शतकीय सिनेमा को बयां कर पाना नामुमकिन: सोनाली बेंद्रे
अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे कहती हैं कि भारतीय सिनेमा के सौ साल में से अपने करियर की कुछ चुनिंदा यादें साझा करना बहुत मुश्किल काम है। उन्होंने कहा कि 'गाइड' जैसी बेहतरीन फिल्म के अलावा उनकी फिल्म 'जख्म', 'सरफरोश' और उनकी पसंदीदा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित सहित भारतीय सिनेमा के बारे में बात करने के लिए उनके पास काफी कुछ है।
भारतीय सिनेमा ने अपने सौ साल पूरे कर लिए हैं। बेंद्रे ने कहा कि सौ सालों में से कुछ चुनिंदा बातों के बारे में ही बता पाना बड़ा मुश्किल है। भारतीय सिनेमा में कितनी ही उम्दा और बेहतरीन फिल्में हैं और यादगार पल शामिल हैं।
बेंद्रे ने अपनी चुनिंदा यादों का जिक्र करते हुए महेश भट्ट की 'नाराज', 'जख्म' और जॉन मैथ्यू की 'सरफरोश' की चर्चा की।
बेंद्रे ने गीतों को भारतीय सिनेमा का अभिन्न अंग बताते हुए फिल्म 'गाइड' के गीतों 'आज फिर जीने की तमन्ना है' और 'पिया तोसे नैना लागे' की प्रशंसा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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