‘मैं संजय दत्त की बेटी जैसी नहीं दिखती थी…’ बचपन में रंग-रूप और वजन को लेकर खूब बुली हुईं त्रिशाला दत्त
Trishala Dutt Bullied: संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त इस समय काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि वह हमेशा लाइमलाइट से दूरी बनाकर रखती है और न्यूयॉर्क में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू दिया जहां पर उन्होंने बताया कि उनको जातिवाद और बुलिंग का सामना करना पड़ा है। बताते चलें कि त्रिशाला दत्त संजय दत्त और उनकी पहली पत्नी ऋचा शर्मा की बेटी है। ऋचा शर्मा की साल 1996 में मृत्यु हो गई थी और मां के जाने के बाद त्रिशाला दत्त न्यूयॉर्क में अपने नाना नानी के साथ में रही।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि संजय दत्त भारत में अपना फ़िल्मी करियर सेट करने में व्यस्त थे। लेकिन अक्सर वह अपनी बेटी से मिलने के लिए अमेरिका जाते रहते थे। सालों के बाद उन्होंने भारत में मान्यता दत्त के साथ में शादी कर ली थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं।
जब 5 साल की उम्र में त्रिशाला को किया गया बुली
लेकिन हाल ही में एक यूट्यूब चैनल इनसाइड थॉट्स आउट लाउड में त्रिशाला दत्त ने अपना दर्द शेयर किया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह 5 से 6 साल की थी तब उनको बहुत ज्यादा बुली किया गया था। इसका कारण सिर्फ ये था कि वो एक भारतीय थी। उनके आसपास मौजूद बच्चे उनको ताने मारा करते थे। जब वह थोड़ी सी बड़ी हो गई थी तो स्कूल में उनको वजन को लेकर ताने सुनने पड़े।
जब त्रिशाला दत्त हाई स्कूल में पहुंची थी तो लोग उनके और उनके परिवार के बैकग्राउंड को लेकर उनको परेशान करते थे। उन दोनों को याद करते हुए त्रिशाला दत्त ने बताया कि उनके पास में कोई नहीं था जिससे वह अपना दर्द शेयर कर सके। उनके पास में कोई बात करने के लिए भी नहीं था।
मां को खोने के दर्द पर बोली त्रिशाला दत्त
त्रिशाला दत्त की उम्र जब 8 साल की थी तो उनकी मां ऋचा शर्मा को ब्रेन कैंसर हो गया था और उनकी मृत्यु हो गई थी। इस पर वह कहती है कि "1996 में मां चली गई थी और मैं तब सिर्फ 8 साल की थी। उनको ब्रेन ट्यूमर हो गया था और 1989 में इस बीमारी का पता चला था जब वह चौथी स्टेज पर थी। मेरे पापा इंडिया और यूएस के लगातार चक्कर काटते रहते थे। क्योंकि वह भारत में काम करते थे और इसी वजह से पूरी तरीके से अमेरिका में रहना उनके लिए बहुत मुश्किल था। मुझे बचपन में वजन का बहुत इशू था क्योंकि मैंने खाने में कंफर्ट ढूंढ लिया था। लोग यही सोचते थे कि सेलिब्रिटी की बेटी है तो उसको ऐसा ही दिखना चाहिए। मैं संजय दत्त की बेटी जैसी नहीं लगती थी।"
त्रिशाला दत्त ने क्यों चुना थैरेपिस्ट का प्रोफेशन?
त्रिशाला दत्त आगे बताती है कि जब वह इंडिया आई थी तो लोग उनकी अपीरियंस पर कमेंट किया करते थे। उनके बारे में खूब बुरा भला लिखते थे। त्रिशाला दत्त ने बताया कि "मैं अपनी जिंदगी में बहुत सारे तूफानों का सामना कर चुकी हूं। मुझे थाली में परोस कर कुछ भी नहीं मिला। आज मैं जहां पर भी हूं उसके लिए मैंने खूब मेहनत की। मेरे भी सब की तरह इंटरनल इश्यूज रहे हैं। कोई परफेक्ट नहीं होता है और मैं थैरेपिस्ट बनी क्योंकि मुझे लोगों को यह बताना था कि स्ट्रगल करना ओके है। आप इस जर्नी में अकेले नहीं है।" जानकारी के लिए आपको बता दें कि त्रिशाला दत्त न्यूयॉर्क में लाइसेंस्ड मैरिज एंड फैमिली थैरेपिस्ट और साइकोथैरेपिस्ट है।


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