आलिया भट्ट ने दिखाई दबंग 'गंगूबाई काठियावाड़ी' की पहली झलक, इस दिन होगी रिलीज, प्रभास से टक्कर!
निर्देशक संजय लीला भंसाली के जन्मदिन को आलिया भट्ट ने अपने नए लुक से खास बना दिया है। आलिया भट्ट की बहुप्रतिक्षित फिल्म में एक नाम शामिल है गंगूबाई काठियावाड़ी का। अपने इस नए फिल्म के पोस्टर के साथ आलिया भट्ट ने रिलीज डेट की भी घोषणा की है। संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित गंगूबाई काठियावाड़ी 30 जुलाई 2021 को रिलीज होगी। इसी दिन प्रभास और पूजा हेगड़े की राधे श्याम भी रिलीज हो रही है। जो कि एक प्रेम कहानी है।
आलिया ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नए लुक के साथ इसकी जानकारी शेयर की है। इस नए पोस्टर में आलिया गंगूबाई के किरदार में टशन दिखाते हुए लाजवाब दिख रही हैं। इस बात की चर्चा हो रही थी कि अपने मासूम चेहरे के साथ आलिया भट्ट कैसे इस दबंग किरदार को पर्दे पर पेश करेंगी?

लेकिन इस नए पोस्टर की झलक देखने के बाद ऐसा मालूम होता है कि गंगूबाई काठियावाड़ी के किरदार को भंसली ने मासूमियत और रोबदार के मिश्रण के साथ पेश करने की योजना बनाई है। बता दें कि गंगूबाई काठियावाड़ी हुसैन जैदी की किताब माफिया क्वींस के एक अध्याय पर बेस्ड है। फिल्म में अजय देवगन और विक्रांत मैसी भी अहम भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगे। फिल्म की पूरी जिम्मेदारी आलिया भट्ट ने बतौर कलाकार अपने कंधे पर उठा कर रखी है।

पहले इस दिन होने वाली थी रिलीज
संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन ने इससे पहले ऐलान किया था कि ये फिल्म 11 सितंबर 2020 को रिलीज होगी। जाहिर सी बात है कि कोविड 19 के कारण ऐसा हो नहीं पाया।

ऐसी है गंगूबाई की रियल कहानी
बता दें कि गंगूबाई कठियावाड़ की रहने वाली थीं। इसी के कारण उनका पूरा नाम गंगूबाई कठियावाड़ है। छोटी सी उम्र में गंगूबाई को वेश्यावृति के लिए मजबूर किया गया था।

सेक्स वर्कर और अनाथों के लिए काफी काम
इसके बाद कई बड़े अपराधी गंगूबाई के ग्राहक बन गए। गंगूबाई मुंबई के कमाठीपुरा इलाके में कोठा चलाती थीं। उन्होंने सेक्स वर्कर और अनाथों के लिए काफी काम किया है।

लव स्टोरी और कोठे पर पहुंचने की दर्दनाक कहानी
गंगूबाई बचपन में एक्ट्रेस बनना चाहती थीं। 16 साल की उम्र में उन्हें अपने पिता के अकाउंटेंट से प्यार हो गया था। शादी करके वो मुंबई भाग कर आ गईं। पति ने उन्हें धोखा दिया और कोठे पर बेच दिए।

महिला प्रधान कहानी
गंगूबाई खुद तो कोठे पर पहुंची लेकिन कोठा चलाने का उनका नियम था कि वह किसी लड़की के साथ जबरदस्ती नहीं करती थीं।प्यार, धोखा, शादी और एक महिला प्रधान कहानी पर इस बार संजय लीला भंसाली फोकस करके लेकर आ रहे हैं। इसके पहले पद्मावत और बाजीराव मस्तानी नें भी उनका फोकस महिला शक्ति पर रहा है।


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