तस्वीरें: ये है वो जौहर कुंड..जहां रानी पद्मिनी ने किया था जौहर

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    Padmavati : Chittorgarh's Jauhar Kund, Facts and History | FilmiBeat

    संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में चित्तौड़ की रानी पद्मिनी की गाथा दिखाई गई है। इस फिल्म के बाद आम लोगो को भी पद्मिनी के बारे में पता चल पाया है। इसके लिए आपको संजय लीला भंसाली का शुक्रिया करना चाहिए।

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    पद्मावती को 13वीं या 14वीं शताब्दी के दौरान याद किया जाता है। इनकी गाथा सबसे पहले मलिक मुहम्मद जायसी की कविता में हुई थी। इसके बाद लोगो को इनके बारे में जानने का विचार आया था।

    माता पद्मिनी को उस इतिहास के कारण याद किया जाता है जिसके कारण पद्मावती ने अपने इज्जत और मान मर्यादा तो तार तार होने से बचाने के लिए जौहर किया था।

    लेकिन आपको इसके अलावा भी कई बाते पता होनी चाहिए जो कि रानी पद्मिनी के जीवन में काफी महत्वपूर्ण थी। आइए जानते है रानी पद्मिनी के बारे में कुछ अनसुनी बातें...

    काफी होशियार थी रानी पद्मिनी

    काफी होशियार थी रानी पद्मिनी

    टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार रानी पद्मिनी काफी होशियार और युद्धनीति में पारंगत थी। वो तलवार की कला में भी माहिर थी।

    उन्होने एक स्वंयवर रखा था

    उन्होने एक स्वंयवर रखा था

    उन्होने अपना स्वंयवर रखा था जिसमें उनकी शर्त ये थी कि जो भी नामित तलवार बाज को हराया वो जीतेगा और विवाह भी उसी से होगा।

    राजा नहीं जानते थे ये बात

    राजा नहीं जानते थे ये बात

    हालांकि राजा ये बात नहीं जानते थे कि जिस नामित तलवारबाज की बात रानी पद्मिनी कर रही थी वो खुद थी।

    रावल रतन सिंह जीते

    रावल रतन सिंह जीते

    कई राजाओं ने इसमें भाग लिया पर कोई भी हरा नहीं पाया था। अंत नें रावल रतन सिंह ने जीत हासिल की और उनका विवाह रानी पद्मिनी से हो गया।

    राघव चेतन की कहानी

    राघव चेतन की कहानी

    राघव चेतन चित्तौड़ की राजसभा में एक कलाकार था जो जादू भी जानता था। उसने अपने स्वार्थ के लिए कई लोगों को मारा था।

    राजा रजन सिंह ने उसको रंगे हाथों पकड़ा

    राजा रजन सिंह ने उसको रंगे हाथों पकड़ा

    एक बार राजा रतन सिंह ने राघव चेतन को रंगे हाथों पकड़ लिया और उसको राज्य से बाहर निकाल दिया।

    खिलजी ने रानी पद्मिनी का प्रतिबिंब देखा

    खिलजी ने रानी पद्मिनी का प्रतिबिंब देखा

    राघव चेतन को राज्य से निकालने पर उसके अलाउद्दीन खिलजा का नेतृत्व किया और उसके सामने रानी पद्मिनी का चित्र बनाकर पेश किया। जिसके बाद अलाउद्दीन पागल हो गया और उसने चित्तौड़ को घेर लिया।

    रतन सिंह को धोखे से पकड़ लिया

    रतन सिंह को धोखे से पकड़ लिया

    अलाउद्दीन खिलजी ने रतन सिंह को धोखे से पकड़ लिया था। जिसके बाद ही चित्तौड़ की महिलाओं ने जौहर की तैयारी की थी जबकि लड़ाई अभी भी चल रही थी। चित्तौड़ के कई सैनिकों के साथ राजा रतन सिंह भी मारे गए थे।

    सबसे पहले रानी पद्मिनी ने किया जौहर

    सबसे पहले रानी पद्मिनी ने किया जौहर

    सारी आशाएं खत्म होने के बाद किले में मौजूद सभी महिलाओं और रानियों ने किले के गुप्त मार्ग से जौहर स्थल तक का सफर किया और सबसे पहले रानी पद्मिनी ने उसमें छलांग लगा दी।

     अलाउद्दीन ने दिये जौहर स्थल बंद करने के आदेश

    अलाउद्दीन ने दिये जौहर स्थल बंद करने के आदेश

    जौहर के बाद रानियों का विलाप और चिल्लाहट इतनी तेज थी कि जौहर स्थल को अलाउद्दीन खिलजी ने हमेशा के लिए बंद करवा दिया। उसके कई वर्षों के बाद चित्तौड़ के राजा ने इसको फिर महिलाओं के वीरता के प्रतीक स्थल के तौर पर खुलवाया।

    पद्मावत

    पद्मावत

    संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मिनी का किरदार निभाया है।

    English summary
    After Sanjay Leela Bhansali's Padmaavat, check out the original pictures where (it is believed) Rani Padmini committed Jauhar and also read the story behind it.
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