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    संजय दत्त का Shocking रिएक्शन, अपनी फिल्म को देखकर किया ये काम, रो पड़ेंगे आप

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    Sanju: Sanjay Dutt becomes Die-Hard FAN of Ranbir Kapoor; Watch Video | FilmiBeat

    रणबीर कपूर और राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू रिलीज के पहले हफ्ते में ही बॉलीवुड की सबसे कमाऊ फिल्मों की लिस्ट में आ गई है। जहां एक तरफ ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर ही है वहीं दूसरी तरफ संजू को ऑडिएंस की तारीफें भर-भरकर मिल रही हैं। जो भी फिल्म देखकर निकल रहा है बस राजकुमार हिरानी और रणबीर कपूर के ही गुन गा रहा है। वहीं ऐसे में जब खुद संजय दत्त ने अपनी ये फिल्म देखी तो नजारा चौंकाने वाला था।

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    फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने ये किस्सा मीडिया से शेयर किया। उन्होंने बताया कि पहले तो संजय दत्त अपनी बायोपिक खुद देखने से हिचकिचा रहे थे। हमने उनकी बायोपिक में संजू बाबा के कई राज खोलकर रख दिए हैं, संजय ये बात जानते थे इसलिए वे इस फिल्म को देखना नहीं चाहते थे लेकिन किसी तरह हिम्मत जुटा कर वे फिल्म देखने पहुंचे। हिरानी ने बताया कि पूरा टाइम मैं संजू के बगल में बैठकर चुपके से उनके रिएक्शन देखने की कोशिश कर रहा था लेकिन उन्होंने पूरी फिल्म में थोड़ा भी रिएक्शन नहीं दिया। वहीं आखिरकार जब फिल्म पूरी हो गई तो संजय दत्त अचानक रोने लगे।

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    हिरानी ने बताया कि संजय दत्त पूरी फिल्म देखने के बाद उन्हें गले लगाकर फूट-फूट कर रोए। संजय दत्त का ये रिएक्शन वाकई चौंकाने वाला था, उन्हें फिल्म काफी पसंद आई। संजू की बात करें तो साफ है कि सिनेमाप्रेमियों को फिल्म बेहद पसंद आ रही है। फिल्म कंटेंट के मामले में काफी दमदार है। वहीं, रणबीर कपूर समेत सभी किरदारों के परर्फोमेंस की भी जितनी तारीफ की जाए, कम है। फिल्म जमकर कमाई करेगी इसमें कोई शक नहीं है। देखना ये है कि फिल्म कितनी कमाई करेगी। अभी के आसार देखकर 350 से 400 करोड़ पर दांव लगाया जा सकता है। जानिए वो 10 बातें जो इस फिल्म को बनाती हैं MUST WATCH -

    कहानी

    कहानी

    राजकुमार हिरानी की संजू, पूरी तरह से एक बायोपिक नहीं है। फिल्म एक तरह की काल्पनिक बायोपिक है। यानि कि फिल्म के किस्से सारे सच है लेकिन किरदार ज़्यादातर बनाए हुए हैं। यानि कि कहानी ही इस फिल्म की जान है। और फिल्म की कहानी टुकड़ों में फैली होने की बजाय, दत्त के जीवन के मुख्य पहलुओं पर फोकस करती है।

    डायलॉग्स

    डायलॉग्स

    अभिजात जोशी के चरण कहीं मिल जाएं तो हम छू लें। एक छोटे से डायलॉग में एक बड़ी सी बात कैसे कह देनी है, ये उन्हें पता है। मसलन, जब आप फिल्म देखेंगे तो आप क्वेश्चन मार्क यानि कि प्रश्नवाचक चिन्ह के फैन हो जाएंगे। वहीं फिल्म के हर 5 - 7 मिनट पर एक शानदार डायलॉग है और उसमें छिपी है एक शानदार सीख।

    गाने

    गाने

    फिल्म में केवल चार गाने हैं - मैं बढ़िया, रूबी, हर मैदान फतह और अब बस कर। चारों गाने आपके दिल में घर कर जाएंगे। वहीं फिल्म में कुछ और गानों का इस्तेमाल केवल फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। कुल मिलाकर आपको बांधे रखने के लिए काफी है।

    किस्से

    किस्से

    फिल्म में संजय दत्त की ज़िंदगी से बड़े छोटे छोटे और बारीक किस्से उठाए गए हैं। आपको इनके बारे में कुछ पता नहीं होगा और इसलिए इन किस्सों को सुनना आपको बहुत दिलचस्प लगेगा। थोड़ी ही देर में ये किस्से आपको एक साथ हंसाएंगे भी और रूलाएंगे भी।

    विक्की कौशल

    विक्की कौशल

    विक्की कौशल कहीं मिलें तो सबसे पहले उन्हें सैल्यूट मार दीजिएगा। किसी फिल्म को पीछे से मज़बूती से कैसे पकड़ते हैं ये उन्होंने बताया है। वो लगभग फिल्म के हर तीसरे सीन में थे और जब भी वो स्क्रीन पर होते थे या तो थोड़ा सा हंसा जाते, या थोड़ा सा रूला जाते या फिर कुछ सिखा जाते।

    परेश रावल

    परेश रावल

    परेश रावल ने इस फिल्म को रणबीर कपूर के साथ सामने से संभाला है। एक पिता से दोस्त बनने तक के उनके संघर्ष को जिस तरह से परदे पर उतारा गया है आप उनके जैसा बनना चाहेंगे। उनके जाने से आपको फर्क पडेगा, वो आप पर इतना असर छोड़ जाएंगे।

    डायरेक्शन

    डायरेक्शन

    बॉलीवुड को सच में राजकुमार हिरानी से सीखना चाहिए कि बायोपिक बनाते कैसे हैं। बिना संजय की ज़िंदगी को पूरा फैलाने के, उन्होंने उनकी ज़िंदगी के कुछ अहम किस्सों को उठाया और उन्हें केवल तीन मुख्य किरदारों के साथ पिरो दिया। राजकुमार हिरानी की इस सफल कोशिश के लिए जितनी तारीफें की जाएं वो कम हैं।

    शानदार बैलेंस

    शानदार बैलेंस

    संजू में शानदार बैलेंस है। फिल्म जितना आपको हंसाती है, उतना ही रूलाती भी है। कुल मिलाकर फिल्म भले ही संजय दत्त की कंट्रोवर्सी से दूर है लेकिन फिल्म में एक सच्चाई है और कुछ अनसुने किस्से हैं। एक बेटे की कहानी है, बाप की नज़र से और एक बाप की कहानी है उसके बेटे की। नज़र से। संजू दो दोस्तों की कहानी है, एक दूसरे से जुड़े रहने की कहानी। कुल मिलाकर बेझिझक टिकट कटाइए और निपटा के आइए।

    बिल्कुल फ्रेश

    बिल्कुल फ्रेश

    फिल्म को काफी ज़्यादा प्रमोट किया गया है लेकिन फिर भी फिल्म जब आपके सामने होगी तो पूरी तरह फ्रेश होगी। फिल्म में आपको ट्रेलर या टीज़र की कोई झलक मिलेगी ही नहीं।

    रणबीर कपूर

    रणबीर कपूर

    और फिल्म देखने का सबसे बड़ा कारण - रणबीर कपूर। फिल्म देखने का इकलौता कारण भी बना सकते हैं। हर सीन के साथ रणबीर आपको खुद से जोड़ते चले जाएंगे। बस उठिए और अपनी बुकिंग करा लीजिए।

    English summary
    Sanjay Dutt burst into tears after watching his biopic Sanju.

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