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    शाहरूख खान की अगली फिल्म तय - होगा सुपरस्टार कमबैक, इस सुपरस्टार के साथ

    By Staff
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    शाहरूख खान की अगली फिल्म का इंतज़ार फैन्स पलकें बिछाए कर रहे हैं और अब शायद ये इंतज़ार खत्म हो चुका है। अगर गपशप गली की मानें तो शाहरूख खान ने आदित्य चोपड़ा की अगली फिल्म के लिए हामी भर दी है। ये फिल्म क्या होगी, कैसी होगी ये फिलहाल किसी को नहीं पता है। लेकिन ये फिल्म यशराज फिल्म्स की 50वीं एनिवर्सी का जश्न होगी।

    अब यशराज फिल्म्स का जश्न शाहरूख खान के बिना कैसे पूरा हो सकता था। देखा जाए तो यशराज फिल्म्स और शाहरूख खान ने अपने करियर की ऊंचाईयां एक ही साथ देखी हैं। और कहीं ना कहीं, किसी ना किसी हद तक अपने करियर का ढलान भी।

    पुराना साथ

    पुराना साथ

    शाहरूख खान और यशराज फिल्म्स का साथ आज से नहीं बल्कि 1993 से है। डर के साथ शाहरूख खान ने यशराज फिल्म्स में एंट्री ली थी और उसके बाद यश चोपड़ा ने उन्हें रोमांस का बादशाह बना दिया था।

    कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है....

    कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है....

    यश चोपड़ा के इश्क का अंदाज़ बिल्कुल सादा था। न कोई बनावट न कोई बदमिज़ाज़ी। बस भोली और मासूम मोहब्बत। उसमें वीर का कॉन्फिडेंस था तो राज का अल्हड़पन, सूरी जी की ज़िम्मेदारी भी।

    तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती...

    तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती...

    यश चोपड़ा खूबसूरती को तराशना जानते थे केवल चेहरे से नहूीं बल्कि हाव - भाव, पहनावे और अदाओं से। उनका यही अंदाज़ चांदनी की शरारतों में, सिमरन के भोलेपन में, शोभा की खामोशियों में, निशा की अदाओं में और पूजा की शोखियों में झलकता था...

    ये हम आ गए हैं कहां...

    ये हम आ गए हैं कहां...

    पीले खेत, सफेद पहाड़, खिले गुलिस्तान...यश चोपड़ा सपनों की उस दुनिया में ले जाते थे जहां सब कुछ खूबसूरत था। स्विट्ज़रलैंड उनकी फेवरिट लोकेशन थी। उन्होंने एल्प्स की पहाड़ियों को इतनी खूबसूरती से दिखाया है कि स्विट्ज़र लैंड में उनके नाम पर एक झील है तो DDLJ के बाद एक ट्रेन भी।

    तुझमें रब दिखता है...

    तुझमें रब दिखता है...

    रोमांस के साथ परिवार और परंपरा पर उन्होंने कभी कंप्रोमाइज़ नहीं किया। सिलसिला में भाई के लिए अमित का त्याग हो या बाउजी के लिए राज - सिमरन की इज्ज़त, ज़ारा का पड़ोसी बेब्बे के लिए अपनापन हो या दीवार में मां के लिए झगड़ते दो भाई। हर किरदार दूसरे किरदार से जुड़ा था।

    तू मेरे सामने, मैं तेरे सामने...

    तू मेरे सामने, मैं तेरे सामने...

    ऐसा नहीं था कि यश चोपड़ा ने रोमांस की इंटीमेसी को नज़रअंदाज़ किया लेकिन उन्होंने फूहड़ता और अश्लीलता कभी नहीं परोसी। जब तक है जान का सांस में तेरी सांस मिली, चांदनी का लगी आज सावन की, लम्हे का कभी मैं कहूं, वीर - ज़ारा का जानम देख लो इसके सटीक उदाहरण हैं

    आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया...

    आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया...

    आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया... यश चोपड़ा शायरी के दीवाने थे और उनकी ये दीवानगी उनकी फिल्मों की नज़्मों में दिखती थी। चाहे सिलसिला के अमित की शायरियां हों और सिमरन की डायरी के पन्ने। वहीं वीर का कैदी नंबर 786 किसी परिचय का मोहताज नहीं है

    अरे रे अरे बन जाए ना...

    अरे रे अरे बन जाए ना...

    यश राज के संगीत की कोई तुलना नहीं थी। रोमांस के बेहतरीन नगमें इंडस्ट्री को देने वाले यश चोपड़ा ही थे। लम्हे, सिलसिला, चांदनी, डर, कभी कभी, रब ने बना दी जोड़ी, दिल तो पागल है, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे...किसी के संगीत की कोई तुलना ही नहीं है। दिल तो पागल है का एल्बम तो सभी रिकॉर्ड पार कर गया। वहीं वीर - ज़ारा मदन मोहन के म्यूज़िक बैंक ने मानो उनका वक्त दोहरा दिया

    मोहब्बत करूंगा मैं...जब तक है जान

    मोहब्बत करूंगा मैं...जब तक है जान

    यश चोपड़ा सारी ज़िंदगी मोहब्बत के हसीन किस्से गढ़ते रहे। जाते जाते भी उन्होंने दर्शकों को इश्क का तोहफा दिया जब तक है जान के रूप में। लेकिन कहते हैं न कि प्यार मरता नहीं वैसे ही यश चोपड़ा की मोहब्बतें हमेशा ताज़ा रहेंगी...कभी कभी वीर के लम्हे में, कहीं ज़ारा की परंपरा में..और हमेशा राज - सिमरन के सिलसिले में..

    क्या होगा खास

    क्या होगा खास

    अब देखना है कि इस बार यशराज फिल्म्स अपने 50 साल पूरे होने का जश्न कैसी प्रेम कहानी से मनाता है। जितना उत्साहित फैन्स शाहरूख के इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़ने से हैं, उतना ही इंतज़ार आदित्य चोपड़ा की वापसी का भी है।

    गौरतलब है कि यशराज फिल्म्स ने शाहरूख खान को जो स्टारडम दिया है वो बहुत ही कम लोगों को मिल पाता है। एक इंटरव्यू में यश चोपड़ा ने शाहरूख के बारे में बात करते हुए कहा कि उसकी सबसे बड़ी दिक्कत है कि वो रोमांस का बादशाह है पर रोमांस नहीं करना चाहता। उसे एक्शन में मज़ा आता है। या फिर साइंस में मज़ा आता है। या फिर एंग्री किरदार।

    वो मुझसे कहता है कि यशजी चलिए दीवार बनाते हैं। मुझे पता है कि दीवार और त्रिशूल अब नहीं चलेगी। लेकिन उसे कुछ नया करना है। काश मैं शाहरूख के लिए ये फिल्में बना पाता। पर मैं अपने लिए फिल्में बनाता हूं!

    English summary
    Shahrukh Khan has given his nod to Yashraj Films' next with Aditya Chopra. The film will mark Yashraj Films' 50th year.
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