सपनों के शहर मुम्बई से गहरा है बॉलीवुड का नाता

इस साल प्रदर्शित होने वाली फिल्मों में 'धोबी घाट' के अलावा सुधीर मिश्रा की 'तेरा क्या होगा जॉनी', अनुराग कश्यप की 'दैट गर्ल इन यलो बूट्स', राम गोपाल वर्मा की 'डिपार्टमेंट' और 'द बिजनिस मैन', अंकुश भट्ट की 'भिंडी बाजार आईएनसी', संजय सिंह मस्तान की 'मुम्बई चकाचक' और एकता कपूर की 'शोर' भी मुम्बई की पृष्ठभूमि पर बनी हैं।
फिल्मकार सुधीर मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, "मुम्बई भारत के उन शहरों में से एक है जहां लोगों को जो वे बनना चाहते हैं उन्हें वह बनने का मौका मिलता है। मैं इस शहर के प्रति आकर्षित हूं। मैं इसकी प्रशंसा करता हूं और इससे प्यार करता हूं। मुझमें इसके प्रति लगाव है। आप मेरे काम में इसकी खुशबू महसूस कर सकते हैं। मैं हमेशा ऐसी फिल्में बनाता हूं जो मुम्बई और उसकी आत्मा के इर्द-गिर्द घूमती हैं।"
मिश्रा की 'धारावी', 'इस रात की सुबह नहीं' और 'चमेली' फिल्में मुम्बई की पृष्ठभूमि पर ही बनी हैं। उनकी 'तेरा क्या होगा जॉनी' भी मुम्बई की ही कहानी पेश करती है। राव की फिल्म 'धोबी घाट' में चार किरदारों के माध्यम से मुम्बई के अलग-अलग पहलुओं को उभारा गया है। फिल्म की अभिनेत्री मोनिका डोगरा कहती हैं, "यह शहर बहुत विस्तृत है इसलिए इसे वास्तव में सटीकता के साथ पेश करना थोड़ा मुश्किल है।"
इस साल अनुराग कश्यप की 'दैट गर्ल इन यलो बूट्स' प्रदर्शित होगी। वह इससे पहले मुम्बई बम विस्फोटों पर 'ब्लैक फ्राइडे' बना चुके हैं। एकता कपूर की 'शोर' गणेशोत्सव के दौरान की मुम्बई की धूमधाम से प्रेरित है वहीं 'भिंडी बाजार' इस शहर के जेबकतरों पर रौशनी डालती है।


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