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संजय लीला भंसाली ने बुक की दीवाली 2021, बैजू बावरा रीमेक की डीटेल्स

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संजय लीला भंसाली ने हाल ही में आलिया भट्ट के साथ गंगूबाई काठियावाड़ी पर बायोपिक अनाउंस की है। और आज उन्होंने दीवाली पर धमाका करते हुए अपनी अगली फिल्म अनाउंस कर दी है। गंगूबाई के बाद संजय लीला भंसाली, बैजू बावरा रीमेक पर काम करेंगे।

काफी समय से संजय लीला भंसाली बैजू बावरा रीमेक पर काम कर रहे हैं। इस फिल्म के रीमेक राइट्स उनके पास काफी पहले से हैं और अफवाहें हैं कि उन्होंने सबसे पहले इस फिल्म के रीमेक के लिए सलमान खान, शाहरूख खान और आलिया भट्ट को अप्रोच किया था।

ओरिजिनल फिल्म, विजय भट्ट ने 1952 में बनाई थी। इस फिल्म में भारत भूषण और सुरेंद्र, बैजू बावरा और तानसेन की भूमिका में थे। वहीं मीना कुमारी फिल्म की हीरोइन थी। मीना कुमारी को इस फिलम के लिए 1964 में पहला फिल्मफेयर अवार्ड मिला था।

ओरिजिनल फिल्म में 13 गाने थे और फिल्म का म्यूज़िक नौशाद ने दिया था। जिसके लिए उन्हें अपना जीवन का इकलौता फिल्मफेयर अवार्ड मिला था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 1.25 करोड़ की कमाई की थी। हम आपको बताते हैं बैजू बावरा की बेहद दिलचस्प कहानी -

एक गुमनाम गायक

एक गुमनाम गायक

तानसेन को देश का बेस्ट गायक कहा जाता है। वो अकबर में दरबार में गाते थे और अकबर के नवरत्नों में से एक थे। तानसेन जैसे कोई नहीं गा सकता था और जो गाता था उसे मार दिया जाता था। बैजू बावरा एक ऐसे गुमनाम गायक की कहानी है जो तानसेन को हराकर अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहता है।

एक बदला

एक बदला

बैजू के बचपन में, तानसेन के आदमी उसके पिता को गाने से रोकने की पूरी कोशिश करते हैं जिसमें उसके पिता की मौत हो जाती है। मरते हुए वो बैजू से वादा लेता है कि तानसेन से बदला ज़रूर लेगा। और यहीं से बैजू बावरा और उसके संगीत की कहानी शुरू होती है।

भूले हुए वादे

भूले हुए वादे

बैजू को गांव के पंडित के घर शरण मिलती है और उसे एक नािवक की बेटी गौरी से प्यार हो जाता है। बैजू अपने संगीत को जारी रखता है लेकिन गौरी के प्यार में अपने पिता को किया गया वादा भूल जाता है।

कहानी में ट्विवस्ट

कहानी में ट्विवस्ट

कुछ समय बाद गांव में डाकू आते हैं लेकिन डाकू की सरदारनी को बैजू से प्यार हो जाता है। वो गांव को इस शर्त पर छोड़ती है कि बैजू, डाकुओं के गिरोह के साथ उनकी हवेली पर जाकर रहेगा। वहां, डाकुओं की सरदारनी बताती है कि वो एक राजकुमारी है और अपने पिता का बदला ले रही है।

तानसेन से मुलाकात

तानसेन से मुलाकात

बदला से बैजू को पुरानी यादें ताज़ा होती हैं और वो मुग़ल महल में घुसता है जहां तानसेन गा रहे होते हैं। उन्हें गाता सुन, बैजू खो जाता है। जिस तलवार से वो तानसेन का गला काटना चाहता था वो तानपूरे पर गिरती है और तानपूरा का तार टूट जाता है। इससे तानसेन दुखी होता है और कहता है कि केवल संगीत ही उसे मार सकता था।

बैजू बना बावरा

बैजू बना बावरा

बैजू असली संगीत खोजने निकल पड़ता है और धीरे धीरे उसके संगीत में भी वो दर्द और प्यार छलकता है जो किसी का भी दिल जीत ले। इसके बाद सड़कों पर गाने लगता है और लोग उसे बावरा कहते हैं।

संगीत का घमासान

संगीत का घमासान

बैजू और तानसेन के बीच अकबर के दरबार में एक कंपिटीशन होता है और अकबर उन्हें चैलेंज देता है कि जो एक संगमरमर को पिघला देगा वो जीत जाएगा। बैजू जीत जाता है। लेकिन अकबर से तानसेन की ज़िंदगी बख्शने की गुज़ारिश करता है।

धमाकेदार अंत

धमाकेदार अंत

इसके बाद बैजू दरबार से चला जाता है लेकिन अकबर दुखी हो जाते हैं और तानसेन को उसे रोकने के लिए बाढ़ लाने का आदेश देते हैं। तानसेन राग मेघ गाते हैं जिससे भयंकर बारिश होती है। हालांकि इस सीन को फिल्म से काट दिया गया था।

English summary
Sanjay Leela Bhansali has announced Baiju Bawra remake for Diwali 2021. Director already has the remake rights of the film and has been planning it ever since.
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