'अश्लील गाना' है, 'चोली के पीछे' को लेकर ऐसी बातें सुनकर डर गए थे सुभाष घई, अब किया बड़ा खुलासा!

सुभाष घई 90 के दशक के ऐसे निर्माता निर्देशक थे जो जिस फिल्म को छूते थे वो हिट हो जाती थी। हालांकि इस वक्त उनकी एक फिल्म खलनायक के गाने 'चोली के पीछे क्या है' को लेकर चर्चा हो रही है। सभी जानते हैं कि इस फिल्म को माधुरी दीक्षित और नीना गुप्ता पर फिल्माया गया था।
इस गाने को लेकर सुभाष घई कहते हैं कि इसको एक लोक गीत के रूप में कल्पना की गई थी और इसके गीतों पर हंगामा चौंकाने वाला था। जी हां, उनका कहना था कि लोगों ने इस पर अश्लील गाने का एक लेबल लगा दिया था और इससे वो काफी परेशान हो गए थे।
सुभाष गई कहते हैं, "खलनायक के बारे में मुझे इसका गाना याद आता है, चोली के पीछे जिसको अश्लील करार दिया गया था। यह मेरे लिए एक बुरी बात थी... एक बड़ा झटका। हमने इसे एक लोक गीत के रूप में माना और इसे कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई रिलीज़ हुई, विरोध प्रदर्शन हुए।''
इसके अलावा उनका कहना था, "मुझे याद है, एक प्रमुख अखबार ने लिखा था 'यह गीत भारतीय सिनेमा का एक शास्त्रीय नमूना है' और यह एक राहत की बात थी। यह एक लोक गीत था और अब लोग इसे समझते हैं।" इस दौरान सुभाष गई पीटीआई से बात कर रहे थे और लोगों के बारे में अपनी राय दे रहे थे।
हालांकि सभी जानते हैं कि इस वक्त फिल्म काफी शानदार मानी जाती है और आज भी ये गाना आपको कई जगह सुनाई दे जाएगा। सुभाष घई ने अपने समय में एक से बढ़कर एक फिल्में और गाने किए हैं और लोगों को काफी पसंद आते रहे हैं। इस वक्त वो फिल्मों से दूर हैं लेकिन अक्सर अपनी फिल्मों को लेकर बातें करते रहते हैं। उन्होने राम लखन, सौदागर, खलनायक और हीरो जैसी दमदार फिल्में डायरेक्ट की हैं।


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