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    मेरे अलावा केवल शाहरूख - आमिर और अक्षय ऐसी Super Stardom ले पाए हैं - सलमान खान

    By Staff
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    सलमान खान आजकल, अपनी आने वाली फिल्म भारत का प्रमोशन कर रहे हैं और दिल खोलकर बातें भी कर रहे हैं। ऐसे ही एक इवेंट के दौरान, मीडिया से बातचीत करते हुए सलमान खान ने हिंदी सिनेमा में स्टारडम की बात की। सलमान खान का मानना है कि स्टारडम का कोई भरोसा नहीं किया जा सकता है। ये जितनी देर से मिलती है, उनती ही जल्दी गायब हो जाती है।

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    सलमान खान का मानना है कि चूंकि स्टारडम इतनी जल्दी गायब हो जाती है, उसे संभाल कर रख पाना बहुत कठिन काम है। और इसलिए सलमान खान मानते हैं कि उनके अलावा केवल शाहरूख, आमिर और अक्षय ही अपनी स्टारडम को इतने समय तक संभाल कर रख पाए हैं।

    गौरतलब है कि बॉलीवुड में स्टारडम के मायने और पैमाने दोनों ही बदल चुके हैं। आजकल, का स्टार केवल कंटेंट है। और फिल्में कंटेंट के कारण, लोगों को स्टार बना रही हैं। ना कि स्टार्स के दम पर फिल्में चल रही है। पिछले साल, शाहरूख - आमिर - सलमान तीनों ही अपनी फिल्मों के साथ बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरे।

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    गौरतलब है कि बॉलीवुड में जगह तो सबको मिल जाती है लेकिन स्टारडम बहुत ही कम लोगों को मिल पाता है। वो स्टारडम जो आपको आपके फैन्स और साथी कलाकार देते हैं। वो स्टारडम जिसके बाद, आपको सब माफ हैं, क्योंकि लोग आपको कलाकार नहीं, सुपरस्टार की हैसियत से आंकते हैं।

    हिंदी सिनेमा में स्टारडम का सफर

    हिंदी सिनेमा में स्टारडम का सफर

    जब से फिल्में शुरू हुई हैं तब से बॉलीवुड में हमेशा हर दशक का या हर युग का एक स्टार ज़रूर रहा है, जिसके आगे पीछे सब भागते हैं। और बॉलीवुड में ये स्टारडम खत्म हो चुका है। हर शुक्रवार एक स्टार बनता है और एक सितारा गर्दिश में खो जाता है। लेकिन आपको दिखाते हैं हिंदी सिनेमा में कैसा रहा है स्टारडम का सफर।

    शो मैन

    शो मैन

    ये सब हुआ एक शो से सर्कस के एक शो। एक हंसता खिलखिलाता आदमी आया और सबको हंसाना सिखा दिया, रूला रूला कर। राज कपूर बॉलीवुड के शो मैन कहे जाते हैं।

    सपने दिखा गए राज कपूर

    सपने दिखा गए राज कपूर

    जो राजकपूर ने बॉलीवुड को दिया वो शायद कोई कभी सोच भी नहीं सकता। जीना यहां मरना यहां से उन्होंने शायद हर किसी को वो खोई हुई उम्मीदें जगा दी। साधारण सी कद काठी और चार्ली चैपलीन सा अंदाज़। कभी मेरा जूता है जापानी तो जिस देस में गंगा बहती है।

    पकड़ी दर्शक की नब्ज़

    पकड़ी दर्शक की नब्ज़

    राजकपूर ने नब्ज़ पकड़ी, जनता की और बॉलीवुड एक ज़रिया बन गया लोगों को जोड़ने का। एक से एक बेहतरीन फिल्में, कुछ हिट और कुछ फ्लॉप लेकिन राजकपूर बन गए, बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार। या फिर उससे भी ज़रा सा ऊपर।

    नया दौर का नया हीरो

    नया दौर का नया हीरो

    फिर आया नया दौर एक लड़का लोगों पर राज करने लगा। नाम था दिलीप कुमार। उन्हें भारतीय फिल्मों के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, इसके अलावा दिलीप कुमार को पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज़ से भी सम्मानित किया गया है।

    इतने सालों का प्यार

    इतने सालों का प्यार

    शाहरूख खान से लेकर अमिताभ बच्चन तक हर कोई आज भी दिलीप कुमार का फैन है। और हमेशा रहेगा। यही वजह है कि फिल्मफेयर ने जब ये शानदार फोटोशूट किया तो 100 साल के सिनेमा की ये शायद बेस्ट तस्वीर लगी, सभी को।

    एक और नया चेहरा

    एक और नया चेहरा

    हिंदी सिनेमा में दिलीप कुमार के बाद आया एक और नया चेहरा, इठलाता, झूमता और मस्ती में रहने वाला। देव आनंद। सामान्य सी कद काठी पर अंदाज़ बिल्कुल जुदा। 'पेइंग गेस्ट', 'बाजी', 'ज्वैल थीफ़', 'सीआईडी', 'जॉनी मेरा नाम', 'अमीर गरीब', 'वारंट', 'हरे राम हरे कृष्ण' और 'देस परदेस' जैसी कई हिट फिल्में दी।

    सबको बना लिया मुरीद

    सबको बना लिया मुरीद

    देव आनंद सही मायनों में भारत के पहले अंतराष्ट्रीय सितारे थे। भारत के बाहर जितनी प्रसिद्धि देव साब को मिली थी उतनी शायद ही किसी को मिली हो। चार्ली चैपलिन से लेकर फ्रैंक काप्रा और डी सिका तक सब उनके मुरीद थे।

    बदल दी स्टारडम की परिभाषा

    बदल दी स्टारडम की परिभाषा

    वो सितारा जिसने सही मायनों में स्टारडम का मतलब ही बदल दिया। राजेश खन्ना सही मायनों में स्टारडम को एक अलग ही स्तर पर लेकर चले गए। लड़कियां उनकी दीवानी थी। यहां तक कहा जाता है कि उनकी कार पर हमेशा लिप्सटिक के निशान रहते थे ...हमेशा!

    ऊपर आका, नीचे काका

    ऊपर आका, नीचे काका

    जिस तरह से आज टीवी के जरिये टैलेंट हंट किया जाता है, कुछ इसी तरह काम 1965 यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स और फिल्मफेअर ने किया था। वे नया हीरो खोज रहे थे। फाइनल में दस हजार में से आठ लड़के चुने गए थे, जिनमें एक राजेश खन्ना भी थे। अंत में राजेश खन्ना विजेता घोषित किए गए। फिल्म इंडस्ट्री में राजेश को प्यार से काका कहा जाता था। एक कहावत बड़ी मशहूर थी- ऊपर आका और नीचे काका।

    सौंपी विरासत

    सौंपी विरासत

    राजेश खन्ना ने अपनी विरासत सौंप दी अपने बाबू मोशाय को और किसी को पता भी नहीं चला कि कब बॉलीवुड को उसका शहंशाह मिल गया। अमिताभ बच्चन की स्टारडम को आंकना बहुत ही मुश्किल है। उनके जैसी शख्सियत शायद कई सदियों में एक ही होती है।

    80 का एंग्री यंग मैन

    80 का एंग्री यंग मैन

    बिग बी के स्टारडम का आलम ये था कि 80 के दशक में पूरी एक कॉमिक्स उनके नाम पर थी। सुप्रीमो नाम की ये कॉमिक्स खूब चलती थी। सीरीज को नाम दिया गया था 'द एडवेन्चर्स ऑफ अमिताभ बच्चन' यानी की अमिताभ बच्चन के अद्भूत कारनामे। इस कॉमिक्स को काफी लोगों ने पसंद किया था लेकिन जब अमिताभ बच्चन राजनीति में उतरे तो यह सीरीज बंद कर दी गयी थी।

    हिंदी सिनेमा का चॉकलेटी बॉय

    हिंदी सिनेमा का चॉकलेटी बॉय

    इसके बाद बॉलीवुड को मिला इसका पहला चॉकलेटी बॉय। उम्र ज़्यादा नहीं थी इसलिए उसका सारी हरकतें माफ थीं। बात हो रही है ऋषि कपूर की। उनके स्टारडम का आलम ये था कि हिट हो या फ्लॉप वो धड़ाधड़ फिल्में करते जाते थे।

    बहुत लंबा सफर

    बहुत लंबा सफर

    ऋषि कपूर ने अपने करियर में 1973-2000 तक 92 फिल्मों में रोमांटिक हीरो का किरदार निभाया है। उन्होंने बतौर अभिनेता कई सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया है। चॉकलेटी हीरो के रूप में उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई और बॉलीवुड कई रोमांटिक हिट फिल्में दीं।

    खान सुपरस्टार्स का दौर

    खान सुपरस्टार्स का दौर

    फिर खत्म हुआ स्टारडम का अंत जब तीन खान ने एक साथ बॉलीवुड में दस्तक दी। 25 साल हो गए अभी तक हमें कोई अगला सुपरस्टार नहीं मिला। आलम ये है कि शाहरूख - सलमान और आमिर को साथ में लाने के लिए पूरी इंडस्ट्री सपने देखती है।

    देर आए दुरूस्त आए

    देर आए दुरूस्त आए

    भले ही अक्षय कुमार ने शुरूआत, तीनों खान के साथ ही की थी। लेकिन उनका स्टारडम हिंदी सिनेमा ने उन्हें काफी बाद में सौंपा। लेकिन ये स्टारडम जब से अक्षय कुमार को मिला, उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा है।

    खत्म हो चुका है स्टारडम

    खत्म हो चुका है स्टारडम

    शाहरूख - सलमान - आमिर तीनों बॉलीवुड में करीब 25 साल से राज कर रहे हैं और वाकई अगर किसी स्टार को आना होता तो अब तक दस्तक दे चुका होता। तो कुल मिलाकर मुद्दा ये है कि तीनों खान ने जिस तरह का स्टारडम देखा वो अब शायद ही कोई और सितारा कभी भी देख पाए।

    English summary
    Salman Khan in an interview talked about the stardom journey and believes that only Shahrukh, Aamir and Akshay apart from him have managed to pull off their stardom for so long.
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