'स्टार बनना आसान पर स्टारडम बनाए रखना मुश्किल'
शाहिद कपूर ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में खुलकर कई बातें की । चाहे वो रंगून शूटिंग, मीशा के जन्म के बाद जिंदगी में आया बदलाव या फिर डायरेक्टर विशाल भारद्वाज के साथ उनका रिश्ता हो।
जब वी मेट, कमीने, हैदर, आर राजकुमार जैसी फ़िल्मों से स्टारडम हासिल करने वाले शाहिद कपूर ने अपने करियर में कई उतार चढ़ाव देखे है.
उनका कहना है कि आज की तारीख़ में स्टार बनना बहुत आसान है पर अपना स्टारडम कायम रखना बेहद मुश्किल.
बीबीसी से फ़िल्म रंगून के लिए रूबरू हुए शाहिद कपूर ने आज के दौर के स्टारडम पर अपनी टिपण्णी देते हुए कहा, "आज सोशल मीडिया की मदद से कोई भी स्टार बन सकता है पर आज के दर्शक एक ही चीज़ बार बार देखकर ऊब जाते है इसलिए स्टारडम बरकरार रखना बेहद मुशिल है और इसी कारण अलग चीज़ करना बेहद ज़रूरी भी है."
'उड़ता पंजाब' में 'शाहिद संस्कारी कपूर'
शाहिद कपूर की बदलते 'लुक्स' का राज़
शाहिद कपूर के मुताबिक आज के दौर में सिर्फ लोकप्रियता के पीछे भागने से काम नहीं चलता एक कलाकार को विश्वासयोग्य अभिनेता बनने की आवश्यकता है.
हाल ही में पिता बने शाहिद कपूर अब बेटी "मिशा" के डायपर बदलते हैं उन्हें सुलाते हैं और अब उन्हें हर वक़्त घर जाकर बेटी और पत्नी के साथ वक़्त गुज़ारने की ज़ल्दी होती है.
स्टार के बच्चों को बहुत छोटी उम्र में चर्चा का विषय बनना पड़ता है.
एक सेलिब्रिटी होने के नाते शाहिद मानते हैं कि बेटी को एकांत में समय देना बहुत मुश्किल है.
वो कहते हैं कि, "एक पिता होने के नाते ये मेरे रोज़ का संघर्ष हो गया है. मैं कितना मिशा को छुपा सकता हूँ. पर मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उसकी निजता और लाइमलाइट में संतुलन बनाए रखूं."
विशाल और शाहिद का साथ
कमीने और हैदर फ़िल्म के बाद शाहिद कपूर की विशाल भारद्वाज के साथ रंगून तीसरी फ़िल्म होगी.
शाहिद ने अपने आप को रंगून फ़िल्म के सेट पर विशाल भारद्वाज द्वारा उपेक्षित महसूस किया पर उन्हें शिकायत नहीं है क्योंकि शाहिद जानते हैं कि एक निर्देशक होने के नाते वो कई चीज़ों में उलझे हुए थे.
ये सिनेमा का सुनहरा दौर है: विशाल भारद्वाज
अपनी और विशाल भारद्वाज के 10 साल के साझेदारी को बयान करते हुए शाहिद ने बताया, "कमीने बड़ी फ़िल्म थी. मेरा और विशाल जी का बहुत अच्छा वक़्त चल रहा था. पर पहली बार काम करते समय दोनों को एक दूसरे के साथ ढलने में वक़्त लगा. वही हैदर से पहले मेरी और विशाल भरद्वाज की फ़िल्में फ्लॉप रही और एक्सपेरिमेंटल फ़िल्म होने के कारण कोई हैदर फ़िल्म में पैसे लगाने के लिए तैयार नहीं था. पर उनकी ज़िद थी की ऐसी फ़िल्म बनानी है कि लोग जो इससे जुड़े नहीं बाद में पछतावा महसूस करें."
हालांकि शाहिद ने माना कीि"कमीने" ने उन्हें बतौर अभिनेता आत्मविश्वास दिया और अलग अलग तरह की फ़िल्मों के काम करने की रुझान भी जगाया.
रंगून के एक सीन के बारे मे शाहिद ने बताया, "एक कीचड़ वाला सीन है. बहुत ठंड लग रही थी. पानी भी था. मैं बीमार भी पड़ गया था. हर सीन से पहले भिगाया गया था. भगवान ना करे कि ऐसा किसी के साथ हो. कीचड़ में रोमांस भी हुआ कंगना के साथ. मैंने सोचा नहीं था कि कीचड़ में रोमांस करूँगा. मैंने अपना बचपन जी लिया."
दूसरे विश्व युद्ध के बैकग्राउंड पर बनी "रंगून फ़िल्म में शाहिद कपूर ब्रिटिश इंडिया आर्मी के सैनिक के किरदार में नज़र आएंगे. फ़िल्म में कंगना रनौत और सैफ अली ख़ान भी अहम भूमिका में नज़र आएंगे.
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