शेखर कपूर की ड्रीम प्रोजेक्ट 'पानी'

मासूम, बैंडिट क्वीन, मिस्टर इंडिया, एलिज़बेथ और उसका सीक्वेल बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निर्देशक शेखर कपूर ने अपनी अगली फ़िल्म ‘पानी’ पर काम शुरु कर दिया है.
फ़िल्म प्रीप्रोडक्शन स्टेज में है और इस सिलसिले में वो कुछ समय पहले चेन्नई भी गए थे. इस फ़िल्म और भविष्य की उनकी योजनाओं के बारे में बीबीसी ने शेखर कपूर से बातचीत की है.
पानी की कहानी
‘पानी’ के बारे में शेखर कहते हैं, "पूरी दुनिया में, ख़ासकर भारत, अफ़्रीका, दक्षिण अमरीका, चीन इत्यादि में पानी ख़त्म हो रहा है. मैं पानी पर एक फ़्यूचरिस्टिक फ़िल्म बना रहा हूँ. फ़िल्म की कहानी में भविष्य में एक शहर में पानी ख़त्म हो जाता है और पानी को लेकर लड़ाई शुरु हो जाती है. जिन लोगों के पास पानी है वो उसे जमा करते हैं और हथियारों से उसकी रक्षा करते हैं. पानी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करके वो दूसरे लोगों को दबाते हैं. इस बात को लेकर एक क्रांति आ जाती है जिसकी कहानी है पानी."
फ़िल्म एक अभिजात्य वर्ग की लड़की और ग़रीब तबके के लड़के की भी प्रेम कहानी है. शेखर कहते हैं कि वो एक गंभीर विषय को मनोरंजक तरीके से दर्शकों के सामने पेश करना चाहते हैं.
शेखर कपूर मानते हैं कि जैसे-जैसे आदमी को सफलता मिलती है उसके साथ उसकी ज़िम्मेदारी भी बढ़ती है. वो कहते हैं, "मैं अब वही फ़िल्में करना चाहता हूँ जिनका कुछ मतलब निकले, जो दूसरों को छू जाए."
शेखर कहते हैं, "अगर हमने पानी के मसले को अभी नहीं संभाला तो हमारी आने वाली पीढ़ियों के पास पानी नहीं होगा. और सौ साल बाद लोग कहेंगे कि एक ज़माना था जब सबके नलों में पानी आता था, वो क्या ज़माना होता होगा. वो ज़माना अब जा रहा है."
पानी के विषय पर फ़िल्म बनाने के बारे में शेखर कपूर ने पंद्रह-सोलह साल पहले सोचा था. वो कहते हैं कि ये उनकी ड्रीम प्रोजेक्ट है. शेखर कहते हैं, "जब पंद्रह-सोलह साल पहले इसकी कहानी लिखी थी तब लोग इस बारे में बात ही नहीं करते थे. साल-दो साल पहले भी जब मैंने इस फ़िल्म के विषय में लोगों से बात की, तब भी उनकी इसमें रुचि नहीं थी. लेकिन अब ये एक बड़ी प्रौजेक्ट बन गई है और लोग इसमें शामिल होना चाहते हैं."
भविष्य की फ़िल्में
भविष्य में शेखर कपूर कॉकरोचस पर एक फ़िल्म बनाना चाहते हैं.
कॉकरोच पर फ़िल्म के बारे में शेखर ने बताया, "सब कहते हैं कि कॉकरोच परमाणु त्रास्दी में भी जीवित बच जाएंगे. मैंने सोचा क्यों न ऐसी फ़िल्म बनाई जाए. आइडिया ये है कि तिलचट्टों को इस बारे में पता चल जाता है कि आख़िरकार तो पृथ्वी पर वही बचेंगे. ऐसे में वो पृथ्वी को अपने नियंत्रण में ले लेते हैं."
इसके अलावा शेखर कपूर की गौतम बुद्ध पर भी फ़िल्म बनाने की इच्छा है.


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