13 की उम्र में 30 साल के शख्स से की शादी, फिर बच्चों को आंखों के सामने मरते देखा

Saroj Khan Marriage: आज बॉलीवुड में डांस और संगीत के बिना फिल्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भव्य सेट और शानदार डांस सीक्वेंस वाली फिल्में, जैसे संजय लीला भंसाली या सूरज बड़जात्या की, दर्शकों को खूब पसंद आती हैं। बॉलीवुड में डांस कोरियोग्राफी को एक नई पहचान देने का श्रेय अगर किसी को जाता है, तो वो हैं सरोज खान। उन्हें प्यार से 'मास्टर जी' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने एक ऐसे दौर में अपना मुकाम बनाया जब इंडस्ट्री में डांस को उतनी अहमियत नहीं दी जाती थी। उनका जीवन किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं था - संघर्षों से भरा, लेकिन सफलता की मिसाल
सरोज खान एक भारतीय डांस कोरियोग्राफर थीं जिन्होंने बॉलीवुड में नृत्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्हें भारतीय सिनेमा की 'मदर ऑफ कोरियोग्राफी' भी कहा जाता है। सरोज खान ने अपने 40 साल से भी अधिक लंबे करियर में 2000 से ज्यादा गानों को कोरियोग्राफ किया। श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूर जैसे कई बड़े सितारों को उन्होंने अपने इशारों पर नचाया और उनके डांस को यादगार बनाया। उनके द्वारा कोरियोग्राफ किए गए गाने जैसे 'एक दो तीन', 'धक धक करने लगा', 'डोला रे डोला' आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हैं। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो किसी भी कोरियोग्राफर के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।
बचपन के संघर्ष और परिवार की गरीबी सरोज खान का जन्म विभाजन के बाद हुआ था, जब उनका परिवार पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आया था।
उनका बचपन घोर गरीबी में बीता। उनके पिता का साया बचपन में ही उठ गया था, और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कई बार उन्हें भूखे पेट सोना पड़ता था। सरोज खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां खाली बर्तन गैस पर रख देती थीं ताकि बच्चों को लगे कि खाना बन रहा है और वे सो जाएं।
कम उम्र में काम और करियर की शुरुआत!
परिवार की जिम्मेदारी छोटी सी उम्र में ही सरोज खान के कंधों पर आ गई थी। उन्हें अपने भाई-बहनों की परवरिश करनी थी, उन्हें पढ़ाना था और उनकी शादी करानी थी। इसी वजह से उन्होंने बहुत कम उम्र में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम करना शुरू कर दिया।
हालांकि, 10 साल की उम्र तक उन्हें काम मिलना बंद हो गया क्योंकि वे न तो चाइल्ड आर्टिस्ट थीं और न ही बड़ी कलाकार। उन्होंने 12 साल की उम्र तक एक डांसर के तौर पर अपना करियर शुरू कर दिया था। यहीं से उनके डांस के सफर की शुरुआत हुई, जिसने उन्हें बॉलीवुड की सबसे सफल कोरियोग्राफर बनाया।
सरोज खान की निजी जिंदगी भी कम पेचीदा नहीं थी। डांस की दुनिया में कदम रखते ही उनकी मुलाकात एस। सोहनलाल से हुई। सोहनलाल सरोज खान से 30 साल बड़े थे, उनकी उम्र 43 साल थी और वे पहले से शादीशुदा और 4 बच्चों के पिता थे। सरोज खान जब सिर्फ 13 साल की थीं, तब उन्होंने सोहनलाल से शादी कर ली थी। इस शादी से उन्हें एक बेटी हुई, जिसका जन्म के तुरंत बाद निधन हो गया, जिसने छोटी सी सरोज को गहरा सदमा पहुंचाया। उन्हें सोहनलाल से एक और बच्चा भी हुआ।
सरोज खान ने बाद में बताया कि उन्हें सोहनलाल की पहली शादी और बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जब उन्होंने सोहनलाल से कानूनी तौर पर शादी करने की बात कही, तो उन्होंने इनकार कर दिया। सोहनलाल की सच्चाई जानने के बाद सरोज खान ने उनसे अलग होने का फैसला कर लिया।
धर्म परिवर्तन और दूसरी शादी
सोहनलाल से अलग होने के बाद सरोज खान ने 1975 में सरदार रोशन खान से शादी की। इस शादी से पहले उन्होंने अपने दूसरे पति के सामने एक शर्त रखी थी कि वे उनके बच्चों को अपनाएंगे। रोशन खान के पहले से 4 बच्चे थे और सरोज खान के दो. सरदार रोशन खान से शादी करने से पहले, सरोज किशनचंद साधु सिंह नागपाल ने अपना धर्म बदलकर इस्लाम कबूल कर लिया। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें महसूस होता था कि उनकी बेटी सपने में उन्हें मस्जिद के अंदर बुला रही है। बता दें, सोहनलाल से उनकी बेटी कुकु का 2011 में निधन हो गया था।
सरोज खान का जीवन कई मुश्किलों और चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने डांस के जुनून और कड़ी मेहनत से बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई और लाखों लोगों के दिलों में 'मास्टर जी' बनकर हमेशा के लिए बस गईं। 3 जुलाई 2020 को 71 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित हैं।


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