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फ़िल्मी सितारे और राजनीति

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हेती में लोकप्रिय गायक वाइक्लेफ़ ज़ॉं ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन जगत में राजनीति में पैर रखनेवाले कलाकारों की सूची में इससे पहले भी कई नाम आ चुके हैं. ऐसे ही कुछ नामों पर डालते हैं एक नज़र–

रोनाल्ड रीगन ने राजनीति में पैर रखने से पहले फ़िल्मी दुनिया में हाथ आज़माया.

कई फ़िल्मों में हीरो बनने के बाद उन्होंने छोटे पर्दे पर भी कोशिश की.

लेकिन हॉलीवुड में रीगन कभी जम नहीं पाए और उनकी राह मुड़ती चली गई.

राजनीति की राह पर उन्होंने क़दम बढ़ाया 40 के दशक में जब वे स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड नामक संस्था के अध्यक्ष बने. इसके दो दशक बाद वे कैलिफ़ोर्निया राज्य के गवर्नर बने. राजनीति में उनका सितारा चमका और 1980 में वो अमरीका के राष्ट्रपति बन बैठे.

सितारों के लिए राजनीति में पैर जमाने के लिए अमरीका एक अच्छी जगह रहा है जहाँ शोहरत अक्सर राजनीतिक समर्थन में बदल जाती रही है.

अमरीका

रीगन की तरह ही ऑस्ट्रिया में जन्मे अभिनेता आर्नल्ड श्वार्ज़नेगर के लिए भी अभिनय से राजनीति का मार्ग उपलब्धियों भरा रहा जो कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर निर्वाचित हुए.

अमरीकी गायक सॉनी बोनो संसद के निचले सदन,प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे.

बोनो अमरीका के एकमात्र सांसद हैं जो अमरीका में हिट गानों की सूची में पहले पायदान पर रह चुके हैं.

ऑस्कर विजेता क्लिंट ईस्टवुड कार्मेल शहर के मेयर थे, लेकिन फ़िल्मी करियर चमकने के बाद उन्होंने राजनीति से हाथ खींच लिया.

ब्रिटेन

अमरीका की तुलना में ब्रिटेन में फ़िल्मी सितारों के लिए राजनीति में जगह बनाना मुश्किल रहा है.

एक अपवाद रही हैं अभिनेत्री ग्लेंडा जैक्सन जिन्होंने अपने फ़िल्मी जीवन में दो ऑस्कर बटोरने के बाद ग्लैमर की दुनिया से मुँह मोड़ लिया और 1992 में लेबर पार्टी की सांसद निर्वाचित हुईं.

टोनी ब्लेयर ने अपनी सरकार में उन्हें मंत्री बनाया लेकिन इस वर्ष के चुनाव में उन्हें अपने राजनीतिक जीवन के लिए संघर्ष करना पड़ा.

लेबर पार्टी की सरकार जाती रही लेकिन उत्तरी लंदन की अपनी सीट से ग्लेंडा जैक्सन केवल 42 मतों से अपनी सीट को बचाने में सफल रहीं.

ब्रिटेन में लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ईस्टएंडर्स के एक अभिनेता माइकल कैशमैन ने भी अभिनय की दुनिया से बाहर निकलकर राजनीति में क़दम रखा और 1999 में लेबर पार्टी की ओर से यूरोपीय संसद के सदस्य बने और तभी से वहाँ बने हुए हैं.

अन्य देश

ग्रीस की गायिका नाना मूस्कूरी ने भी पाँच साल तक यूरोपीय संसद में समय बिताया लेकिन फिर उन्होंने ये कहते हुए अपनी सीट छोड़ दी कि राजनीति की रोज़ाना ख़ुराक को झेलना आसान नहीं.

उन्होंने दो साल पहले अपने संगीत करियर को भी अलविदा कह दिया और हाल ही में ग्रीस के कर्ज़ संकट के दौरान अपनी सांसद के तौर पर मिलनेवाली पेंशन को सरकार को देने की इच्छा प्रकट की.

60 के दशक में ग्रीस की ही एक कलाकार मेलिना मर्कूरी का ख़ूब नाम हुआ जिन्हें नेवर ऑन ए संडे नामक फ़िल्म के लिए ऑस्कर नामांकन भी मिला.

अभिनेत्री और गायिका मेलिना मर्कूरी ने राजनीति में क़दम रखा और 1981 में ग्रीस की संस्कृति मंत्री बनीं. 1994 में उनकी मृत्यु पर उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया.

उधर फ़िलीपींस में जोसेफ़ एस्ट्राडा ने कोई 30 वर्षों से भी अधिक समय तक के अपने अभिनय के करियर में ख़ूब शोहरत बटोरी और फिर राजनीति की ओर मुड़े.

एरप के नाम से लोकप्रिय एस्ट्राडा 1998 में फ़िलीपींस के राष्ट्रपति बने.

लेकिन उनकी शोहरत बहुत जल्दी ठंडी पड़ने लगी जब 2001 में उन्हें जबरन गद्दी छोड़नी पड़ी और उनके ख़िलाफ़ सरकारी संपत्ति की चोरी का मुक़दमा चला.

उनके उत्तराधिकारी की ओर से दिए गए क्षमादान की बदौलत एस्ट्राडा आजीवन कारावास से बच सके.

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