भारत में छाया शिन चैन का जादू! 'The Spicy Kasukabe Dancers' की बच्चों के लिए रखी गई स्पेशल स्क्रीनिंग

Shin Chan Special Screening For Kids: शिन चैन: द स्पाइसी कसुकाबे डांसर्स- बच्चों और बड़ों के बीच मशहूर कार्टून कैरेक्टर शिन चैन एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आया है। यह फिल्म 26 सितंबर को भारत के सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज हुई और रिलीज होते ही दर्शकों के बीच छा गई।
कहानी में है मस्ती, दोस्ती और धमाल
फिल्म की कहानी शिन चैन और उसके दोस्तों- बो चैन, नेने, मसाओ और कजामा की है, जो गलती से एक डांस ग्रुप में पहुंच जाते हैं। वहां से शुरू होती है उनकी मजेदार और शरारतों से भरी जर्नी, जिसमें कॉमेडी, दोस्ती और ढेर सारी हंसी देखने को मिलती है। शिन चैन की मस्तीभरी हरकतों और तुनकमिजाज अंदाज ने एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया।
टीवी से बड़े पर्दे तक शिन चैन का जादू
जो लोग बचपन में टीवी पर शिन चैन देखते थे, उनके लिए उसे अब Dolby Atmos साउंड के साथ सिनेमाघर में देखना एक नया एक्सपीरिएंस रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है और यह एक सरप्राइज हिट बन गई है। यह साबित करता है कि शिन चैन आज भी हर उम्र के लोगों का फेवरेट है।
बच्चों के लिए खास स्क्रीनिंग
फिल्म के प्रमोशन के दौरान, Dailyhunt और Filmibeat ने TV Asahi के साथ मिलकर चेन्नई और हैदराबाद में NGO से जुड़े बच्चों के लिए फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग्स रखीं। बच्चे अपने प्यारे शिन चैन को बड़े पर्दे पर देखकर बेहद खुश हुए। उन्होंने खूब हंसी, तालियां बजाईं और फिल्म का जमकर आनंद लिया।
TV Asahi की मैइको सुमिदा ने कहा- 'क्योंकि यह फिल्म भारत पर आधारित है, इसलिए हमें खुशी है कि हम इसे ज्यादा से ज्यादा भारतीय बच्चों तक पहुंचा पा रहे हैं। बच्चों को फिल्म देखकर जो खुशी मिली, वो हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम है।' Happening 365 Synergies के अनुरोन मुखर्जी और कल्पिता जाधव ने भी कहा- 'बच्चों की मुस्कान देखकर दिल खुश हो गया। यह रिलीज हमारे लिए बेहद खास बन गई।'
इन संस्थाओं ने बढ़ाई फिल्म की चमक
सेवाभारती तमिलनाडु: स्वामी विवेकानंद की सोच से प्रेरित यह संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सेवा के लिए काम करती है। इसका मकसद है बच्चों को एक सुरक्षित माहौल देना, जहां वे आगे बढ़ सकें।
नालंदावे फाउंडेशन (चेन्नई और हैदराबाद): यह संस्था पिछले 20 सालों से आर्ट और क्रिएटिविटी के जरिए बच्चों की जिंदगी बदल रही है। इनके प्रोग्राम बच्चों में सेल्फ कॉन्फिडेंस और इमोशनल बैलेंस बढ़ाने में मदद करते हैं।
स्फूर्ति फाउंडेशन (हैदराबाद): यह NGO जरूरतमंद बच्चों को घर, एजुकेशन और केयर देता है। साथ ही बच्चों को जीवन कौशल सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाता है।
फिल्म बनी खुशियों की वजह
इन स्पेशल स्क्रीनिंग्स ने फिल्म की रिलीज को और भी यादगार बना दिया। बच्चों की हंसी और खुशी ने इस मौके को खास बना दिया। शिन चैन: द स्पाइसी कसुकाबे डांसर्स सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा एक्सपीरिएंस बन गई है जो हंसी, मस्ती और प्यार के जरिए पीढ़ियों को जोड़ती है।


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