प्रिया सचदेव ने किया करिश्मा के झूठ का पर्दाफाश, कहा-मैं संजय की विधवा हूं और तुमको 1900 करोड़ दिए जा चुके हैं

संजय कपूर की मौत के बाद उनकी प्रॉपर्टी लेकर बवाल मचा हुआ है। बिजनेस टाइकून संजय कपूर की प्रेयर मीट भी नहीं हो पाई थी कि प्रॉपर्टी को लेकर विवाद शुरू हो गया था। बता दें कि संजय कपूर की मां रानी कपूर ने भी प्रॉपर्टी और बिजनेस हो रहे बदलाव को लेकर सवाल किया था। उन्होंने कहा था कि वह सबसे बड़ी शेयर होल्डर हैं, लेकिन अब उनके पास कोई राइट्स नहीं हैं। बता दें कि रानी कपूर के बाद अब संजय कपूर की पहली पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चे भी अब अपने पिता की प्रॉपर्टी को लेकर हक मांग रहे हैं।
समायरा और कियान के दाखिल की याचिका
दरअसल संजय कपूर के बच्चों ने अपनी सौतेली मां प्रिया सचदेव के खिलाफ कोर्ट में पेश हुए हैं। समायरा और कियान कपूर की याचिका पर ध्यान देते हुए कोर्ट ने प्रिया सचदेव के खिलाफ एक नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी को अपना जवाब देने का 2 हफ्ते का समय दिया है। अलगी सुनवाई 9 अक्तूबर को रखी गई है।
क्या है करिश्मा के बच्चों की मां
करिश्मा कपूर के बच्चे अपने मृतक पिता की प्रॉपर्टी में से पांचवां हिस्सा मांग रहे हैं। बता दें कि कियान अभी नाबालिक हैं इसलिए उनकी जगह उनकी मां करिश्मा कपूर इस केस का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। बच्चों का यह भी कहना है कि जो वसीयत दिखाई जा रही है वह एक दम गलत है। इस वसीयत में बच्चों को पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है। बच्चों की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि संजय कपूर अपने दस्तावेज सुरक्षित रखते थे। वसीयत संदिग्ध है और रजिस्टर्ड नहीं है।
दी जा चुकी है 1900 करोड़ की प्रॉपर्टी
आपको बता दें कि संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव के वकील ने करिश्मा कपूर के बच्चों की याचिका का विरोध किया है। उनका कहना है कि मुकदमे से 6 दिन पहले ही याचिकाकर्ताओं को ट्रस्ट से 1900 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी दी जा चुकी है। वकील ने दस्तावेज भी पेश किए साथ ही यह भी कहा कि उनकी क्लाइंट प्रिया संजय कपूर मृतक की आखिरी पत्नी हैं और उनके साथ एक 6 साल का बच्चा भी है। उन्होंने बताया कि वसीयत में कुछ भी गुप्त नहीं है। वकील ने यह भी कहा कि वसीयत का रजिस्टर्ड होना जरूरी नहीं है। क्योंकि अब कानूनी रूप से प्रिया ही संजय कपूर की पत्नी हैं।
न्यायमूर्ति ज्योति सिंह के अध्यक्षता में प्रिया कपूर ने वकील ने प्रिया के शब्दों को कहा कि- यह मुकदमा स्वीकार्य नहीं है, मैं एक विधवा हूं। और उनकी पत्नी हूं। प्यार और ये वादे तब कहां थे जब सुप्रीम कोर्ट में तलाक की लंबी लड़ाई लड़ी गई थी। आपके पति ने कई सालों पहले ही आपको छोड़ दिया था।


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