'गैंगस्टर' शाइनी को 50000 मुचलके पर मिली हाईकोर्ट से बेल
आपको बता दें कि किसी सिनेमा की कहानी की तरह शाइनी रेप केस भी बड़ा रोचक और नाटकीय रहा है। पहले नौकरानी ने आकर शाइनी पर रेप का मामला दर्ज कराया, फिर वो ही नौकरानी मुकर गई, जिसके बाद लगने लगा था कि शाइनी बच जायेंगे लेकिन फिर बाद में शाइनी की नौकरानी ने अपना बयान पहले वाला दर्ज कराया और शाइनी को लोअर कोर्ट ने सात साल की सजा सुना दी।
खैर जो अपील शाइनी की ओर से हाईकोर्ट में की गई है उसमें साफ तौर पर कहा गया है कि जब नौकरानी की ओर से इस बात का खंडन किया जा चुका है कि उसके साथ रेप नहीं हुआ है तो फिर रेप का केस कैसे बनता है? यहां तक कि उसकी चिकित्सकीय जांच भी नकारात्मक है। शाइनी और पीड़िता की जांच करने वाले चिकित्सकों द्वारा दिए गए सबूतों से भी इस बात की पुष्टि होती है कि पीड़िता के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था। इसके अलावा वीर्य और खून के नमूने भी शाइनी के डीएनए से मेल नहीं खाते हैं।
गौरतलब है कि बीते 30 मार्च को निचली अदालत ने शाइनी को दोषी करार देने के समय कहा था, 'डीएनए रिपोर्ट की जांच सकारात्मक रही थी। यह घटना वर्ष 2009 की है। शाइनी पर आरोप है कि उसने अपने आवास पर नौकरानी के साथ दुष्कर्म किया । महिला की ओर से मजिस्ट्रेट के समक्ष दिये गये बयान को अदालत ने सही माना था।
और कोर्ट ने ये भी कहा था कि वो उस नौकरानी पर भी नकेल कसने जा रहा है, जिसके साथ शाइनी ने रेप किया था। कोर्ट का कहना था कि शाइनी की नौकरानी ने अपना बयान पलट कर कोर्ट को गुमराह और उसका समय बर्बाद करने की कोशिश की थी। जिसकी वजह से नौकरानी के ऊपर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। शाइनी को सजा सुनाने वाले जज पी.एम. चौहान ने अपने फैसले में कहा कि अदालत ने नौकरानी के बयान पर भरोसा किया था। इस लिए नौकरानी भी दंड की हकदार है।


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