शाहरूख खान ने मनाया चक दे इंडिया का जन्मदिन, कहा - मुझे गुंडा बनाने के लिए बहुत शुक्रिया
शाहरूख खान की फिल्म चक दे इंडिया, 10 अगस्त 2007 में रिलीज़ हुई थी और अब एक पोस्ट के ज़रिए शाहरूख खान ने इस फिल्म के १४ साल पूरे होने का जश्न मनाया है। हाल ही में ओलंपिक्स में महिला हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन के बाद, चक दे इंडिया काफी चर्चा में हैं .अब शाहरूख खान ने भी फिल्म की टीम और अपनी हॉकी टीम की लड़कियों को याद किया है।
शाहरूख खान ने एक पोस्ट के ज़रिए लिखा - मुझे लगा कि आज मुझे चक दे की उन सभी लड़कियों को धन्यवाद कहना चाहिए जिन्होंने इस फिल्म को बनाने में एक यादगार और अहम भूमिका निभाई थी। वहीं उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर शिमित अमीन और बाकी की कास्ट को भी धन्यवाद कहा।

शाहरूख खान ने फिल्म की क्रू को धन्यवाद देते हुए कहा - मुझे इस फिल्म का गुंडा बनाने के लिए धन्यवाद। चक दे इंडिया, भारत के 60वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज़ हुई थी और फिल्म लोगों को बहुत ही ज़्यादा पसंद आई थी। फिल्म ने भारत में लगभग 66 करोड़ और ओवरसीज़ में 15 करोड़ की कमाई की थी। पढ़िए फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

शाहरूख खान से पहले, फिल्म के हीरो सलमान
चक दे इंडिया के पहले हीरो थे सलमान खान। लेकिन फिल्म के क्लाईमैक्स को लेकर सलमान खान और आदित्य चोपड़ा सहमत नहीं हुए जिसके बाद सलमान ने फिल्म छोड़ दी।दरअसल, सलमान खान चाहते थे कि फिल्म का फाईनल हॉकी मैच भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाए। अब ये डिमांड बेहद अजीब थी क्योंकि उस वक्त पाकिस्तान की महिला टीम हॉकी खेलती भी नहीं थी। इसके बाद फिल्म जॉन अब्राहम को भी ऑफर हुई लेकिन उन्होंने भी ये फिल्म नहीं की।

पिता के लिए की थी चक दे इंडिया
फिल्म जब शाहरूख खान के पास पहुंची तो उस वक्त वो करण जौहर की कभी अलविदा ना कहना में व्यस्त थे। आदित्य चोपड़ा ने इस फिल्म के लिए एक साल तक शाहरूख खान का इंतज़ार किया था। उसके बाद फिल्म शुरू हुई। शाहरूख खान ने ये फिल्म केवल इसलिए साइन की थी क्योंकि उनके पिता हॉकी खेलते थे और शाहरूख खान को थोड़ी हॉकी खेलने आती थी। हालांकि उनकी कास्टिंग के दौरान सबको लगा कि शाहरूख खान की रोमांटिक हीरो की छवि इस फिल्म को ले डूबेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

लड़कियों ने भी की थी कड़ी मेहनत
फिल्म में 16 लड़कियों की कास्टिंग करनी थी जो कि बहुत बड़ा काम था और छह महीने तक चला था। फिल्म में ज़्यादातर लड़कियां सच में हॉकी प्लेयर थीं वहीं बाकी एक्टर्स को तभी कास्ट किया गया था जब उन्हें हॉकी खेलने आती थी। फिल्म में सभी लड़कियों को 4 महीने का अनिवार्य हॉकी कैंप करना पड़ा जहां उन्हें वास्तविक खिलाड़ियों जैसा बर्ताव करना पड़ा। ऐसा इसलिए किया गया कि फिल्म में हॉकी खेलते वक्त कुछ भी एक्टिंग ना लगे।

वर्ड ऑफ माउथ से हुई थी फिल्म की कमाई
चक दे इंडिया जब रिलीज़ हुई तो शुरूआती बॉक्स ऑफिस बेहद ठंडा था। शाहरूख खान फिल्म की टेस्ट स्क्रीनिंग के बाद ही निराश होकर लंदन चले गए थे क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि इतनी अच्छी फिल्म के बारे में निगेटिव बातें सुनें। धीरे धीरे फिल्म के वर्ड ऑफ माउथ ने तेज़ी पकड़ी और फिल्म ने धुंआधार प्रदर्शन किया। चक दे इंडिया 2007 की सबसे ज़्यादा कमाने वाली तीसरी फिल्म बनी।

हॉकी पर पड़ा था असर
इस फिल्म का देश की हॉकी पर इतना असर पड़ा कि फिल्म के बाद हॉकी स्टिक्स की बिक्री में 30 प्रतिशत उछाल आ गया था। फिल्म की शूटिंग भारत और मेलबर्न में हुई थी और फिल्म के लिए 90 हॉकी प्लेयर्स और 9000 एक्स्ट्रा आर्टिस्ट्स की कास्टिंग की गई थी। फिल्म 2016 में नई दिल्ली में हुए इंडिपेंडेंस डे फेस्टिवल का हिस्सा भी बनी।

शाहरूख खान को मिला था फिल्मफेयर
इस फिल्म के लिए शाहरूख खान को उनका सातवां फिल्मफेयर अवार्ड मिला। जबकि शाहरूख खान के साथ इस कैटेगरी में तारे ज़मीन पर के लिए दर्शील सफारी, जब वी मेट के लिए शाहिद कपूर, नमस्ते लंदन के लिए अक्षय कुमार, गुरू के लिए अभिषेक बच्चन और ओम शांति ओम के लिए शाहरूख खान नॉमिनेट हुए थे।

फिल्म का सीक्वल
हाल ही में जब भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक्स में शानदार प्रदर्शन किया तो चक दे इंडिया अपने आप ट्रेंड होने लगी। वहीं शाहरूख खान ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच को बधाई दी थी। वहीं सेमीफाईनल मैच हारने के बाद कोच ने शाहरूख खान को कहा था कि अब चक दे इंडिया पार्ट 2 बनाने का समय आ गया है।


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