The Kashmir Files Row: नादव लैपिड ने मांगी माफी, बोले- 'पीड़ितों का अपमान करना नहीं था मकसद'

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इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के ज्यूरी हेड नादव लैपिड के बयान पर भयंकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने आईएफएफआई (IFFI) में 'द कश्मीर फाइल्स' को एक वल्गर और प्रोपेगेंडा फिल्म कहा था। उनके इस बयान के बाद बवाल मच गया है। नादव लैपिड इस बयान के बाद लगातार खबरों में हैं। लेकिन, नादव लैपिड ने अब इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और माफी भी मांगी है।
नादव लैपिड ने सीएनएन-न्यूज 18 से बातचीत में कहा - 'मैं किसी का अपमान नहीं करना चाहता था, और मेरा उद्देश्य पीड़ितों या उनके रिश्तेदारों का अपमान करना नहीं था। मैं पूरी तरह से माफी मांगता हूं।' बातचीत के दौरान नादव लैपिड ने यह भी कहा कि उनकी और ज्यूरी की बात हुई थी और यह कॉमेंट उन्होंने सभी ज्यूरी के साथियों के विचार को भी रिप्रेजेंट करते हुए दिया था।
इसके पहले इंडिया टुडे से भी बातचीत में नादव लैपिड ने कहा था कि, वो अपने बयान पर आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा था- 'मुझे लगता है मैंने वो कहा जो मुझे कहना था। मैं भारतीय नहीं हूं और इस बारे में बात करते हुए मुझे असहज महसूस नहीं होता है। मैंने वही किया जो मुझे लगा कि किया जाना चाहिए।' साथ ही उन्होंने इस तथ्य को स्वीकार किया था 'द कश्मीर फाइल्स' एक अच्छी फिल्म है।
बता दें कि IFFI 2022 के समापन समारोह के दिन अपनी बात मंच पर रखी थी। उन्होंने कहा था- 'हम सभी 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म से परेशान और हैरान थे। यह सिर्फ एक प्रोपेगेंडा और अश्लील फिल्म की तरह लगा जो कि इस तरह के समारोह के काबिल नहीं था। मैं खुले तौर पर इस भावना को आपके साथ साझा करने में सहज महसूस कर रहा हूं।'
नादव लैपिड के इस बयान पर देश भर में बवाल मच गया। कई लोगों ने जहां उनके बयान का समर्थन किया तो कई लोग उनके बयान के विरोध में उतर गए थे। हालांकि, अब नादव लैपिड ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है।


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