EXCLUSIVE! सलमान खान ने की थी OTT सेंसरशिप की मांग, नेटफ्लिक्स सीरीज 'कोहरा' के मेकर्स ने जताई असहमति

Kohrra makers on OTT censorship: लंबे समय से ओटीटी पर सेंसरशिप को लेकर तर्क- वितर्क होते रहते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सेंसरशिप जरूर होना चाहिए, वहीं कुछ इसे क्रिएटिव लिबर्टी का उल्लंघन मानते हैं। हाल ही में एक इवेंट के दौरान बॉलीवुड के दबंग, सलमान खान ने भी इस मामले में अपना नजरिया सामने रखा और ओटीटी सेंसरशिप की वकालत की।
सलमान खान ने साफ कहा, उन्हें लगता है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी सेंसर होना चाहिए और ये गाली गलौज, अश्लीलता, इंटीमेट सीन्स पर पाबंदी लगनी चाहिए। बहरहाल, नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई सीरीज 'कोहरा' के मेकर्स ने इससे साफ असहमति जताई है।
'कोहरा' के मेकर्स की ओटीटी सेंसरशिप पर बात
कोहरा इन दिनों अपने कंटेंट को लेकर खूब सुर्खियों में है। सीरीज को बहुत पसंद किया जा रहा है। जब फिल्मीबीट ने शो के डायरेक्टर रणदीप झा और शोरनर सुदीप शर्मा से इंटरव्यू के दौरान ओटीटी सेंसरशिप को लेकर उनका नजरिया पूछा। तो उन्होंने डिटेल में इस पर बात की।
नैतिकता बहुत निजी चीज़ है
संदीप शर्मा ने कहा, "व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि किसी भी चीज़ पर किसी भी तरह की सेंसरशिप होनी चाहिए, चाहे वह ओटीटी हो या फिल्में। फिल्ममेकर्स के अंदर एक आंतरिक नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए जो उन्हें बताए कि आप कहां जा सकते हैं, कहां नहीं जा सकते हैं, या यदि आप किसी निश्चित दिशा में जा रहे हैं, तो आपको इसके बारे में कैसे जाना चाहिए। कहीं ना कहीं आपका दृष्टिकोण दिख जाता है। नैतिकता बहुत निजी चीज़ है। आपके लिए कुछ सही है, मेरे लिए वो नहीं है। 130 करोड़ लोगों के देश में 130 करोड़ नैतिक दृष्टिकोण होंगे। हां, कुछ गाइडलाइंस जरूर हो सकते हैं। लेकिन सेंसरशिप की जहां बात आती है, मुझे लगता है कि आपके अंदर होनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "जैसे कोहरा की बात करें तो मुझे लगता है रियलिटी में लोग वहां ऐसे ही बात करते हैं। पंजाब के किसी बस स्टैंड पर जाकर यदि मैं खड़ा हो जाऊं तो जितना मैंने दिखाया है, उससे दस गुना ज्यादा ही सुनने को मिलेगा। आप जबरदस्ती गालियां लिखते नहीं हो, आप किरदारों को उस वातावरण में छोड़ते हो और वहां वो जो फील करते हैं, वो डायलॉग के तौर पर सामने आता है। हम स्कूल के बच्चे थोड़ी हैं कि गालियां देकर हमें कुछ नया करने का अनुभव होगा।"
ऐसा नहीं है कि ओटीटी से सीखकर लोग गालियां दे रहे हैं
वहीं, डायरेक्टर रणदीप झा ने कहा, "वो दिख जाता है कि गालियां या हिंसा या सेक्स सीन आपकी कहानी का हिस्सा है, या आप सिर्फ एक प्रभाव डालने के लिए उसे यूज कर रहे हो। जहां आप जबरदस्ती में उसे शामिल करने की कोशिश करते हो, वो गलत है। हां, एक दायरा होना चाहिए, लेकिन यदि आप बोल रहे हैं कि सिनेमा या ओटीटी से प्रभावित होकर लोग गालियां दे रहे हैं, तो ऐसा तो नहीं है।"


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