श्रीदेवी की पुण्यतिथि: जान्हवी कपूर, बोनी कपूर, खुशी कपूर ने की चेन्नई में पूजा
24 फरवरी को श्रीदेवी की पुण्यतिथि है और इससे पहले, सोमवार 22 फरवरी को जान्हवी कपूर, खुशी कपूर अपने पिता बोनी कपूर के साथ श्रीदेवी के चेन्नई आवास पहुंचे। सबने मिलकर श्रीदेवी के लिए एक पूजा की। चेन्नई में पूजा करने के बाद जान्हवी और खुशी कपूर को चेन्नई से लौटते हुए एयरपोर्ट पर देखा गया।

2018 में एक हादसे में श्रीदेवी का निधन हो गया था। इसके बाद से उनका परिवार, हर साल, हिंदू तिथि के अनुसार, उनकी पुण्यतिथि पर पूजा करने उनके चेन्नई स्थित आवास पर पहुंचता है। ये तस्वीर 2018 की है जब श्रीदेवी के निधन के बाद जान्हवी कपूर, बोनी कपूर और खुशी कपूर चेन्नई पहुंचे थे।
गौरतलब है कि 24 फरवरी को श्रीदेवी को दुनिया से अलविदा कहे हुए तीन साल हो जाएंगे लेकिन आज भी उनका जाना हर किसी के लिए बहुत बड़ा सदमा है। अभी तक फैन्स इस बात पर यकीन नहीं कर पाते हैं कि श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं। उनकी जाने की याद शायद इतनी दर्दनाक थी कि हर किसी के दिल में एक गहरी टीस छोड़ गई।

पहली बार कहानी बताते हुए टूटे थे बोनी कपूर
श्रीदेवी की मौत के बाद पहली बार बोनी कपूर ने अपने करीबी दोस्त कोमल नाहटा से बात की थी और उस रात की पूरी कहानी बताई थी।ये कहानी जब भी पढ़ो, दिल को दुखा देती है। कोमल ने इसे अपने ब्लॉग पर लिखा था और बताया था कि इस दौरान बोनी बस फूट फूटकर रोते रहे। आखिर उनकी दुनिया खत्म हो चुकी थी।

24 फरवरी के दिन की दुखद कहानी
कोमल नाहटा ने इस ब्लॉग में सीधा सीधा वही लिखा जो बोनी कपूर ने कहा था। बोनी कपूर ने बताया - 24 की सुबह मैंने उससे (श्रीदेवी) बात की, एक इमोशनल बोनी कपूर ने बताया। उसने मुझे बताया, पापा (श्रीदेवी बोनी को इसी नाम से बुलाती थीं), मैं तुम्हें मिस कर रही हूं। मैंने भी उसे बताया कि मैं भी उसे मिस कर रहा हूं। लेकिन मैंने उसे ये नहीं बताया कि मैं शाम को उसके साथ दुबई में होऊंगा।

जान्हवी कपूर ने भी दिया था साथ
जान्हवी ने भी मेरे दुबई वाले आईडिया को अच्छा बताया क्योंकि वो डर रही थी क्योंकि उसकी मां कभी अकेली कहीं नहीं रही है। और वो अपना पासपोर्ट या कोई ज़रूरी कागज़ात इधर उधर ना कर दे।

कभी अकेली नहीं होती थीं श्रीदेवी
बोनी कपूर ने बताया कि पिछले 24 सालों में केवल दो बार वो साथ नहीं रहे थे। एक बार श्रीदेवी न्यूजर्सी गई थीं और दूसरी बार वानकूवर। दोनों ही बार उन्हें कहीं अपनी उपस्थिति देनी थी। हालांकि मैं उसके साथ नहीं था लेकिन मैंने अपने एक दोस्त की पत्नी को उसके साथ भेजा था। ये कहते हुए बोनी की आंखें भर आई थीं। दुबई में वो पहली बार, विदेश में दो दिन के लिए अकेली थी - 22 तारीख और 23 तारीख।

झूठ बोलकर प्लान किया था सरप्राइज़
बोनी ने अपने लिए, 24 तारीख को 3 बजे दोपहर की फ्लाईट बुक की। जब श्रीदेवी ने उन्हें कॉल किया तब वो मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लाउंज एरिया में बैठे थे। चूंकि वो अपनी जान को सरप्राइज़ देना चाहते थे तो उन्होंने कहा कि अगले कुछ घंटे वो एक मीटिंग में रहेंगे और उनका फोन बंद रहेगा, तो वो घबराएं नहीं। बोनी ने वादा किया कि वो जल्दी से जल्दी मीटिंग से फ्री होकर श्रीदेवी को कॉल करेंगे।

साथ बिताना चाहते थे थोड़ा समय
बोनी का प्लान था कि वो शाम को जुमेरा अमीरात टावर होटल में श्रीदेवी को सरप्राइज़ देंगे। बोनी, दुबई के इस होटल में 6.20 पर पहुंचे। जब वो होटल में अपने चेक इन की फॉरमैलिटी पूरी कर रहे थे और श्रीदेवी के कमरे की डुप्लिकेट चाभी ले रहे थे उन्होंने होटल स्टाफ को उनका सामान देर से लाने को कहा। क्योंकि बोनी श्रीदेवी को सरप्राइज़ देना चाहते थे और उनका रिएक्शन देखना चाहते थे।

बोनी कपूर को देख खुश थीं श्रीदेवी
बोनी ने जैसे ही कमरा खोला श्रीदेवी ने उन्हें ज़ोर से गले लगा लिया और वो दोनों किसी युवा प्रेमी जोड़े की तरह मिले। लेकिन श्रीदेवी ने बताया कि उन्हें लग ही रहा था कि बोनी उन्हें लेने दुबई आ ही जाएंगे। बोनी ने रोते हुए बताया, हम गले लगे, एक दूसरे को किस किया और करीब आधा घंटा तक बातें की।

शॉपिंग की पूरी तैयारी थी
इसके बाद बोनी उठे और बाथरूम जाकर फ्रेश हुए। फिर उन्होंने श्रीदेवी को एक रोमांटिक डिनर पर चलने को कहा। उन्होंने श्रीदेवी को सलाह दी कि शॉपिंग रविवार को कर ली जाएगी। फिर दोनों ने तय किया कि वापसी के टिकट बदलकर 25 की रात के कर लिए जाएंगे और 25 का दिन शॉपिंग में निकाल लिया जाएगा।

तैयार होने जाने लगीं श्रीदेवी
श्रीदेवी तब तक आराम करने के मूड में थीं। इसके बाद वो उठीं और अपने रोमांटिक डिनर के लिए तैयार होने जाने लगीं। बोनी ने बताया कि वो लिविंग रूम में चले गए और श्रीदेवी मास्टर बेडरूम के बाथरूम में नहाने और तैयार होने के लिए चली गईं।

बोनी कपूर कर रहे थे इंतज़ार
लिविंग रूम में बोनी टीवी देखने लगे। टीवी पर पाकिस्तान सुपर लीग मैच के हाईलाइट्स आ रहे थे। 15 - 20 मिनट टीवी देखने के बाद वो थोड़े परेशान होने लगे क्योंकि वो शनिवार की शाम थी और रेस्त्रां में भीड़ होने लगेगी। पहले ही 8 बज चुके थे।

बाथरूम के अंदर से नहीं मिला जवाब
बोनी ने लिविंग रूम से ही श्रीदेवी को आवाज़ लगाई। फिर दोबारा आवाज़ लगाई। इसके बाद उन्होंने टीवी का वॉल्यूम कम किया लेकिन श्रीदेवी का कोई जवाब नहीं आया। वो उठे और बेडरूम की तरफ गए। उन्होंने बाथरूम का दरवाज़ा खटखटाया और श्रीदेवी को आवाज़ लगाई। अंदर से नल की आवाज़ आ रही थी।

सबको अलविदा कह गईं श्रीदेवी
बोनी ने दो बार आवाज़ लगाई - जान, जान, लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं मिला। बोनी घबरा गए और दरवाज़ा ढकेला जो कि अंदर से बंद नहीं था। बोनी घबराकर अंदर पहुंचे लेकिन सामने जो देखने वाले थे उसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। टब पानी से लबालब भरा था और श्रीदेवी उसमें पूरी तरह से डूबी हुई थीं। उन्होंने श्रीदेवी को उठाने की कोशिश की लेकिन उनका मन किसी अनहोनी की आशंका से और घबरा चुका था।

बोनी कपूर के लिए असहनीय दुख
श्रीदेवी डूब चुकी थीं। बोनी की दुनिया उनकी आंखों के सामने थरथराते हुए ढह गई। वो खुद गम में डूब गए क्योंकि उनकी दुनिया अब कहीं और किसी दुनिया में जा चुकी थी। दो घंटे पहले वो अपनी पत्नी को सरप्राइज़ देना चाहते थे लेकिन अब उन्हें ज़िंदगी का सबसे बड़ा सदमा लग चुका था। सब कुछ इतना जल्दी हुआ।

किसी को नहीं हुआ विश्वास
श्रीदेवी जो अपने डिनर के लिए तैयार होने गई थीं, शायद किसी और दुनिया में जाने के लिए तैयार होने लगी थीं। उनके पति, उनका परिवार, उनके फैन्स कोई भी इस बात के लिए तैयार ही नहीं था जो हो चुकी थी।

खूबसूरत और ज़िंदादिल श्रीदेवी
ये राज़ श्रीदेवी के साथ ही चला गया कि आखिर उन आखिरी 15 - 20 मिनटों में हुआ क्या? लेकिन इस बात से उनके परिवार और करीबियों को शायद फर्क भी नहीं पड़ता। फर्क पड़ता था तो बस इतना कि श्रीदेवी, करोड़ों दिलों पर राज करने वाली, खूबसूरत और ज़िंदादिल श्रीदेवी अब दिवंगत श्रीदेवी हो चुकी थीं।


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