फ़ैमिली ड्रामा आज भी दर्शकों को पसंद

ऋचा शर्मा
बीबीसी संवाददाता
निर्देशक सूरज बड़जात्या मानते हैं कि आज भी दर्शक पारिवारिक फ़िल्में देखना पसंद करते हैं.
‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी फ़िल्मों के निर्देशक सूरज बड़जात्या मानते हैं कि आज भी दर्शक पारिवारिक फ़िल्में पसंद करते हैं.
सूरज कहते हैं, “आज के परिवेश में भी दर्शक ‘फ़ैमिली ड्रामा’ या पारिवारिक फ़िल्में देखना पसंद करते हैं. अगर सही फ़िल्म बने तो आज भी लोग ऐसी फ़िल्में देखने आएंगे. इसका उदाहरण ‘मुन्ना भाई’ या ‘थ्री ईडियट्स’ जैसी फ़िल्में हैं. हां, हमें आज की समस्याओं पर फ़िल्म बनानी होगी.”
सूरज बड़जात्या, सालों से पारिवारिक फ़िल्में बनाने के लिए मशहूर राजश्री प्रोडक्शन्स का हिस्सा हैं. वो आज भी पारिवारिक फ़िल्में बनाने में यक़ीन रखते हैं.
सूरज कहते हैं, “मैं मानता हूं कि जैसी फ़िल्में आज बन रही हैं, ये उससे बिल्कुल उल्टा है लेकिन किसी-न-किसी को तो बनाना पड़ेगा. इतने छोटे-छोटे बच्चे फ़िल्में देखने आते हैं, वो कुछ तो लेकर जाएं. संघर्ष ये है कि इन फ़िल्मों को आज के हिसाब से बनाना है ताकि ये मनोरंजक भी हों और उपदेश न लगे. अगर फ़िल्म आज की ज़ुबान में हो तो सब समझेंगे.”
और शायद यही वजह है कि राजश्री की नई फ़िल्म ‘इसी लाइफ़ में’ युवाओं पर केंद्रित है. इस फ़िल्म से अक्षय ओबेरॉय और संदीपा धर बॉलीवुड में कदम रख रहे हैं. फ़िल्म का निर्देशन सूरज बड़जात्या की भांजी विधि कासलीवाल ने किया है. ये उनकी पहली फ़िल्म है. फ़िल्म की कहानी भी विधि ने लिखी है.
फ़िल्म के बारे में सूरज कहते हैं, “मैंने विधि से एक ही बात कही थी कि जो भी करो, राजश्री के मूल्य ध्यान में रखना. जब स्क्रिप्ट पढ़ी तो देखा कि उसमें राजश्री के मूल्यों के साथ ही उसकी अपनी सोच भी शामिल है. उसमें उसकी उम्र, कॉलेज और पीढ़ी के अनुभव हैं. हमारे लिए ये एक प्रयोग है और हम उम्मीद कर रहे हैं कि ये राजश्री को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा.”
‘इसी लाइफ़ में’ 24 दिसम्बर को रिलीज़ हो रही है.


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