12 बरस में पिता बनने का एहसास :
फ़िल्म 'थैंक्स मां' के लिए 'सर्वोत्तम बाल कलाकार' का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले शम्स पटेल कहते हैं कि उनका फ़िल्मों में आना एक इत्तेफ़ाक़ है.
इस फ़िल्म में शम्स एक 12 साल के बेघर बच्चे का किरदार निभा रहे हैं जिसे सड़क पर एक छोटा बच्चा मिलता हैं और कई मुश्किलों का सामना करने के बाद वो उस बच्चे को उसके मां-बाप तक पहुंचाता है. शम्स ने बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा, "इस फ़िल्म में मैं म्युनिसपैलिटी नाम के एक बेघर बच्चे का किरदार निभा रहा हूं और मैं अपने साथियों के साथ एक सड़क पर मिले बच्चे का ध्यान रखता हूं. मेरे लिए ये एक बड़ा ही अनूठा अनुभव था क्योंकि इतनी छोटी सी उम्र में मुझे पिता बनने का एहसास हुआ."
शम्स पटेल फ़िल्म के निर्देशक इरफ़ान कमल के भांजे हैं लेकिन फिर भी इस फ़िल्म का हिस्सा बनने के लिए उन्हें ऑडिशन देना पड़ा.
शम्स कहते हैं, "मेरे मामा यानी इरफ़ान कमल ने मुझे कहा कि अगर मैं ये फ़िल्म करना चाहता हूं तो ऑडिशन देना होगा. मैं दो महीने की कार्यशाला का हिस्सा बना जहां लगभग 200 बच्चे आए थे लेकिन फिर आख़ीर में मुझे चुना गया."
शम्स पटेल कहते हैं कि उन्होंने फ़िल्मों में काम करने के बारे में कभी नहीं सोचा था. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मैं फ़िल्मों में कैसे आया क्योंकि इस बारे में मैंने ज़िन्दगी में कभी नहीं सोचा था. मुझे तो मेरे मामा की वजह से मौका मिला और उसी वजह से आज मैं यहां पर हूं." फ़िल्म 'थैंक्स मां' में शम्स पटेल के अलावा रणवीर शौरी, आलोक नाथ, रघुबीर यादव और बैरी जॉन जैसे अभिनेता हैं. ये फ़िल्म देश भर में पांच मार्च को रिलीज़ की गई है.


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