पिता की वजह से कभी कैमरे के सामने नहीं आईं शमशाद बेगम

शमशाद बेगम ने अपने पिता से वादा किया था कि वो कभी भी कैमरे के सामने नहीं आएंगी इसलिेए उन्होंने कभी भी फोटो के लिए पोज नहीं दिया। लेकिन 1970 के अंत तक कोई नहीं जानता था कि इतने खूबसूरत गीतों को गाने वाली शमशाद बेगम असल में दिखती कैसी है। शमशाद बेगम ने बतौर सिंगर अपने करियर की शुरुआत की 1933 में। 1941 में जब उन्होंने फिल्म खजांची के लिए गाने गाए तब वो बॉलीवुड में सैटल हो चुकी थीं। शमशाद बेगम ने लाहोर के पेशावर रेडियो से रेडियो पर गाना गाने की शुरुआत की थी। हर किसी को उनकी खूबसूरत आवाज याद थी लेकिन कोई उन्हें चेहरे से नहीं पहचानता था। शमशाद बेगम ने 1980 के बाद से इंटरव्यू देने शुरु किये उनका आखिरी इंटरव्यू 2012 में पब्लिश हुआ था।
अमिताभ बच्चन ने शमशाद बेगम के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया "कई सारी पुरानी हिट फिल्मों में अपनी बेहतरीन आवाज देने वाली प्ले बैक सिंगर शमशाद बेगम की सुनहरी आवाज खामोश हुो गयी है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।" फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने ट्वीट किया ठशमशाद बेगम को सच्चे मायने में भारत की कोयल कहा जा सकता है। वो अपने गानों के जरिये अमर रहेंगी।" शमशाद बेगम अपनी बेटी और दामाद के साथ मुंबई में रहती थीं। बताया गया कि पिछले कुछ समय से शमशाद बेगम की तबियत कुछ ठीक नहीं थी और 24 अप्रैल के हूी उनका निधन हो गया।


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