क्रिकेट के बाद सिद्धू की एक और पारी

अभी तक वो क्रिकेटर, कमेंटेटर और टीवी के हास्य कार्यक्रम में जज के रूप में जाने जाते थे लेकिन अब वो एक नई भूमिका में हैं.
उनकी पंजाबी फ़िल्म 'मेरा पिंड-माइ होम' पंजाब में रिलीज़ हुई है और अब इसे देश के अन्य स्थानों पर इसे रिलीज़ किया जा रहा है.
इसमें नवजोत सिंह सिद्धू ने हीरो की भूमिका निभाई है.
गुरुवार को इसका विशेष प्रदर्शन दिल्ली में भाजपा नेताओं के लिए किया गया.
| मैंने मुहावरा बदल दिया है और मैं मास्टर आफ़ ऑल ट्रेड बन गया हूँ |
सिद्धू बताते हैं कि उन्होंने इस फ़िल्म में एक एनआरआई की भूमिका निभाई है जो विदेश जाता है और छोटे मोटे काम धंधे करता है लेकिन भारत में काम धंधे के प्रस्तावों को ठुकरा देता है.
बाद में उसे इसका ज्ञान होता है और वह वापस अपने गाँव लौटता है और यहाँ काम शुरू करता है और अपने पिंड यानी गाँव की तरक्की में अहम भूमिका निभाता है.
'सोच बदलने की कोशिश'
सिद्धू कहते हैं ये फ़िल्म पंजाब के युवाओं के सोच को बदलने की एक कोशिश है.
नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि उन्होंने एक नई पारी खेली है
उनका कहना था,'' मेरा मानना है कि गाँव बदलेगा तो पंजाब बदलेगा, उससे हिंदुस्तान बदलेगा.''
फ़िल्म के एक अन्य कलाकार हरभजन मान हैं, सिद्धू कहते हैं कि फ़िल्म में उन्होंने ढाबा खोलकर और उसे सफलतापूर्वक चलाकर युवाओं के सामने एक उदाहरण पेश किया है.
अचानक फ़िल्म में हाथ आजमाने के सवाल पर सिद्धू का कहना था,'' मैंने मुहावरा बदल दिया है और मैं मास्टर आफ़ ऑल ट्रेड बन गया हूँ.''
फ़िल्म के निदेशक मनमोहन सिंह का कहना था कि पंजाब के युवाओं को ध्यान में रखकर ये फ़िल्म बनाई गई है.
उनका कहना था कि इस फ़िल्म के ब्रिटेन, कनाडा, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और जर्मनी के 56 प्रिंट रिलीज़ किए गए हैं.
मनमोहन का कहना था कि फ़िल्म ने विदेशों में सात लाख डॉलर से अधिक की कमाई की है.
फ़िल्म की निर्माता बिग पिक्चर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील खेत्रपाल का दावा है कि ये पंजाबी की अब तक की सबसे सफल फ़िल्म है.


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