रूमी जाफरी ने सुशांत सिंह राजपूत के साथ हुई अंतिम बातचीत को किया याद- 'उसका चेहरा मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा'
सुशांत सिंह राजपूत की पहली पुण्यतिथि पर उनके फैंस, परिवार समेत फिल्म इंडस्ट्री के कलाकार भी भावुक हैं। इस मौके पर निर्देशक रूमी जाफरी ने सुशांत से हुई अंतिम बातचीत को याद किया है और बताया कि ठीक एक साल पहले 12 जून को दोपहर 3 बजे हमारी बात हो रही थी। सुशांत और रूमी जाफरी अच्छे दोस्त थे।
रूमी जाफरी सुशांत को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा- "हमारा बहुत ही गहरा रिश्ता था। हमने कभी बहुत ज्यादा फोटो क्लिक नहीं किए। उसे मेरी वाइफ का बनाया हुआ खाना बहुत पसंद था और वह अक्सर घर का बना खाना खाने आता था। जिंदगी बहुत निर्दयी है। एक साल पहले हम उससे बात करते थे और आज हम उसके बारे में बात कर रहे हैं।"

एक वेबसाइट के साथ हुई बातचीत में फिल्ममेकर ने कहा, वह बहुत दिल वाला इंसान था, उसके अंदर एक बच्चा था। वह अक्सर मुझे गले लगता था और मैं उसे बहुत पसंद करता था।
सुशांत के निधन से दो दिन पहले ही रूमी जाफरी से उनकी बात हुई थी। निर्देशक ने वह याद करते हुए कहा, "ठीक एक साल पहले 12 जून को दोपहर 3 बजे थे, जब मैं और सुशांत बात कर रहे थे। और वह हमारी आखिरी बात बन गई।" उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म मई 2020 के महीने से शुरू होने वाली थी।
रूमी ने आगे बताया कि हमारे पास सब कुछ था, म्यूजिक भी। जब मार्च में लॉकडाउन अनाउंस किया गया तब सुशांत को फिल्म को लेकर थोड़ी चिंता थी। जबकि हम सब आशावादी थे कि अप्रैल के आखिर तक सब नॉर्मल हो जाएगा। लेकिन लॉकडाउन बढ़ता ही गया। फिर सुशांत ने कहा कोई छोटी फिल्म बनाते हैं, राजेश खन्ना की इत्तेफाक जैसी। ये सब बातें मई अंत में हो रही थी।
लेखक और निर्देशक रूमी जाफरी ने कहा, "सुशांत का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए तो एक बड़ा नुकसान है.. लेकिन मेरे लिए यह निजी क्षति है। मैं उस लड़के को कभी नहीं भूल सकता। भगवान करें जहां भी अब वो हो उन्हें खुश रखें।"
अपनी फिल्म को लेकर रूमी आगे कहते हैं, "सुशांत की मौत से पहले जो फिल्म बनाई जा रही थी उस कहानी को अब बनाना मेरे लिए नामुमकिन है। मैंने पहले ही बताया था कि सुशांत को ध्यान में रख कर ही वो कहानी लिखी गई थी। अब जब वो ही नहीं रहा तो उस कहानी का कोई मतलब नहीं। वो लड़का और उसका हंसता, खिलखिलाता हुआ चेहरा मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा।"


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