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    #1993 बम बलास्ट - 'मेरी मां मुस्लिम थी इसलिए मेरी बहनों का रेप कर देते' - संजय दत्त

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    गैर कानूनी हथियार रखने के आरोप में जेल में 5 साल की सज़ा काट चुके संजय दत्त की घरवापसी हो रही है और बॉलीवुड इस बात से काफी खुश हैं। उनके लिए फिल्मों की स्क्रिप्ट तक तैयार है। 25 फरवरी को संजय दत्त पुणे की यरवदा जेल से रिहा हो रहे हैं।

    उनके वापस आने की खुशी में कहीं फ्री चिकन बंट रहा है तो कहीं पार्टी की तैयारी। हालांकि भूलने वाली बात तो नहीं है, पर जितनी खुशी सबको हो रही है, हम बस याद दिला दें कि संजय दत्त पर 1993 बंबई बम ब्लास्ट के दौरान कई आरोप लगे थे जिनमें आतंकी गतिविधियां भी शामिल थीं।

    हालांकि वक्त के साथ उन पर एक ही आरोप बचा था और वो था गैर कानूनी हथियार रखने का, जो संजय दत्त के मुताबिक उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए रखा था। खैर ये सब बीती बातें हो चुकी हैं और अब संजय दत्त बॉलीवुड के मुन्नाभाई हैं।

    लेकिन हम आपको पढ़ाना ज़रूर चाहेंगे वो 10 बयान जो संजय दत्त ने अपनी पहली गिरफ्तारी के बाद पुलिस को दिए थे। हालांकि उन्होंने कोर्ट के सामने ये सारे बयान वापस ले लिए थे -

    दाउद से मिला था

    दाउद से मिला था

    संजय दत्त उस वक्त यलगार नाम की फिल्म कर रहे थे जिसकी शूटिंग दुबई में हो रही थी। संजय ने पुलिस को बताया कि दुबई में वो दाउद इब्राहिम की पार्टी में गए जहां वो याकूब, टाईगर, अबू सलेम से मिले।

    मारने की धमकी थी

    मारने की धमकी थी

    संजय ने कहा कि उन्हें राइफल चाहिए थी क्योंकि उनके पिता कांग्रेस एमपी थे और मां मुस्लिम। दंगे में उजड़े मुस्लिमों की मदद की वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं कि उनकी बहनों का रेप कर दिया जाएगा और उन्हें मार दिया जाएगा।

    दंगा खत्म होने तक चाहिए थी

    दंगा खत्म होने तक चाहिए थी

    संजय दत्त ने अबू सलेम और उनके साथियों को अपने घर बुलाया और उन्हें तीन राइफल दी गई। संजय ने एक रखने को कहा और बाकी लौटा दी। अबू के साथियों ने उन्हें हैंड ग्रेनेड भी दिखाई और पूछा कि वो भी चाहिए क्या।

    रिक्वेस्ट की थी ले जाओ

    रिक्वेस्ट की थी ले जाओ

    संजय दत्त ने कहा कि उन्हें राइफल केवल दंगा शांत होने तक चाहिए थी और ऐसा होते ही उन्होंने हनीफ को फोन कर राइफल ले जाने को कहा था लेकिन हनीफ नहीं माना।

    छिपा दी थी राइफल

    छिपा दी थी राइफल

    इसके बाद संजय दत्त ने राइफल अपने घर के दूसरे माले पर छिपा दी थी और अपने काम में व्यस्त हो गए। इसके बाद उन्हें आतिश फिल्म की शूटिंग के लिए मॉरीशस जाना था।

    पुलिस को बताना चाहा था

    पुलिस को बताना चाहा था

    उन्होंने इस बारे में पुलिस को बताना चाहा था पर वो डर गए थे कि इससे उनके परिवार का नाम काफी खराब होगा। इसलिए उन्होंने अपने सेक्रेटरी की मदद से राइफल छिपा दी।

    शूटिंग में व्यस्त हो गया

    शूटिंग में व्यस्त हो गया

    12 मार्च के बम धमाकों के बाद शूटिंग में व्यस्त हो गया। इसके बाद दोस्तों से टाईगर नाम के एक आदमी की काफी चर्चा सुनी थी कि बहुत ही तगड़ा बंदा है। उससे पुलिस भी डरती है।

    जब तक कुछ कर पाता...

    जब तक कुछ कर पाता...

    जब 93 के आरोपियों के नाम बाहर आए तो मैं डर गया। मैंने अपने दोस्त को फोन कर वहां से राइफल हटाने को कहा लेकिन तब तक पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था।

    पिता से बोला झूठ

    पिता से बोला झूठ

    जब मेरे पिता ने मुझसे इस बारे में पूछा कि तो मैंने झूठ बोला क्योंकि मैं डर गया था। हालांकि वापस आते ही मुझे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। और मैंने सब सच बता दिया था।

    NOTE : ये सारे बयान संजय दत्त ने कोर्ट के सामने वापस ले लिए थे!

    साथ खड़ा था बॉलीवुड

    साथ खड़ा था बॉलीवुड

    MUST SEE PICS

    शाहरूख से सलमान, अजय से अक्षय तक कोई ऐसा स्टार नहीं था...जिसने संजय दत्त का साथ नहीं दिया!

    English summary
    Sanjay Dutt confessions on 1993 Bombay Bomb blast case and they were a proof enough!
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