कितना सफल होंगे नये स्टार पुत्र पुत्रियां
बालीवुड में कई नये स्टार पुत्र पुत्रियों का धूमधडा़के से आगमन हो रहा है. इन स्टार पुत्रों के साथ उनके पिता और खानदान का नाम जुडा़ हुआ है, यही वजह है कि इनसे लोगो को अपेक्षा भी ज्यादा है, लेकिन क्या ये दर्शकों की उम्मीद पर खरा उतर सकेंगे, यह तो फिल्म लगने के बाद, उनकी अभिनय प्रतिभा से मालूम तो चल ही जायेगा. लेकिन इनके बारे कई फिल्मी पंडित बडे़ बडे़ दावे कर रहे हैं और आने वाला समय इन्हीं का बताया जा रहा है.
फिल्मी खानदान से ताल्लुक रखने वाले नवोदित स्टारों में रणवीर कपूर, सोनम कपूर, नील नितिन मुकेश, सिकंदर खेर, इमाद शेख और मिमोह चक्रवती आदि का समावेश है.
संजय लीला भंसाली ने अपनी फिल्म सावरिया के जरिये रणवीर और सोनम कपूर को मौका दिया है. रणवीर का कपूर खानदान से ताल्लुक है और वे ऋषि कपूर व नीतू सिंह के बेटे हैं. कहना न होगा कि उनके मां व पिता दोनो ही हीरो और हीरोइन रह चुके हैं. इसलिये अभिनय तो उनके खून में ही है और वे निर्देशन में भंसाली के शिष्य भी रह चुके हैं, इसलिये जाहिर है उनकी अभिनय क्षमता पर तो शक नहीं किया जा सकता, साथ ही वे हैंडसम भी बहुत हैं, हालांकि सावरिया अभी प्रदर्शित नही हुई है लेकिन उनके महिला प्रशंसको की तादात इतनी बढ गई है कि लगता है सावरिया को हिट करवाने में उनकी महिला प्रशंसको का बहुत बडा़ हाथ रहेगा. सावरिया से ही हीरोइन के रुप में अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर का भी पदार्पण हो रहा है. सोनम की अभिनय क्षमता भी बेजोड़ बताई जा रही है. बालीवुड की राय मानी जाये तो यही कहा जा रहा है कि सोनम अपने अभिनय के दम पर बालीवुड में लंबी पारी खेलेंगी. उनकी तुलना अभी से माधुरी दीक्षित जैसी हीरोइन से की जाने लगी है.
जिसके मां बाप अनुपम और किरण खेर जैसे प्रतिभाशाली कलाकार हों तो फिर कहने को कुछ बचता ही नहीं है. सिकंदर खेर भी बालीवुड के चमकते सितारे होंगे, यह उम्मीद जताई जा रही है. वे संजय गुप्ता की वुडस्टाक विला कर रहे हैं. वहीं बंगाली बाबू मिथुन चक्रवती का बेटा मिमोह भी नये स्टारों की होड़ में है. मिमोह की खासियत उसका विशेष तरह का लुक है. अन्य स्टार पुत्र पुत्रियों की तरह मिमोह की परवरिश मिथुन ने सुविधायुक्त माहौल में नहीं की बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास के साथ जीने की प्रेरणा मिथुन ने मिमोह को दी है. यही वजह है कि उसके चेहरे पर संघर्ष की छाप भी नजर आती है जो कि पुराने जमाने के हीरो जैसे धर्मेद्र, अमिताभ, विनोद व स्वयं उनके पिता मिथुन के चेहरे पर नजर आती थी.
बात जब इमाद शेख की आती है तो बात जैसा बाप वैसा बेटा पर ठहर जाती है. वे नसीरुद्दीन शाह के बेटे हैं और नसीरुद्दीन शाह को अभिनय की चलती फिरती पाठशाला कहा जाता है. इमाद ने यूं होता तो क्या होता में एक छोटी सी भूमिका करने के बाद दिल दोस्ती एस्ट्रा में मुख्य भूमिका की लेकिन इमाद का शौक सिर्फ अभिनय तक ही सीमित नही है. वह गीतकार, लेखक भी है और संगीत की अच्छी जानकारी भी रखता है. यही वजह है कि वह सभी काम में हाथ डाले हुए है और किसी एक व्यावसाय के लिये गंभीर नहीं है.
बालीवुड के अनुसार यदि कोई रितिक रोशन की तरह इंडस्ट्री में छा सकता है तो वह नील नितिन मुकेश है. नील नितिन दरअसल स्व. गायक मुकेश का नाती है और उसने अपने दादा और पिता नितिन की तरह गायन को कैरियर बनाने की बजाय अभिनय करना पसंद किया है. उसकी जानी गद्दार आ चुकी है और यह कम बजट की होने के बावजूद हिट रही है और इसमें नील का काम सराहा गया है. वह सुधीर मिश्रा की फिल्म तेरा क्या होगा जानी और एडलब्स के साथ भी दो फिल्में कर रहे हैं.


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