'सत्यजीत रे के साथ शूटिंग एक अनोखा अनुभव'
यहां 16वें कोलकाता फिल्म महोत्सव में गुरुवार को वृत्तचित्र के पहला सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद रॉय ने कहा, "शूटिंग के दौरान हमें हमेशा सचेत रहना पड़ा। बाद में अन्य फिल्मों की शूटिंग के दौरान यह अनुभव मेरे काम आया।" यह वृत्तचित्र फिल्म 'सिक्किम' के प्राकृतिक सौंदर्य और वहां के लोगों की मासूमियत व सहजता को प्रदर्शित करती है। यह वहां के लोगों के जीवन जीने के ढंग को प्रस्तुत करती है। रे ने फिल्म में कमेंट्री भी की है, जिसमें सिक्किम का संक्षिप्त इतिहास पेश किया गया है।
सतत्तर वर्षीय रॉय ने फिल्म की शूटिंग के यादगार पलों के विषय में बताते हुए कहा, "मुझे एक दृश्य अब भी याद है, इसके लिए हमें झाड़ियों और जंगल के बीच के एक क्षेत्र में शूटिंग करनी थी। स्थानीय लोगों ने हमसे कहा था कि वह इलाका जोंकों से भरा हुआ है। हम शूटिंग में इतने डूबे हुए थे कि हमने कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं किया।"
उन्होंने कहा, "लेकिन जब हम शूटिंग से वापस लौटे तो हमने देखा कि हमारे शरीर के ज्यादातर हिस्सों पर जोंक चिपकी हुई हैं। हमने इस फिल्म की शूटिंग में बहुत खून बहाया है।" रे ने 1971 में इस वृत्तचित्र फिल्म का निर्माण किया था। वर्ष 1975 में सिक्किम के भारत में शामिल होने के बाद विदेश मंत्रालय ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था।


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