'स्लमडॉग' के दो बच्चों को कांग्रेस देगी घर

प्रशासन ने पिछले दिनों जब स्लम हटाने का एक अभियान शुरू किया था तो उसमें अज़हर और रूबीना के घर भी तोड़ दिए गए थे.
दोनों बाल कलाकार मुंबई के इन्हीं स्लम इलाकों में रहते थे. इस अभियान में उनके घर टूट गए.
दोनों कलाकारों को स्लम मिटाओ कार्यक्रम के तहत घर मुहैया कराया जा रहा है. ये और बात है कि अज़हर और रूबीना जिस स्लम में रहते थे, उस स्लम के दूसरे लोगों को सरकार की इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.
राज्य के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने अज़हर और रूबीना को घर मुहैया कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
बताया जा रहा है कि घर के लिए पैसों का इंतजाम कांग्रेस की मुंबई शाखा करेगी. कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि घर की पेशकश अज़हर और रूबीना के लिए पुरस्कार जैसा है क्योंकि इस फ़िल्म में दोनों ने अपने काम से देश का सम्मान बढ़ाया है.
"छोटा है घर"
स्लमडॉग मिलियनेयर फ़िल्म बनाने वाली प्रोडक्शन कंपनी ने एक ट्रस्ट भी बनाया है जो अपने स्तर पर दोनों बच्चों के लिए घर और उनकी परवरिश की व्यवस्था करने की बात कर रही है.
फिल्म बनाने वाली कंपनी ने अज़हर के लिए एक घर का बंदोबस्त करने की बात की है.
फिल्म के निर्देशक डैनी बॉयल ने बताया कि ट्रस्ट ने अज़हर के लिए घर ख़रीद लिया है जबकि रूबीना के लिए भी जल्द ही घर की व्यवस्था हो जाएगी.
लेकिन अज़हरुद्दीन की माँ शामिन इस्माइल ने सरकार की ओर से दिए जा रहे घर को परिवार की ज़रूरत के हिसाब से छोटा और शहर से बहुत दूर बताया है.
शामिन ने कहा, "हमारा परिवार बढ़ सकता है. बेहतर होगा कि हमें बड़ा घर दिया जाए." सरकार ने जिस घर की पेशकश की है वह मुंबई के पश्चिम में मलाड में बना हुआ है.
स्लम में बना अपना घर टूटने के बाद से रूबीना अपने एक रिश्तेदार के घर रह रही है लेकिन अज़हर को तंबू में समय गुजारना पड़ रहा है.


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