Samantha Wedding Venue: पीरियड्स मे महिलाएं जाती है इस मंदिर मे पूजा करने, सामंथा ने लिंग भैरवी में क्यों लिए

Samantha Wedding Linga Bhairavi Temple: अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने 1 दिसंबर 2025 की सुबह तमिलनाडु स्थित ईशा योगा सेंटर के लिंग भैरवी मंदिर में फिल्ममेकर राज निदिमोरु के साथ शादी रचाई। सामंथा की शादी के खूब चर्चे हो रहे हैं इसी बीच उनकी शादी का वेन्यू सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं। यूं तो सामंथा से पहले भी कई हीरोइनों ने मंदिरों में शादी की है लेकिन कोयंबटूर का लिंग भैरवी मंदिर बाकि सभी मंदिरों से अलग है।
सामंथा और राज की शादी में केवल 30 मेहमान शामिल हुए। बता दें कि लिंग भैरवी मंदिर, सद्गुरु के ईशा योगा सेंटर परिसर के अंदर स्थित है। सामंथा और राज ने अपनी पवित्र शादी के लिए ईशा योगा सेंटर को चुना। टेंपल वेडिंगे के लिए अभिनेत्री ने लाल साड़ी पहनी थी। कोयंबटूर स्थित इस मंदिर को सद्गुरु द्वारा प्रतिष्ठित किया गया है।
लिंग भैरवी मंदिर की खासियत
लिंग भैरवी मंदिर भारत के सबसे विशिष्ट मंदिरों में से एक माना जाता है। इसकी खास बात यह है कि यहां महिलाएं मासिक धर्म के दौरान भी पूजा कर सकती हैं। सद्गुरु जग्गी वासुदेव के आश्रम में स्थित इस मंदिर में महिलाओं को पीरियड्स के समय भी गर्भगृह तक प्रवेश की अनुमति है। एक उपाशिका, मा निर्मला, ने पहले एएनआई से बातचीत में बताया था कि यह पूरा सिद्धांत सद्गुरु की सोच पर आधारित है। उनका उद्देश्य था कि महिलाएं भी मंदिर में पूजा और अनुष्ठान कर सकें।
भारत के कई हिस्सों में आज भी मासिक धर्म को अशुद्ध माना जाता है और महिलाओं को मंदिरों, रसोई, पूजा और धार्मिक पुस्तकों से दूर रखा जाता है। ऐसे में लिंग भैरवी मंदिर समाज को एक सकारात्मक संदेश देता है।
देवी लिंग भैरवी से जुड़े फैक्ट
ईशा फाउंडेशन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह मंदिर देवी लिंग भैरवी को समर्पित है, जो स्त्रीत्व की प्रतीक मानी जाती हैं और अपने भक्तों की रक्षा तथा कल्याण का ध्यान रखती हैं। मंदिर की दीवारें उल्टे त्रिकोण के आकार में हैं, जो सृष्टि की कोख का प्रतीक है।
हर माह, विशेष रूप से पूर्णिमा के दिन, 'देवी' को एक विशेष समारोह के दौरान बाहर लाया जाता है ताकि वे ध्यानलिंग से जुड़ सकें, जिसे उनका ऊर्जा-स्त्रोत माना जाता है। यह भव्य शोभायात्रा महाआरती के साथ समाप्त होती है। देवी का मुख्य धाम यानी मूलस्थानम कोयंबटूर में ही है। दिलचस्प बात यह है कि ईशा फाउंडेशन से जुड़े लिंग भैरवी मंदिर अमेरिका और नेपाल में भी स्थापित किए गए हैं।


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