»   » मुझे और पैसों की ज़रूरत नहीं है, इतना ही काफी है - बाहुबली डायरेक्टर, राजामौली

मुझे और पैसों की ज़रूरत नहीं है, इतना ही काफी है - बाहुबली डायरेक्टर, राजामौली

Written By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

बाहुबली 2 बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ रही है। फिल्म 1250 करोड़ की कमाई करने के बाद अब 1500 करोड़ क्लब की तरफ बढ़ रही है लेकिन फिल्म के डायरेक्टर एसएस राजामौली को इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता है।

एक इंटरव्यू में राजामौली ने कहा कि फिल्म ने काफी सफलता कमाई और इससे ज़्यादा उन्हें और कुछ नहीं है। वो हैदराबाद में एक 2BHK फ्लैट में रहते हैं और उसी में रहेंगे।

ss-rajamouli-tells-he-is-unfazed-baahubali-2-box-office

राजामौली ने ये भी बताया कि मैं, मेरी पत्नी और मेरी बेटी के लिए इतना ही काफी है। हमारे पास एक गाड़ी है जिसे अक्सर मैं ही चलाता हूं। इतना ही नहीं, सूत्र बताते हैं कि कई बार तो राजामौली ऑटो से ही फिल्म के सेट पर पहुंच जाते थे।

बाहुबली 2 की सफलता के बाद राजामौली का कहना है कि उन्हें अब और कुछ नहीं चाहिए और उनकी लाइफस्टाइल पर फिल्म की कमाई का कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मैं ऐसा ही हूं, और ऐसा ही रहूंगा। मैं ऐसे ही कंफर्टेबल हूं।

राजामौली ने बाहुबली के अलावा मगधीरा और ईगा जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं। वहीं बाहुबली को लिखा है उनके पिता केवी विजयेंद्र ने जिन्होंने बजरंगी भाईजान भी लिखी थी।

बाहुबली भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है लेकिन सूत्रों की मानें तो बॉलीवुड को अब इस बात से दिक्कत हो रही है और ज़ाहिर सी बात है कि बाहुबली की सफलता चुभेगी ज़रूर।

वैसे जानिए बॉलीवुड को बाहुबली से क्या क्या सीखने की ज़रूरत है -

बॉलीवुड को जागने की ज़रूरत है

बॉलीवुड को जागने की ज़रूरत है

बाहुबली बॉलीवुड के लिए एक WAKE UP CALL था। अलार्म घड़ी की तरह। कि गुरू अब नहीं जगे तो दिक्कत हो जाएगी। वहीं कई लोगों ने माना कि बाहुबली के बॉक्स ऑफिस के बारे में हर जगह बात हो रही है लेकिन फिल्म के कंटेंट पर बात नहीं हो रही है, जिसकी वजह से फिल्म ने इतनी कमाई की। बॉलीवुड को काफी कुछ सीखने की ज़रूरत है।

ओरिजिनल फिल्में कम

ओरिजिनल फिल्में कम

बॉलीवु़ड में जो भी कंटेंट सुपरहिट हो जाता है, वो ओरिजिनल कम होता है। थोडा इधर से और थोड़ा उधर से लेकर बनाया गया होता है। ऐसे में कंटेंट अगर ठीक तरह से भारतीय सिनेमा के मायनों पर नहीं खरा उतरा तो लोग देखते हैं पर ब्लॉकबस्टर नहीं हो पाता।

बहुत ज़्यादा मसाला

बहुत ज़्यादा मसाला

हमारे यहां अगर मसाला फिल्मों का प्रचलन है तो कुछ ज़्यादा ही प्रचलन हो जाता है। एक के बाद एक धड़ाधड़ वैसी ही फिल्में बनने लग जाती हैं। वहीं अगर कोई मसाला फिल्म बनती भी है तो फिर उसमें इतना मसाला डाल दिया जाता है कि हज़म ही ना हो!

 उम्र के हिसाब से रोल

उम्र के हिसाब से रोल

दिक्कत ये भी है कि बॉलीवुड के दर्शकों को यकीन दिला दिया गया है कि हीरो तो बस पांच या छह हैं। तीन खान, एक अक्षय , एक अजय और बचे कुचे ऋतिक। यानि कि 40 - 50 साल के हीरो ही रोमांस भी करेंगे चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए। वो भी 20 साल की लड़कियों से।

 नाचने गाने वाली हीरोइनें

नाचने गाने वाली हीरोइनें

कभी ध्यान दिया है। हर फिल्म में हीरो तय हो जाता है, शूटिंग शुरू हो जाती है औऱ फिर देर सबेर एक हीरोइन आ जाती है। क्योंकि हीरोइन कौन है, इससे कम ही फिल्मों को ज़्यादा फर्क पड़़ता है। और हीरोइनों का रोल नाचने गाने तक ही सीमित रह जाता है।

कुछ ज़्यादा की गई मार्केटिंग

कुछ ज़्यादा की गई मार्केटिंग

बॉलीवुड में ध्यान फिल्मों पर थोड़ा कम और मार्केंटिंग में काफी ज़्यादा रहता है। फिल्म बनाने से पहले ही उसके बॉक्स ऑफिस पर बात होने लगती है। ये सारी चीज़ें फिल्म की लाइफ तय करती हैं। यही कारण है कि हमारे यहां बमुश्किल फिल्में 10 से 12 दिन ही चल पाती हैं।

प्लान किया गया सीक्वल

प्लान किया गया सीक्वल

हमारे यहां फिल्म की बॉक्स ऑफिस सक्सेस के बाद उसका सीक्वल प्लान होता है जो कि सही तरीका तो बिल्कुल नहीं है। बाहुबली आने पर ही सबको पता था कि फिल्म दो पार्ट में है। वहीं यहां अगर फिल्म चल गई तो सीक्वल बनता है और फिर सीक्वल सीक्वल जैसा कुछ नहीं रहता है।

 समय लेकर बनाई गई फिल्म

समय लेकर बनाई गई फिल्म

हमारे यहां फिल्में समय लेकर और अच्छे प्लान कर बनाने वाले डायरेक्टर बहुत ही कम हैं। बॉलीवुड में फिल्म साइन होती है और फिर फटाफट बना दी जाती है। हालांकि रिसर्च और कहानी में भी समय लगाया जाता है लेकिन पांच साल शायद ही किसी फिल्म को बनाया जाता है।

 आज तक कोई लीक नहीं

आज तक कोई लीक नहीं

बाहुबली 5 सालों से बन रही है लेकिन आज तक फिल्म का कोई भी सीन या तस्वीर लीक नहीं हुई है। और इसका कारण है कि इस इंडस्ट्री में लोग अपने काम के प्रति ज़िम्मेदार भी हैं, ईमानदार भी और समझदार भी।

स्टारकास्ट की लिमिट में थी फीस

स्टारकास्ट की लिमिट में थी फीस

हमारे यहां की तरह साउथ में स्टार्स की फीस आसमान नहीं छूती। एक लिमिट में रहकर ही फीस तय की जाती है जिससे ज़्यादातर फायदा फिल्म को ही मिलता है। वैसे सिवागामी के लिए रम्या ने 2.5 करोड़ की फीस ली जबकि श्रीदेवी ने 6 करोड़ की डिमांड की थी।

 स्टारडम नहीं फिल्म

स्टारडम नहीं फिल्म

बाहुबली ने ये भी साबित कर दिया कि स्टारडम नहीं, फिल्में चलनी चाहिए। हमारे यहां फिल्में स्टारडम के नाम से चलती हैं। जिस दिन ये बंद हो जाएगा उस दिन शायद बॉलीवुड के पास भी एक बाहुबली होगी।

English summary
SS Rajamouli tells he is unfazed by Baahubali 2 box office.
Please Wait while comments are loading...