अतीत के दर्द को साझा करते हुए परिणीति चोपड़ा बोलीं, ‘मुझे याद तक नहीं मैं कितनी बार फूट-फूट कर रोई हूं’

इंटरनेशनल बेस्टसेलर 'द गर्ल ऑन द ट्रेन' पर इसी नाम से हिंदी में बन रही फिल्म के बारे में सकारात्मक चर्चाएं हो रही हैं, और इसकी वजह है परिणीति चोपड़ा का गंभीर अभिनय। रिलीज हुए ट्रेलर से ही स्पष्ट हो चुका है कि ऑडियंस के लिए परिणीति एक नॉक-ऑउट पर्फार्मेंस देने जा रही हैं। ट्रेलर देख कर मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री ने उनकी तारीफों के पुल बांध दिए हैं। परी बता रही हैं कि इस रोल को निभाने के लिए किस तरह से उनको अपनी जिंदगी के दर्दनाक अनुभवों से दोबारा गुजरना पड़ा और कैसे इस किरदार ने उनको निचोड़ कर रख दिया है!

"द गर्ल ऑन द ट्रेन में मेरे काम को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है, उसे देख कर मैं अभिभूत हूं। इस किरदार को जीवंत करने के लिए मैंने अपना खून, पसीना और आंसू बहाए हैं तथा अपनी लाइफ की सबसे दर्दनाक यादों से काम लिया है। मुझे याद नहीं आता कि इस फिल्म के सेट पर मैं कितनी बार फूट-फूट कर रोई हूं, क्योंकि मैं उन यादों को कुरेद रही थी, जिन्हें मैंने जानबूझकर अपने दिलोदिमाग के भीतर कहीं बहुत गहरे दफन कर दिया था।- राज खोलती हैं परी।

निजी जिंदगी में झेले गए दर्द

निजी जिंदगी में झेले गए दर्द


इस वर्सेटाइल एक्ट्रेस का मानना है कि वह अपनी जिंदगी के इन दर्दनाक अध्यायों को कभी खोलना ही नहीं चाहती थीं। वह बताती हैं, "मैं उन घटनाओं और मसलों को दोबारा कभी अपने खयालों में भी नहीं लाना चाहती थी लेकिन इस फिल्म के लिए मुझे यह करना पड़ा। फिल्म की बेहद शानदार स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद मुझे अहसास हुआ कि इस किरदार को निभाने के लिए मुझे अपने दफन हो चुके अतीत की बर्फीली दरारों में गहराई तक उतरना होगा और अपनी निजी जिंदगी में झेले गए दर्द का फिर से सामना करना होगा, तभी इस लड़की (मीरा) के किरदार और उसके सफर को स्क्रीन पर असरदार और प्रामाणिक ढंग से पेश किया जा सकता है।

नाम तलाकशुदा अल्कोहोलिक महिला

नाम तलाकशुदा अल्कोहोलिक महिला

इस प्रतिष्ठित किताब पर आधारित एक फिल्म 2016 के दौरान हॉलीवुड में भी बन चुकी है, जिसमें एमिली ब्लंट ने लीड रोल किया था। इसके बॉलीवुड संस्करण में परिणीति चोपड़ा एक गुमनाम तलाकशुदा अल्कोहोलिक महिला की भूमिका निभा रही हैं, जो ट्रेन में सवार होती है और एक गुमशुदा व्यक्ति की तलाशवाली जांच-पड़ताल में उलझ जाती है; नतीजतन कई गहरे राज खुलने लगते हैं।

यह फिल्म मुझे बार-बार नरक में खींच ले जाती

यह फिल्म मुझे बार-बार नरक में खींच ले जाती

परिणीति अपना अनुभव साझा करते हुए कहती हैं, "यह फिल्म मुझे बार-बार नरक में खींच ले जाती थी और मैं बाहर की ओर भागती थी, क्योंकि अपने अतीत के बारे में लगातार सोचते रहना आसान नहीं था। शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद आवेश भरी शूटिंग करने से पहले मेरा अतीत मुझे लगातार एक नुकीली कगार पर खड़ा रखता था। कई बार तो इसने मुझे तोड़ कर रख दिया!

द गर्ल ऑन द ट्रेन

द गर्ल ऑन द ट्रेन

खैर, परी इस बात से खुश हैं कि स्क्रीन पर असरदार तरीके से अपना किरदार अदा करने वाली उनकी भावनात्मक यात्रा को चौतरफा सराहा जा रहा है। वह कहती हैं, "लगता है कि मैंने जितने भी आंसू बहाए, जितना लंबा इंट्रोस्पेक्शन किया, उसका सुफल मिल रहा है, क्योंकि लोगों ने हमारी फिल्म के एसेट्स और मेरे पर्फॉर्मेंस को जितना भी अभी देखा है, उसे बेहद पसंद किया है। मैं उनको अपनी फिल्म दिखाने और दिल से किए गए अपने इस काम के बारे में उनकी प्रतिक्रिया देखने को बेताब हूं।

'द गर्ल ऑन द ट्रेन' का एक डायरेक्ट-टू-डिजिटल प्रीमियर 26 फरवरी को नेटफ्लिक्स पर होगा। इस फिल्म को रिभु दासगुप्ता ने निर्देशित किया है।

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