तेरा क्या होगा जॉनी को मिला 'A सर्टिफिकेट'
निर्देशक सुधीर मिश्रा सेंसर बोर्ड से नाराज हैं। बोर्ड ने उनकी नई फिल्म 'तेरा क्या होगा जॉनी' को ए-प्रमाणपत्र दिया है। मिश्रा आश्चर्य जताते हुए कहते हैं कि हमेशा उनके साथ ही ऐसा क्यों होता है।
दरअसल सेंसर बोर्ड ने फिल्म के एक दृश्य पर आपत्ति जताई थी। इसमें एक पुलिसकर्मी हिरासत में लिए गए युवा हीरो (सिकंदर अग्रवाल) के साथ दुष्कर्म की कोशिश करता है। मिश्रा ने फिल्म से इस दृश्य को हटाने से इंकार कर दिया था। वह कहते हैं, "हमेशा मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है। ऐसा लगता है कि मानो मेरे लिए वहां अन्य फिल्मकारों से हटकर सेंसरशिप के अलग नियम हों। हमेशा मेरी ही फिल्में इन स्थितियों में फंसती हैं जबकि अन्य लोगों की फिल्मों को अनुमति मिल जाती है।"
मिश्रा को यह बहुत अजीब लगता है कि सेंसर बोर्ड ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के एक दृश्य पर आपत्ति जताई है। वह कहते हैं, "ऐसा नहीं है कि मानो मैंने वह दिखाने की कोशिश की हो जो वास्तव में नहीं होता है। मैंने इस दृश्य में लड़के के साथ शारीरिक सम्बंध नहीं दिखाया है। मैंने पुलिसकर्मी को इसकी कोशिश करते दिखाया है। लड़का वहां से भाग जाता है। दूसरी ओर वास्तविक जीवन में कम उम्र के बहुत से लड़के ऐसी प्रताड़ना के शिकार बनते हैं। क्या हमें ऐसा नहीं दिखाना चाहिए।"
मिश्रा ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने उनसे फिल्म से गालियां निकालने के लिए कहा जबकि अन्य फिल्मों में उनका खूब इस्तेमाल होता है।
उन्होंने सेंसर बोर्ड से झगड़े की बजाए अपनी फिल्म के लिए ए-प्रमाणपत्र स्वीकार करना बेहतर समझा। वह कहते हैं, "मेरे पास दो विकल्प थे। मैं या तो झगड़ सकता था या फिल्म में थोड़ी बहुत कांट-छांट के साथ उसके लिए ए-प्रमाणपत्र स्वीकार कर सकता था। झगड़े के लिए समय नहीं था। मैंने ए-प्रमाणपत्र स्वीकार कर लिया लेकिन मुझे लगता है कि सेंसरशिप के नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।"


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