150 कमरों के शाही पटौदी पैलेस में सोहा अली खान को मिला सिर्फ एक जनरेटर रूम! खुद खोला बड़ा राज
Soha Ali Khan On Pataudi Palace: सैफ अली खान बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता है और आपको बताते चलें कि पटौदी पैलेस के मालिक भी हैं। लेकिन आपको बता दें कि उनकी बहन और अभिनेत्री सोहा अली खान उसे जगह की मालकिन है जो एक वक्त पर इस प्रॉपर्टी का जनरेटर रूम हुआ करता था।

जब पटौदी पैलेस को एक होटल चैन को लीज पर दे दिया गया था तो इस जगह को दो बेडरूम वाले अपार्टमेंट में तब्दील कर दिया गया। सोहा अली खान ने कई बार अपने शाही घर को लेकर बात की है। उन्होंने बताया था कि किस तरीके से जनरेटर रूम उन्हें विरासत में मिल गया था। क्यों वह इस जगह के रखरखाव का पूरा खर्चा उठाती हैं। किस तरीके से उनका परिवार तकरीबन 100 साल पुराने इस पैलेस को संभाल कर रखता है।
जनरेटर रूम की मालकिन है सोहा अली खान
जूम के साथ इंटरव्यू के दौरान सोहा अली खान ने बताया कि यह कैमरा परिवार को तब मिला था जब महल को एक होटल चैन को लीज पर दे दिया गया था। अभिनेत्री ने बताया कि "मेरे पास में यह कमरा है जो पहले जनरेटर रूम था। लेकिन सबसे अच्छी बात यही है कि कुछ वक्त के लिए एक होटल पटौदी पैलेस को मैनेज करने लगा था और मेरे माता-पिता जनरेटर रूम में रहने के लिए चले गए थे। उन्होंने उसे एक बहुत ही अच्छी जगह में बदल दिया और यह अब मेरे पास में है।"
अपने हिस्से की प्रॉपर्टी की जिम्मेदारी खुद देखती हैं अभिनेत्री
Housing.com के साथ में एक और इंटरव्यू के दौरान सोहा अली खान ने बताया था कि उसे जगह को एक बहुत ही आरामदायक टू बैडरूम अपार्टमेंट में बदल दिया गया था। ऐसा इसीलिए क्योंकि जब नीमराना होटल महल का मैनेजमेंट संभालते थे और तब अभिनेत्री के पेरेंट्स को रहने के लिए जगह चाहिए थी। लेकिन महल का बाकी का हिस्सा सैफ अली खान का है और सोहा अली खान ने बताया कि प्रॉपर्टी के अपने हिस्से की देखभाल की जिम्मेदारी वही करती हैं।
होटल को लीज पर दिया गया था महल
यह महल दशकों तक पटौती परिवार के पास रहा है और फिर उसके बाद साल 2005 से लेकर 2014 के बीच में इसे नीमराना होटल को लीज पर दे दिया गया था। पिछले कुछ सालों से ऐसी भी खबरें आई कि सैफ अली खान ने अपने पिता मंसूर अली खान पटौदी के निधन के बाद इस महल को वापस खरीदा।
साल 2011 में मंसूर अली खान पटौदी का निधन हो गया और उसके बाद सैफ अली खान ने लीज को खत्म कर दिया था। अभी के वक्त में यह महल एक बार फिर परिवार के निजी आवास के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसी के अलावा कभी-कभी फिल्मों की शूटिंग के लिए भी किराए पर दिया जाता है।
सैफ अली खान की दादी ने दी थी सलाह
इंडिया टुडे के साथ बातचीत के दौरान सैफ अली खान ने इस प्रॉपर्टी को लेकर बात की थी और अपनी दादी की उसे सलाह को भी याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि महल कभी भी होटल में नहीं बदलना चाहिए। ऐसा इसीलिए क्योंकि इसका अपना एक इतिहास है और उनके पिता का यह भी मानना था कि बदलते वक्त के साथ चलने के लिए इसे लीज पर देना बहुत ही जरूरी था।
दादा दादी से लेकर पिता को भी यही दफनाया गया
सैफ अली खान ने यह भी बताया था कि यह महल जहां पर उनके दादा-दादी और पिता को भी दफनाया गया था। उनके परिवार की विरासत का एक बहुत ही बड़ा हिस्सा माना जाता है। एक्टर ने बताया कि "मेरे दादा-दादी और पिता वहीं पर दफन है। यह मेरे परिवार का घर है और मैं इस घर को उनकी यादों और भावना के साथ में फिर से वैसा ही बनना चाहता हूं।"


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