शाहरूख से पहले कई भारतीयों का हुआ है अमेरिका में अपमान
बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान को न्यूयार्क एयरपोर्ट पर करीब 2 घंटे तक हिरासत में लिया गया। शाहरुख यहां येल विश्वविद्यालय जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। यह पहला मौका नहीं है जब किसी भारतीय हस्ती को अमेरिका में अपमान का घूंट पिना पड़ा हो। एक ओर जहां अमेरिका की राष्ट्रपति खुद भारत को एक बड़ी शक्ती मानते हैं वहीं दूसरी ओर वह भारतीयों का अपमान करने से भी पिछे नहीं हटते। भारत की किसी बड़ी हस्ती के साथ हुई यह बदतमीजी कोई नई बात नहीं है।

चाहे बॉलीवुड के किंग खान हों या फिर देश के कोई बड़े राजनेता। जी हां ऐसे वाकये कई बार सामने आ चुके हैं जिसमें भारतीयों को अमेरिका जाकर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है।
पहले केंद्रीय मंत्री 'प्रफुल्ल पटेल' को शिकागो एयरपोर्ट पर पूछताछ के लिए रोक लिया गया। एयरपोर्ट पर उनकी डिटेल अमेरिका के चेक लिस्ट में मौजूद एक और शक्स के नाम और जन्म की तारीख से मेल खा गई। पटेल ने इमीग्रेशन अधिकारियों को बहुत समझाने की कोशिश की कि वह भारत सरकार में मंत्री हैं। फिर भी उनसे अमेरिका आने का मकसद और उनके वहां ठहरने के बारे में पूछताछ की गई। लेकिन बाद में अमेरिका ने इस बात पर माफी मांगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री 'शहनवाज हुसैन' को तो उनके नाम पर उन्हें अमेरिकी सरकार ने वीजा देने से आनाकानी की थी। जबकि वह संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में हिस्सा लेने अमेरिका जाना चाहते थे। इसके बाद हुसैन ने भारत सरकार से शिफारिश की जब मामला केंद्र तक पहुंचा और सरकार की तरफ से अमेरिका पर जोर डाला गया तब जाकर उन्हें वीजा दिया गया।
2009 में पहले भी शाहरूख अमेरिकी अधिकारियों की बदतमीजी और शक भरी निगाहों से बच नहीं पाए। शाहरुख को उस समय सुरक्षा जांच के नाम पर अमेरिका के नेवार्क एयरपोर्ट पर पूरे 2 घंटे तक हिरासत में रखा गया। उनके सामान की तलाशी ली गई और उनसे बेतुके सवाल भी किये गए। इस दौरान उन्हें कहीं फोन तक नहीं करने दिया गया। शाहरूख के साथ इस तरह की कड़ी कार्यवाही के पिछे यह बात सामने आई कि उनके नाम के साथ खान जुड़ा था।
अमेरिका ने अपनी हद तब पार की जब उन्होंने देश के पूर्व राष्ट्रपति 'एपीजे अब्दुल कलाम' की कॉटिनेंटल एयरलाइंस के जरिए दिल्ली से न्यूयॉर्क जाते समय तलाशी ली। वो भी तब जब वह जहाज में बैठने ही वाले थे। उन्हें अपना बैग और मोबाइल भी जांच के लिए देना पड़ा।
जैसे ही यह खबर मीडिया तक पहुंची तो देश में हड़कंप मच गया। सरकार ने तुरंत ही एयरलाइंस को कारण बताओ नोटिस भेजा और जब उसका जवाब नहीं मिल पाया तब उन्होंने एफआईआर भी दर्ज करवाई। हालांकि बाद में अमेरिका ने इस पर माफी मांगी थी।
सुरक्षा के नाम पर बार-बार भारतीयों का अपमान कर रहीं अमेरिकी ट्रांसपोर्ट सेक्युरिटी अथॉरिटी का कहना है शक के बिना पर वह किसी शख्स के सामान की जांच ही नहीं बल्कि, उस शख्स को एयरपोर्ट पर फिजिकल स्क्रीनिंग के लिए भी रोका जा सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि अमेरिका ऐसा करके क्या दिखाना चाहता है। माना कि अमेरिका 26/11 के बाद से ज्यादा चौकन्ना हो गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वो मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ इस तरह का बर्ताव करे।


Click it and Unblock the Notifications