Covid रिसर्च पर Vivek Agnihotri का बड़ा सवाल- हमारी टीम ने जो किया,वैसे रिसर्च क्यों नहीं हुआ?
Covid रिसर्च पर Vivek Agnihotri का बड़ा सवाल- हमारी टीम ने जो किया वैसे रिसर्च क्यों नहीं हुआ?

Vivek Ranjan Agnihotri: फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय जोड़ी निर्माता पल्लवी जोशी और साहसी फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने हमेशा रिसर्च बेस्ड फिल्में बनाने पर फोकस किया है। उनकी फिल्म 'द ताशकंद फाइल्स' जो ढाई घंटे तक एक लॉजिकल बहस पर आधारित थी, की रिसर्च में बहुत समय और प्रयास लगा था। इसी तरह, द कश्मीर फाइल्स को भी काफी रिसर्च और तैयारी के साथ बनाया गया था। वहीं अब उनकी टीम भारत में वैक्सीन को लेकर एक बड़ा रिसर्च किया है। कोविड की दवाई को लेकर अभी भी संघर्ष जारी है। ऐसे में भारत वैक्सीन के साथ सफलता हासिल करने वाले कुछ देशों में से एक बनकर सामने आई है।

एक साल से कोविड पर शोध
कई भारतीय वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने वैक्सीन बनाने के लिए अपना खून-पसीना एक कर दिया। जब लोग कोरोना पर जीत का जश्न मनाने में व्यस्त थे, कुछ एजेंसियों, पार्टियों और मीडिया हाउसेज ने लगातार हमारी इस जीत को बदनाम करने की दिशा में काम किया। तब से विवेक अग्निहोत्री उन नक्सलियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और उनका पर्दाफाश कर रहे हैं. आईएमबुद्धा और टीम एक साल से इस पर शोध और अध्ययन कर रहे हैं और अब सभी वैलिड डॉक्यूमेंट के साथ तैयार हैं न कि फिल्म के साथ।

8000 पेज में पूरी जानकारी
इसी के बारे में बात करते हुए, विवेक अग्निहोत्री कहते हैं, "जब हमारा देश महामारी के दौरान संघर्ष कर रहा था, तब हम हर उस चीज़ पर शोध करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे जो गलत हो गई थी। अब हम एक साल के रिसर्च के साथ तैयार हैं, 52 लोग जो इसे एक्जीक्यूट करने में अपना दिन और रात एक कर चुके हैं और इसे 8000 पेज में समअप किया हैं। सोशल मीडिया पर इसे शेयर करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने लिखा, "हमारी टीम"

युवाओं को भारत पर गर्व हो- विवेक अग्निहोत्री
i_ambuddha इस पर रिसर्च कर रही है कि कैसे भारत ने लगभग एक साल से भी ज्यादा समय तक COVID से लड़ाई लड़ी। हमने ऐसे विवरण खोजे हैं जो किसी भी इंसान को हमारे वैज्ञानिकों और नेतृत्व पर गर्व कर सकते हैं। मुझे समझ में नहीं आता कि हमारा मीडिया ऐसी रिसर्च क्यों नहीं करती और युवाओं को भारत पर गर्व हो? क्या यह उनका काम नहीं है?"


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