शाहरुख को भी सताता है असफलता का डर

शाहरुख ने कहा "मेरे पास एक खूबसूरत सा परिवार है। कुछ करीबी दोस्त हैं जिनके साथ मैं अपना वक्त व्यतीत करता हूं। मैं अपने पिता की तरह नहीं मरना चाहता। मैं अनजान इंसान की तरह नहीं मरना चाहता। मैं सफल होना चाहता हूं। मेरा यकीन करिये टॉप पर बहुत अकेलापन है। मेरे दिल में एक तन्हा होने का एहसास है। एक अजीब सा अकेलापन, बेगानापन है जिसे मै अपनी एक्टिंग से भरता हूं।"
शाहरुख खान ने 15 साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था। उस वक्त उनके पास पैसे भी नहीं थे। शाहरुख इस वक्त अपनी बायोग्राफी लिख रहे हैं और जल्द ही उसे पूरा भी करने वाले हैं। अपने बचपन की यादें बांटते हुए शाहरुख ने कहा "एक बार मेरे पिताजी मुझे दिल्ली में सिनेमा दिखाने ले गये। उनके पास पैसे नहीं थे हम कामती ऑडीटोरियम के पास बैठ गये और उन्होंने मुझसे कहा कि गाड़ियों को आते जाते देखना बहुत अच्छा लगता है। आज जब मैं अपने बेटे को बाहर ले जाता हूं तो मैं उसे फिल्म दिखा सकता हूं।"
1992 में 'दीवाना' फिल्म के बाद से बॉलीवुड में राज करने वाले शाहरुख खान ने बताया कि वो आज भी असफलता से डरते हैं। उन्होंने कहा "मुझे लगता है कि मेरे पिता दुनिया के सबसे सफल असफल इंसान थे और मुझे उनपर गर्व है।" अंत में शाहरुख ने बताया कि 90 प्रतिशत उनकी एक्टिंग उनकी असली जिंदगी से जुड़ी हुई रहती है।


Click it and Unblock the Notifications











