ट्विटर पर डर्टी पिक्चर का हाउसफुल शो

वहीं निर्देशक राम गोपाल वर्मा कहते हैं, 'डर्टी पिक्चर को दिखाए जाने से रोकना बिल्ली को देखकर आंखें मूंदने सरीखा उदाहरण है। जहां हम ये मानकर चलते हैं कि कोई देख ही नहीं रहा है। वर्मा ने ट्विटर के एक यूजर के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा की राजनेता विधानसभा में ब्लू फिल्म देख सकते हैं, लेकिन हम अपने घर में डर्टी पिक्चर का आनंद नहीं ले सकते हैं।'
निर्माता निर्देशक प्रीतीश नंदी ने ट्वीट किया कि 'डर्टी पिक्चर' को न दिखाया जाना यह साफ़ दिखाता है कि, हम क्या देखना चाहते हैं और सरकार हमें क्या दिखाना चाहती है ऐसा करके सरकार अपनी मर्ज़ी को हम पर थोप रही है।
निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट ने तो सरकार द्वारा दिए गए फिल्म को न दिखाए जाने के फैसले पर आंदोलन तक छेड़ने की बात कह डाली उन्होंने ट्वीट किया है कि 'डर्टी पिक्चर'को रात 11 बजे के बाद दिखाया जाना लोगों की दोहरी चाल को दिखाता है। उन्होंने ये भी कहा की अब हम सब को अपनी बिजी दिनचर्या से कुछ फुर्सत के पल निकाल कर इस विषय में चिंतन करना होगा ताकि भविष्य में दोबारा कभी ऐसा न हो।
फिल्म एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने ट्वीट करते हुए कहतीं है कि 'डर्टी पिक्चर' का प्रसारण क्यों रोक दिया? इससे इन बाबुओं को क्या परेशानी हो रही है? वहीं एक यूजर ने कहा कि जब 'रेप 8 बजे के बाद होता है तो ऐतराज नहीं तो 'डर्टी पिक्चर' पर इतना विवाद क्यों?
बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक करण जौहर भी इस बात से काफी खफा दिखे। उन्होंने ट्वीट किया, 'एक नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म को नेशनल टेलीकास्ट से रोका गया है, क्या यही हमारा असल लोकतंत्र है?
गौरतलब है की विद्या बालन, नसीरूद्दीन खान, इमरान हाश्मी और तुषार कपूर जैसे सितारों से सजी इस फिल्म का रविवार को टीवी पर प्रसारण टाल दिया गया। फिल्म को दोपहर 12 बजे और रात 8 बजे दिखाया जाना था। लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चैनल को निर्देश दिया कि फिल्म का प्रसारण लेट नाइट किया जाए। 'द डर्टी पिक्चर' वयस्कों की 'ए' रेटिंग वाली फिल्म है। लेकिन 59 जगह कांट-छांट के बाद फिल्म को टीवी पर दिखाए जाने के लिए 'यूए' सर्टिफिकेट मिला था।
तुषार ने ट्वीट किया, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांट-छांट और 'यूए'सर्टिफिकेट के बावजूद फिल्म को टीवी पर नहीं दिखाया गया।'वहीं डायरेक्टर पुनीत मल्होत्रा ने ट्वीट किया है, 'मंत्री हमें घर पर डर्टी पिक्चर देखने से रोकते हैं लेकिन जब वो असेंबली में पॉर्न देखते हैं तो उसका क्या?
मशहूर लेखक चेतन भगत ने ट्वीट किया है,'टीवी चैनल अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम तो दिखाते हैं लेकिन 68 जगह कांट-छांट के बाद डर्टी पिक्चर को दिखाने में उन्हें नुकसान नजर आता है।' बहरहाल अब देखने वाली बात ये है की ट्विटर पर जारी ये जंग क्या असल में अधिकारों की लडाई है या महज टाइम पास करने का एक जरिया मात्र है।


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