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    जिया खान ने सुसाईड का फैसला खुद लिया, वो 27 की थी, मैं केवल 21 का - खुलकर बोले सूरज पंचोली

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    सूरज पंचोली आजकल अपनी फिल्म सैटेलाइट शंकर का प्रमोशन कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने पहली बार जिया खान सुसाईड केस के बारे में बात करते हुए पहली बार अपनी सफाई ना देते हुए साफ कहा कि इस केस में उनको घसीटा गया है जबकि उनकी कोई गलती नहीं है।

    सूरज ने इस पूरे केस के बारे में बात की और मीडिया पर भी गुस्सा निकालते हुए कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा दोषी मीडिया ने बना दिया।

    सैटेलाइट शंकर एक सैनिक की कहानी है तो उसमें पब्लिक खींचने का वो दम नहीं है जितना इन सब सवालों में हैं। ये कोई कंट्रोवर्शियल केस था नहीं लेकिन मीडिया ने इसे ऐसा बना दिया।

    पढ़िए इस इंटरव्यू में सूरज ने किन किन बातों का खुलासा किया

    बस यही एक सवाल

    बस यही एक सवाल

    मैं जब भी किसी फिल्म के लिए इंटरव्यू देता हूं तो मुझसे यही सवाल पूछे जाते हैं क्योंकि यही सवाल सबको चटपटे लगते हैं। मेरी फिल्म फिल्म सैटेलाइट शंकर के बारे में जानने और लिखने से आपको वो असर नहीं दिखेगा जितना इस बारे में लिखने से दिखेगा।

    उसका फैसला था

    उसका फैसला था

    कोई भी ये मानने या समझने को तैयार नहीं है कि सुसाईड करने का फैसला जिया का था। उसने वो रास्ता चुना। उसके उस समय की दिमागी हालत ने उसे यही करने की सलाह दी। इसलिए उसके फैसले के लिए किसी और को दोषी ठहराना बिल्कुल गलत है।

    मैं भी सुसाईड करूं?

    मैं भी सुसाईड करूं?

    अब अगर आज मैं भी वही कर लेता हूं तो आप इसके लिए किसको दोषी ठहराएंगे? अब मैं तो मीडियो को दोषी ठहराउंगा क्योंकि मुझ पर इतना प्रेशर बना दिया गया है और मेरे बारे में केवल झूठ लिखा गया है। लेकिन इस तरह आप किसी को दोषी नहीं ठहरा सकते।

    कहां था परिवार?

    कहां था परिवार?

    मुझे लगता है कि कि एक आदमी की सबसे बड़ी ताकत वो खुद होता है। इसके बाद बॉयफ्रेंड के सपोर्ट से ज़्यादा इंसान को उसका परिवार सपोर्ट करता है। मुझे नहीं पता कि उस वक्त उसका परिवार उसे सपोर्ट करने के लिए कहां था जब वो टूट रही थी।

    मैं बस चुप हूं

    मैं बस चुप हूं

    मुझे समझ नहीं आता कि लोग जिया की 27 साल की ज़िंदगी क्यों नहीं देखते हैं। मैं केवल 21 साल का था। वो मुझसे बहुत बड़ी थी। लोग उसके 27 साल की ज़िंदगी पर रिसर्च क्यों नहीं करते हैं। अगर उन्होंने रिसर्च की होती तो उन्हें ऐसी ऐसी चीज़ें पता चलतीं जो उन्हें हिला देती। वो चीज़ें मैं जानता हूं।

    मीडिया करे रिसर्च

    मीडिया करे रिसर्च

    अब मैं वो बातें कहना नहीं चाहता क्योंकि जो इंसान जा चुका है उसके बारे में ऐसी बातें कहना अच्छा नहीं लगेगा। मुझे उसके परिवार से पूरी सहानुभूति है लेकिन जो वो मेरे साथ कर रहे हैं वो गलत है। आप उसकी सुसाईड के लिए केवल एक इंसान को दोषी नहीं ठहरा सकते।

    कपड़े जैसे बदलते हैं रिलेशनशिप

    कपड़े जैसे बदलते हैं रिलेशनशिप

    हर रिलेशनशिप में उतार चढ़ाव होते हैं। लड़ाई झगड़े होते हैं। बहस होती है। फोन पर बहस होना तो आज के ज़माने में कितनी नॉर्मल चीज़ है। लोग तो अपने कपड़ों की तरह अपने रिश्ते बदलते हैं इसलिए मुझे लगता है कि इस केस में मैं बली का बकरा बना दिया गया।

    सीबीआई पर तो भरोसा करो

    सीबीआई पर तो भरोसा करो

    मेरे खिलाफ जितने भी इल्ज़ाम लगाए गए वो अगर सही होते तो सीबीआई इस बारे में कुछ कहती। मैं सीबीआई की पूछताछ भुगत चुका है और ये मेरे लिए आसान बिल्कुल नहीं था। वो इतने बड़े केस निपटाते हैं, मेरा केस तो उनके लिए बहुत छोटा सा था।

    मैंने बहुत झेल लिया

    मैंने बहुत झेल लिया

    लेकिन मैं 21 साल की उम्र में सीबीआई की पूछताछ झेल चुका हूं। सीबीआई से कोई बच नहीं सकता है। वो यूं ही किसी को नहीं छोड़ देते हैं। लेकिन जिया की मां सारा इल्ज़ाम बार बार मुझ पर डाल देती हैं लेकिन कभी कोर्ट नहीं आती हैं। लोग उनसे क्यों नहीं पूछते हैं कि वो कोर्ट क्यों नहीं आती हैं।

    कहां हैं उनकी मां?

    कहां हैं उनकी मां?

    मैं अपने आप को बेगुनाह नहीं साबित कर पा रहा हूं तो कम से कम वो ही मुझे दोषी साबित कर दें। उन्होंने मेरी ज़िंदगी के सात साल खराब कर दिए हैं क्या कोई इस बात की जवाबदेही लेगा?

    English summary
    Sooraj Pancholi opens up on Jiah Khan suicide case and blames media for blowing the case out of proportion. He also asserts it was Jiah's choice to commit suicide.
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