राष्ट्रीय भाषा की डिबेट में कूदे सोनू सूद, बोले 'भारत की सिर्फ एक भाषा है'
हिंदी को देश की राष्ट्रीय भाषा माना जा सकता है या नहीं ये बहस अभी की नहीं है बल्कि अक्सर होती रही है। लेकिन अजय देवगन और किच्चा सुदीप के ट्वीट्स के बाद ये विषय फिर से चर्चा में है। अब इस पर चल रही बहस पर अभिनेता सोनू सूद ने अपनी बात साझा की है। सुदीप की हालिया टिप्पणी की ओर थोड़ा झुकते हुए सोनू ने कहा कि भारत मनोरंजन की भाषा से एकजुट है। सोनू सूद ने कहा कि,
"मुझे नहीं लगता कि हिंदी को सिर्फ राष्ट्रभाषा कहा जा सकता है। भारत की एक भाषा है, जो मनोरंजन है। यह वास्तव में मायने नहीं रखता कि आप किस उद्योग से संबंधित हैं। यदि आप लोगों का मनोरंजन करते हैं, तो वे आपसे प्यार करेंगे, आपका सम्मान करेंगे और आपको स्वीकार करेंगे।"

"वह दिन गए जब लोग कहते थे कि 'अपना दिमाग छोड़ दो'। वे अपने दिमाग को पीछे नहीं छोड़ते और एक औसत फिल्म पर हजारों रुपये खर्च करते हैं। केवल अच्छे सिनेमा को स्वीकार किया जाएगा,
"सोनू ने कहा। सोनू सूद का ये बयान काफी चर्चा में चल रहा है। इसके अलावा उन्होने कहा कि, बॉक्स ऑफिस पर साउथ की फिल्मों का शानदार प्रदर्शन "हिंदी फिल्मों के निर्माण के तरीके को बदल देगा"।
उनकी टिप्पणी सुदीप और अजय देवगन द्वारा संसदीय राजभाषा समिति की 37 वीं बैठक के साथ-साथ केजीएफ 2 और आरआरआर की भारी सफलता के दौरान अमित शाह द्वारा पारित एक बयान पर अपनी राय साझा करने के बाद आई है। अपने काम और बयानों को लेकर सोनू सूद अक्सर चर्चा में रहते हैं।


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