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    सुशांत सिंह राजपूत को मेरी फिल्म करनी थी, स्टार बनने के बाद भूल गया - अनुराग कश्यप की दो टूक बात

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    सुशांत सिंह राजपूत के बारे में अनुराग कश्यप ने पहली बार NDTV से बात की है और ऐसी कई बातें उजागर की हैं जो शायद लोगों को नहीं पता हैं या फिर लोगों ने अनदेखी कर दी। अनुराग कश्यप ने बताया कि सुशांत की मौत के लिए किसी और को ज़िम्मेदार ठहराना क्यों गलत है।

    अनुराग कश्यप ने इस इंटरव्यू में कहा - जो लोग कह रहे हैं कि सुशांत सोशल मीडिया पर हाथ जोड़कर कह रहा है कि मेरी फिल्म सोनचिड़िया प्लीज़ मेरे लिए देख लीजिए। लेकिन फिर लोगों ने जाकर सोनचिड़िया क्यों नहीं देखी। अब क्यों बात कर रहे हैं। आपके पास वो फिल्म देखने की पावर थी। दर्शक के पास हमेशा शक्ति होती है। अगर आपको बाहरी लोगों को सपोर्ट करना था तो ये करते।

    ये आजकल की देशभक्ति जैसा है। केवल चिल्ला देने से कि मैं देशभक्त हूं, कोई देशभक्त नहीं हो जाता है। आप अपना करियर अपने काम के चुनाव से बनाते हैं। आप कौन सी फिल्में कर रहे हैं, किसके साथ कर रहे हैं, वो आपका करियर बनाता है। सुशांत बहुत सफल था। सुशांत ने अपने चुनाव खुद किए।

    अनुराग ने सुशांत की मौत पर बॉलीवुड की चुप्पी के बारे में बात करते हुए भी साफ कहा - आप देखिए कोई क्यों इस बारे में बात नहीं कर रहा है। क्योंकि हर किसी ने देखा कि सुशांत ने अपने करियर के लिए किस तरह की फिल्मों का चुनाव किया। उसने मुझे दो बार रिजेक्ट किया, मैं तीसरी बार उसके पास नहीं जाना चाहता था।

    पहली मुलाकात

    पहली मुलाकात

    अनुराग कश्यप ने अपने और सुशांत के संबंधों के बारे में बात करते हुए बताया - मैं गैंग्स ऑफ वसेपुर की कास्टिंग कर रहा था और तब मैं पहली बार सुशांत से मिला था। उस समय मुकेश हमारे ऑफिस से काम करता था। तभी मेरी उससे पहली बार मुलाकात हुई थी। मैंने उससे कहा कि तू बिहार का लड़का है, पहले मिलता तो मैं तुझे फिल्म में काम दे देता।

    यूं मिली पहली फिल्म

    यूं मिली पहली फिल्म

    उस समय गट्टू (अभिषेक कपूर) काई पो छे की कास्टिंग कर रहा था और उसे सिर्फ एक टीवी स्टार चाहिए था। मैंने उसे सुशांत के बारे में बताया। मैंने उसे कहा अपनी बहन एकता से बात कर, वो सुशांत का काम जानती है। मुकेश ने सुशांत का ऑडीशन लिया और उसे काई पो छे मिली।

    बड़ी फिल्मों से शुरूआत

    बड़ी फिल्मों से शुरूआत

    इसके बाद राजू हिरानी पहली बार किसी कास्टिंग डायरेक्टर के साथ काम करना चाहते थे। वो मुकेश से मिले और पीके में सुशांत की कास्टिंग हुई। वो शुरू में ही वहां पहुंच गया था। अपने करियर के शुरू में उसके पास काई पो छे और पीके जैसी फिल्में थीं।

    यशराज फिल्म्स भी यहीं से पहुंचे

    यशराज फिल्म्स भी यहीं से पहुंचे

    उस समय हम फैंटम प्रोडक्शन्स शुरू करने जा रहे थे। ये सब मेरे ऑफिस से हो रहा था। उस समय हम हंसी तो फंसी बनाना शुरू करने जा रहे थे। और हमारी पहली चॉइस सुशांत था। हमने परिणीति को लिया और उसे सुशांत के बारे में बताया कि ये अभी काई पो छे कर रहा है और उसके बाद पीके करेगा। परिणीति उस समय यशराज फिल्म्स के साथ काम करती थी। उसने उन्हें सुशांत के बारे में बताया।

    हां करके छोड़ी फिल्म

    हां करके छोड़ी फिल्म

    यशराज फिल्म्स ने सुशांत से संपर्क किया और कहा कि हम आपके साथ काम करना चाहते हैं। आप शुद्ध देसी रोमांस करिए। सुशांत जो हमारे साथ उठता बैठता था। उसने हमारी फिल्म हंसी तो फंसी छोड़कर यशराज फिल्म्स की शुद्ध देसी रोमांस साइन कर ली। क्योंकि उसे अपने ऊपर यशराज फिल्म्स का तमगा चाहिए था। जो एक बाहरी के लिए ज़रूरी होता है। ये हर कोई करता है। हमने हमारे दिल में इस बात का कोई मलाल नहीं रखा।

    फिर से किया रिजेक्ट

    फिर से किया रिजेक्ट

    फिर कुछ सालों बाद सुशांत वापस आया। 2016 की बात है। सुशांत धोनी कर रहा था। मैंने एक स्क्रिप्ट लिखी थी। मुकेश फिर से सुशांत के पास गया। और उसे बताया कि अनुराग ने एक कहानी लिखी है और वो ऐसा एक्टर - स्टार ढूंढ रहा है जो यूपी से ताल्लुक रखे। सुशांत ने मेरी स्क्रिप्ट सुनी। फिर धोनी रिलीज़ हुई, ब्लॉकबस्टर हुई। इसके बाद सुशांत ने कभी कॉल नहीं किया।

    हर किसी को मान्यता चाहिए

    हर किसी को मान्यता चाहिए

    मुझे इस बात का खराब नहीं लगा। मैं अपने काम में आगे बढ़ गया। मैंने मुक्काबाज़ की। ऐसा नहीं होता है कि आप इन चीज़ों का बुरा मान जाते हैं। मुझे इन सब चीज़ों की आदत है। इस इंडस्ट्री में हर बाहरी आदमी को इंडस्ट्री से मान्यता चाहिए। हर कोई अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।

    ये आपके खुद के चुनाव हैं

    ये आपके खुद के चुनाव हैं

    जैसे हर कोई यशराज हीरोइन बनना चाहता है या फिर भंसाली की हीरोइन बनना चाहता है क्योंकि वो उस तरह उन लोगों को परदे पर उतारते हैं। हर किसी को धर्मा की फिल्म चाहिए क्योंकि करण जौहर उस तरह स्टार को परदे पर उतारते हैं। आपको वो पहचान चाहिए। ये आपका चुनाव है, इसके लिए कोई आपको दोषी नहीं ठहरा रहा है या आपको गलत नहीं कह रहा है।

    बेसिर पैर की बातें गलत हैं

    बेसिर पैर की बातें गलत हैं

    तो अगर ये आपका चुनाव है तो आपको इसके अच्छे और बुरे नतीजे झेलने पड़ेंगे। उस लड़के ने उस समय खुद ड्राइव चुनी थी। मेरी फिल्म छोड़कर। क्योंकि वो धर्मा के साथ काम करने के लिए मर रहा था। तो फिर आप क्या बेसिर पैर की बातें कर रहे हैं। और आप उसकी मौत का इस्तेमाल करके हर किसी को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

    तब कहां था प्यार

    तब कहां था प्यार

    अनुराग ने इस बारे में बात करते हुए साफ किया - ये सच है कि लोग सुशांत से बहुत प्यार करते थे। क्योंकि वो प्यार अब दिख रहा है। लेकिन ये प्यार काश तब निकला होता जब उसकी फिल्में रिलीज़ हो रही थीं। काश ये प्यार सोन चिड़िया जैसी शानदार फिल्म के लिए बाहर आया होता।

    (यदि आपको या आपके जानकारी में किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत हो, तो अपने नजदीकी मानसिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। हेल्पलाइन- COOJ मेंटल हेल्थ फाउंडेशन: 0832-2252525, स्नेहा - 044-24640050/ 044-24640060, परिवर्तन: +91 7676 602 602 )

    English summary
    Anurag Kashyap talks about Sushant Singh Rajput craving for stardom and rejecting him twice for Yashraj and Dharma films.
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