जर्सी ट्रेलर लॉन्च: शाहिद कपूर ने कहा करियर की बेस्ट फिल्म, रोहित शेट्टी - अक्षय कुमार को बताया जांबाज़
शाहिद कपूर की फिल्म जर्सी का ट्रेलर रिलीज़ हो चुका है और इस ट्रेलर के रिलीज़ होते ही लोगों ने इस पर ब्लॉकबस्टर का ठप्पा लगा दिया है। गौरतलब है कि अपनी पिछली फिल्म कबीर सिंह की सफलता के बाद, शाहिद कपूर की जर्सी को भी लोग उसी तरह की हिट फिल्म बता रहे हैं और ये तय मान रहे हैं कि शाहिद कपूर कबीर सिंह का इतिहास दोहराएंगे।
जर्सी, 31 दिसंबर को रिलीज़ हो रही है और फैन्स के रिएक्शन से ये तय है कि शाहिद कपूर 2021 में बॉक्स ऑफिस की आखिरी ब्लॉकबस्टर फिल्म देकर ही रहेंगे वहीं लोगों का नया साल भी सफल रहेगा।

इस फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान शाहिद कपूर ने कई बातों पर चर्चा की। जैसे की कबीर सिंह और जर्सी, दोनों ही ब्लॉकबस्टर तेलुगू फिल्मों का रीमेक हैं। इसके अलावा, फिल्म का कोरोना के दौरान बंद हो जाना, फिल्म के लिए उन पर कितना प्रेशर बना, अपने पिता पंकज कपूर के साथ काम करना कैसा रहा। लेकिन सबसे पहले शाहिद कपूर ने रोहित शेट्टी और अक्षय कुमार की फिल्म सूर्यवंशी पर ढेरों तारीफें बरसाईं।

सूर्यवंशी को दी बधाई
शाहिद कपूर ने सूर्यवंशी की टीम को बधाई दी। उनका कहना था कि जो रोहित शेट्टी और अक्षय कुमार की टीम ने किया है उसके लिए बहुत ही ज़्यादा हिम्मत चाहिए। उन्होंने आगे बढ़कर अपनी फिल्म को तब रिलीज़ किया जब हर कोई इस कदम को उठाने में हिचकिचा रहा था। शाहिद कपूर बताते हैं कि हर किसी ने सूर्यवंशी की सफलता के लिए दुआएं की जिससे कि सिनेमा को आगे का रास्ता दिख सके और लोग अपनी फिल्में बिना किसी डर के रिलीज़ कर सकें।

सिनेमाघरों में लौटने की खुशी
शाहिद कपूर ने बताया कि कोरोना के समय वो अपने परिवार के साथ बाहर थे और मुंबई में नहीं थे। इसलिए मुंबई लौटकर उन्हें काफी अच्छा लग रहा है। इस दौरान, शाहिद कपूर ने कोई काम नहीं किया और केवल अपने परिवार के साथ वक्त बिताया। शाहिद ने बताया कि जर्सी की शूटिंग के दौरान भी वो अपने परिवार के साथ पंजाब में ही थे। लेकिन अब थिएटर खुलते देखना और मुंबई को वापस जीवित होते देखना अलग अनुभव है। फिल्मों का जश्न वहां मन रहा है जहां मनना चाहिए - सिनेमाघरों में। और इस जश्न का हिस्सा होना शाहिद कपूर को काफी खुशी दे रहा है।

करियर की बेस्ट फिल्म
शाहिद कपूर बताते हैं कि जर्सी उनके करियर की बेस्ट फिल्म है। साथ ही उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि ये फिल्म उन्हें कबीर सिंह के पहले ही ऑफर हुई थी लेकिन उस समय शाहिद इस फिल्म पर कोई फैसला नहीं ले पाए थे। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर गौतम को धन्यवाद दिया जो इतनी बेहतरीन फिल्म के लिए शाहिद का इंतज़ार करते रहे और इसे लेकर किसी और के पास नहीं गए। गौतम ने पूरी तरह, फिल्म के लिए शाहिद कपूर को सांचे में फिट कर लिया था।

कितनी अलग है जर्सी
जर्सी के साथ ज़ाहिर सी बात है कि शाहिद कपूर की तुलना तेलुगू सुपरस्टार नानी से होगी। इस फिल्म के तेलुगू वर्जन को नेशनल फिल्म अवार्ड में बेस्ट तेलुगू फीचर फिल्म और बेस्ट एडिटिंग का नेशनल अवार्ड मिला था। शाहिद कपूर ने बताया कि दोनों फिल्मों को अलग रखने की पूरी कोशिश की गई है। हिंदी में पूरी फिल्म चंडीगढ़ में स्थित की गई है। इसलिए इस स्तर पर दोनों फिल्मों में भारी अंतर है। अगर इतने बदलाव करने के बाद भी फिल्म एक जैसी लग जाए तो हमने भारी गलती की होती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।

पिता के साथ किया काम
फिल्म में शाहिद कपूर और उनके पिता पंकज कपूर, शिष्य और कोच की भूमिका में हैं और ट्रेलर में इन दोनों के सीन की काफी तारीफ हो रही है। शाहिद बताते हैं कि पंकज कपूर जैसे बेहतरीन अभिनेता के साथ काम करने उनके लिए सौभाग्य की बात है, हालांकि इस कारण शाहिद कभी नर्वस नहीं हुए। बल्कि पंकज कपूर के साथ काम करना शाहिद को हमेशा बेहतर करने की प्रेरणा देता था। शाहिद बताते हैं कि उन्होंने इरफान, तबू मैम, केके सर के साथ काम किया है और अपने करियर में हमेशा सबसे कुछ ना कुछ सीखा है। शाहिद कहते हैं, आपको हमेशा सीखते रहना चाहिए। किसी भी एक्टर को ये समझ लेना कि उसे सब कुछ आता है एक डरावना ख्याल होगा।

शेयर किया दिलचस्प किस्सा
शाहिद कपूर ने बताया कि जब पंकज कपूर ने फिल्म की शूटिंग शुरू की, उससे पहले, शाहिद कपूर 15 दिन की शूटिंग पूरी कर चुके थे। तो उनके डायरेक्टर गौतम ने शाहिद के शॉट पहले ही ले लिए थे। इसके बाद पंकज कपूर ने अपना शॉट दिया और डायरेक्टर गौतम चकरा गए। वो शाहिद कपूर को कोने में ले गए और उनसे पूछा - सर क्या आप इस सीन में पंकज जी का सामना करते हुए इस स्तर की परफॉर्मेंस दे पाएंगे? क्योंकि वो तो बेहतरीन हैं।

कबीर सिंह की सफलता से हुई ये दिक्कत
शाहिद कपूर बताते हैं कि कबीर सिंह की सफलता के बाद वो हर किसी के पास भिखारियों की तरह जा रहे थे। क्योंकि वो समझ नहीं पा रहे थे कि अपने करियर में आगे कैसे बढ़ें। शाहिद कहते हैं - मेरे 15 सालों के करियर की ये पहली ब्लॉकबस्टर थी और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब किस दिशा में जाऊं। कोई मुझे कह रहा था कि कॉलेज लवर बॉय का रोल करो, कोई कह रहा था एक्शन रोल और कोई कह रहा था कि इसी तरह का गुस्सैल किरदार निभाओ। कबीर सिंह की रिलीज़ के दो हफ्ते पहले उन्होंने जर्सी देखी और फिल्म देखकर रो पड़े।

रीमेक करना बेहद मुश्किल
रीमेक फिल्मों पर बात करते हुए शाहिद कपूर ने कहा कि रीमेक फिल्में करना कठिन है और ये एहसास उन्हें कबीर सिंह और जर्सी करने के बाद हुआ। उन्होंने ये बताया कि रीमेक फिल्मों में आपके ऊपर काफी प्रेशर रहता है उसी किरदार को बिल्कुल फ्रेश तरीके से पेश करने का। इसलिए रीमेक फिल्मों में मुख्य किरदार करना कभी कभी ओरिजिनल किरदारों को निभाने से ज़्यादा मुश्किल रहता है।


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