मुनमुन सेन की मम्मी अभिनेत्री सुचित्रा सेन की हालत अब भी स्थिर
अस्पताल ने हेल्थ बुलेटिन में कहा है कि सुचित्रा सेन की हालत अब स्थिर है। उनकी सांस और धड़कनें भी सामान्य हो गई हैं। उन्होंने नाश्ता किया और अब उन्हें पहले की अपेक्षा आराम है। उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।"
मालूम हो कि बड़े पर्दे पर उनकी पहली फिल्म 'शैरे छुत्तौर' (बंगाली) थी। उन्हें बंगाली की 'दीप ज्वाले जाय' और 'उत्तर फालगुनी' सरीखी फिल्मों के लिए जाना जाता है। वहीं, हिन्दी में वह 'देवदास', 'बंबई का बाबू' और 'ममता' और 'आंधी' सरीखी फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं।
वर्ष 1978 में अपने सिनेमाई करियर को अलविदा कहने वाली यह अभिनेत्री 'सात पाके बंधा' के लिए वर्ष 1963 में मास्को फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीत चुकी हैं। फिल्मों से संन्यास के बाद से वह एकांतपूर्ण जीवन जी रही हैं। वह सिर्फ अपनी अदाकारा बेटी मुनमुन सेन और नातिन रीमा और रिया सेन से ही मिलती हैं।


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