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#JustIn: मैं भगवान और श्रीदेवी दोनों से ही बहुत ज़्यादा नफरत करता हूं

By Trisha Gaur
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Sridevi: Bollywood Stars mourns sudden demise | FilmiBeat

श्रीदेवी की मौत ने पूरे बॉलीवुड को सदमें डाल दिया है लेकिन रामगोपाल वर्मा के लिए ये किसी डरावने सपने से कम नहीं था। रामगोपाल वर्मा श्रीदेवी के बहुत बड़े फैन हैं और उनकी मौत ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।

राम गोपाल वर्मा ने फेसबुक पर एक दिल छू लेने वाला पोस्ट लिखा है जो ये साबित करता है कि वाकई वो श्रीदेवी के काफी बड़े फैन हैं।

sridevis-sudden-death-shocks-ram-gopal-verma-shares-heart-wrenching-note

रामगोपाल वर्मा ने लिखा कि मैं विश्वास ही नहीं कर पा रहा कि श्रीदेवी नहीं है। ये तो अच्छा है कि उनकी खूबसूरती और उनकी रूमानीपन को हम डायरेक्टर्स ने कैमरे में कैद रखा है। वो देवी थीं। उनके बारे में सब कुछ बहुत रूहानी था। मैं भगवान का धन्यवाद करता हूं कि उन्हें बनाया।

साथ में मैं लूईस लूमियर का धन्यवाद करता हूं कि कैमरा बनाया जिसमें हमने श्रीदेवी को हमेशा के लिए कैद कर लिया। मैं अभी भी यकीन नहीं कर पा रहा हूं कि वो नहीं रहीं। और मैं अपने बिस्तर पर लेटे केवल उनकी यादें समेट रहा हूं।

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काश अभी भी ये एक बुरा सपना हो। मैं जागूं और सब कुछ ठीक हो। लेकिन मैं जानता हूं कि ऐसा नहीं है। मैं श्रीदेवी से नफरत करता हूं। मैं उनसे नफरत करता हूं मुझे ये एससास दिलाने के लिए वो भी बस एक इंसान थीं। कोई देवी नहीं।
मैं उनसे नफरत करता हूं मुझे ये याद दिलाने के लिए कि उनके दिल को भी धड़कते रहने की ज़रूरत होती थी। और वो दिल कभी भी रूक सकता है।

मैं नफरत करता हूं इस बात से कि मुझे ज़िंदा रहना पड़ा उनकी मौत की खबरें सुनने के लिए। मैं भगवान से नफरत करता हूं, उन्हें मार डालने के लिए।

और मैं श्रीदेवी से नफरत करता हूं मर जाने के लिए। श्रीदेवी आप जहां भी हैं, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं और हमेशा करता रहूंगा। आगे पढ़िए रामगोपाल वर्मा का खत -

मुझे लगा कि मज़ाक हो रहा है

मुझे लगा कि मज़ाक हो रहा है

मेरी हमेशा से आदत है कि रात में कई बार उठता हूं और फोन ज़रूर चेक करता हूं। और अचानक एक मेसेज दिखा - श्रीदेवी नहीं रहीं। मुझे लगा या तो मैं सपना देख रहा हूं या ये हमेशा की तरह ही कोई अफवाह है। मैं फिर सो गया। दोबारा उठा तो देखा मेरे पास 50 मेसेज थे ये बताने के लिए कि श्रीदेवी नहीं रहीं।

जब पहली बार श्रीदेवी को देखा

जब पहली बार श्रीदेवी को देखा

जब मैं इंजीनियरिंग कॉलेज में था तो मैंने उनकी पहली तेलुगू फिल्म देखी थी। पधारेल्ला वायासु। मैं उनकी खूबसूरती का दीवाना हो गया था। मैं थियेटर से बाहर निकलते हुए भी सोच रहा था कि कोई इंसान इतना सुंदर नहीं हो सकता है। ये सच्चाई नहीं है।

हर फिल्म के साथ बढ़ी दीवानगी

हर फिल्म के साथ बढ़ी दीवानगी

हर फिल्म के साथ मैं श्रीदेवी के टैलेंट और खूबसूरती का कायल होता गया। मेरे लिए वो किसी दूसरी दुनिया से आई हुईं थीं। जैसे कोई जादूगर, इस दुनिया में आई हो हम सबको अपने अच्चे कामों का फल देने। वो लोगों के लिए एक वरदान थीं कि हम उनके जैसी खबूसूरत चीज़ देख भी पा रहे थे।

मैं केवल गेट पर खड़ा रहता

मैं केवल गेट पर खड़ा रहता

श्रीदेवी के साथ मेरा सिलसिला शुरू हुआ जब मैं शिवा नाम की फिल्म बनाने लगा। मैं रोज़ नागार्जुन के ऑफिस चल के जाता था और वहां से श्रीदेवी के घर जो कि पास में ही था। वहां जाकर मैं बस गेट पर खड़ा हो जाता था।

इस बेवकूफ से घर में रहती थी श्रीदेवी

इस बेवकूफ से घर में रहती थी श्रीदेवी

मुझे विश्वास ही नहीं होता था कि श्रीदेवी इस बेवकूफ से दिखने वाले घर में रह सकती हैं। बेवकूफ इसलिए क्योंकि कोई भी घर इतना सुंदर हो ही नहीं सकता था कि श्रीदेवी को रहने की जगह दे। मैं रोज़ सोचता था कि उनकी एक झलक मिल जाए लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।

जब मिला पहला मौका

जब मिला पहला मौका

शिवा रिलीज़ हुई और हिट भी। फिर मेरे प्रोड्यूसर ने पूछा कि क्या मैं श्रीदेवी के साथ पिल्म करना चाहूंगा? मैंने उससे पूछा - तुम पागल हो क्या? मैं उनको देखने भर के लिए मर तक जाऊं और तुम फिल्म की बात कर रहे हो।

मोमबत्ती में देखा श्रीदेवी को

मोमबत्ती में देखा श्रीदेवी को

मेरी श्रीदेवी के साथ मीटिंग तय हुई। और मैं उस घर के अंदर गया जिसके गेट पर मैं रोज़ खड़ा होता था। हम रात में गए थे और नसीब से बिजली नहीं थी। मैं उनके घर में मोमबत्ती की रोशनी में बैठा था और उस परी के आने का इंतज़ार कर रहा था।

उन्होंने हां कर दी

उन्होंने हां कर दी

उनकी मां आई और बताया कि वो पैकिंग कर रही हैं, मुंबई जाने के लिए। हम इंतज़ार कर रहे थे। वो एक कमरे से दूसरे कमरे में भाग रही थीं, पैकिंग खत्म करने के लिए। और मेरी तरफ देख कर उन्होंने खेद से मुस्कुराया क्योंकि उनके कारण हम इंतज़ार कर रहे थे।

मेरा डायरेक्टर वहीं जाग गया

मेरा डायरेक्टर वहीं जाग गया

हर बार मैं जब उनको यहां से वहां भागते देखता तो मेरे अंदर का डायरेक्टर जाग जाता और मैं स्लो मोशन में उनको इमैजिन करने लगता। आखिरकार वो आईं और कहा कि वो हमारे साथ काम करना चाहेंगी। मैं उनकी मां से बातें करता रहा क्योंकि मुझे उनपर भी प्यार आ रहा था कि आपने श्रीदेवी को जन्म दिया।

सातवें आसमान पर

सातवें आसमान पर

मैं घर आया तो सातवें आसमान पर था। मेरे सामने मोमबत्ती की रोशमी में श्रीदेवी बैठी थीं। वो किसी तस्वीर जैसी मेरी आंखों में छप गई थीं। मैंने क्षमा क्षणम लिखना शुरू कर दिया। मुझे इस फिल्म से श्रीदेवी को इंप्रेस करना था।

उनके चारों ओर एक दीवार थी

उनके चारों ओर एक दीवार थी

श्रीदेवी के चारों ओर एक दीवार थी जिसे कोई पार नहीं कर सकता था। उनका स्टारडम भी अलग था। हम जहां शूटिंग कर रहे थे वहां पूरा शहर आ गया था। उनके बंगले के बाहर 20 हज़ार लोग खड़े हो जाते थे।

मैंने ऐसा स्टारडम नहीं देखा

मैंने ऐसा स्टारडम नहीं देखा

मैंने ऐसा कोई सुपरस्टार आज तक नहीं देखा और अब वो अचानक चली गईं। मेरे हिसाब से भगवान श्रीदेवी जैसे नायाब लोग हज़ार में एक बार बनाता है। हमेशा उन्हें याद रखूंगा।

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    English summary
    Sridevis sudden death shocks Ram Gopal Verma, shares a heart wrenching note. The director has worked woth the late actress in Tamil films.

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