संजीव कुमार के कारण सुलक्षणा पंडित कभी नहीं कर पाई शादी, फिर उसी तारीख को लगाया मौत को गले

Sulakshana Pandit Death: मशहूर गायिका और अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का 6 नवंबर 2025 को निधन हो गया। 71 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। सुलक्षणा, संगीतकार जोड़ी जतीन-ललित और अभिनेत्री विजेता पंडित की बड़ी बहन थीं। परिवार ने बताया कि शाम करीब 7 बजे उन्हें हार्ट अटैक आया। सांस लेने में परेशानी होने पर उन्हें नानावटी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनका देहांत हो गया।
सुलक्षणा पंडित कौन थीं?
सुलक्षणा का जन्म हरियाणा के हिसार जिले के पिलिमंदौरी गांव में हुआ था। उनके पिता पंडित प्रताप नारायण पंडित प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे। वह मशहूर गायक पंडित जसराज की भतीजी थीं। उनके सात भाई-बहन थे - भाइयों के नाम मंधीर, जतीन और ललित पंडित, और बहनों के नाम माया, संध्या, और विजेता पंडित हैं।
सुलक्षणा ने सिर्फ 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। शुरू में वह अपने भाइयों के साथ मंच पर गाती थीं। बाद में उन्होंने फिल्मों में पार्श्वगायिका (प्लेबैक सिंगर) के रूप में काम किया। उन्होंने मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार जैसे बड़े गायकों के साथ भी गाने गाए और कई लाइव शो किए। सर्जरी के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना ली थी और बहुत कम ही लोगों के सामने आती थीं।
सुलक्षणा पंडित का करियर
सुलक्षणा ने एक बाल गायिका के रूप में अपना सफर शुरू किया। उन्होंने 1967 की फिल्म 'तक़दीर' में लता मंगेशकर के साथ "सात समुंदर पार से" गाना गाया, जो बहुत प्रसिद्ध हुआ। 1971 में फिल्म 'दूर का राही' से उन्होंने बतौर मुख्य गायिका शुरुआत की, जिसमें उन्होंने किशोर कुमार के साथ "बेकरार-ए-दिल तू गाए जा" गाना गाया। उन्होंने चलते चलते और उलझन जैसी फिल्मों के लिए भी गाने गाए। उनका आखिरी गीत था "सागर किनारे भी दो दिल" (फिल्म: खामोशी: द म्यूजिकल, 1996), जिसे उनके भाइयों जतीन-ललित ने संगीत दिया था। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ बंगाली, मराठी, उड़िया और गुजराती भाषाओं में भी गाने गाए।
गायन के साथ उन्होंने फिल्मों में अभिनय भी किया। उनकी पहली फिल्म 'उलझन' (1975) थी, जिसमें वे संजय कुमार के साथ नजर आईं। इसके बाद उन्होंने संकल्प, राजा, सलाखें, हेरा फेरी, वक़्त की दीवार, और चेहरे पे चेहरा जैसी फिल्मों में काम किया। उनकी आखिरी फिल्म 'दो वक्त की रोटी' (1988) थी।
सुलक्षणा पंडित ने शादी क्यों नहीं की?
फिल्म 'उलझन' की शूटिंग के दौरान सुलक्षणा को अभिनेता संजय कुमार से प्यार हो गया था। लेकिन संजीव कुमार हेमा मालिनी से प्यार करते थे। जब हेमा ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया, तब सुलक्षणा ने उन्हें अपने प्यार का इज़हार किया, पर संजीव कुमार ने भी उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया। इस वजह से सुलक्षणना ने जिंदगी भर शादी न करने का फैसला लिया। इसके साथ ही सुलक्षणा और संजीव कुमार की मौत की तारीख एक ही है। संजीव कुमार ने 6 नवंबर 1985 को आखिरी सांस ली थी। वही सुलक्षणा का निधन 6 नवंबर 2025 को हुआ है।


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