साक्षी उर्फ़ पार्वती अब फ़िल्मों की ओर

साक्षी का ग्लैमर की दुनिया में आना भी एक इत्तेफा़क़ रहा है. राजस्थान के अलवर की रहने वाली इस लड़की ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक बस पूरा ही किया था कि किसी ने उसे दूरदर्शन के म्यूजिकल शो अल्बेला सुर मेला के ऑडिशन के बारे में बताया. साक्षी का चयन उस में हो गया, फिर क्या था उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
इसके बाद साक्षी ने नीम का पेड़, अहसास, दस्तूर, भँवर और राजधानी जैसे धारावाहिकों में काम किया. उसके बाद क़िस्मत ने उन्हें उस धारावाहिक से जोड़ दिया जिसकी वजह से आज हर घर में लोग उन्हें जानते हैं.
'कहानी घर-घर की' से उन्होंने अपनी एक अलग जगह बनाई है. साक्षी तँवर ने अपनी पहली फिल्म के बारे में हाल ही में बीबीसी के साथ बातचीत की..
आपकी आने वाली फिल्म कॉफी हाउस के बारे में बताइए.
फिल्म की कहानी एक कॉफी़-हाउस के बारे में है जहां अलग अलग तबके़ के लोग आते हैं और उनके बीच एक संबंध बनता है. इसमें युवा, बेरोजगार, रिटायर्ड और बुज़ुर्ग लोग शामिल हैं. ये एक भावना प्रधान फिल्म है जिसमें खु़शी है, ग़म है, तकलीफ़ है साथ ही कुछ ऐसा भी जिससे हमारे दर्शक अपने जीवन में कुछ सवालों के जवाब ढूंढ पाएंगे.
गुरबीर जी मेरे मार्गदर्शक हैं और हमारे संबंध काफी़ हद तक गुरु-शिष्य जैसे हैं. मैने उनकी फ़िल्म में काम करके उनके आभार का ऋण चुकाने की कोशिश की है. साक्षी तँवर
आपके साथ आशुतोष राणा ने भी इस फिल्म में काम किया है, उनके साथ काम करने का कैसा अनुभव रहा.
बड़ा अच्छा अनुभव रहा है उनके साथ काम करने का. फ़िल्म में उन्होंने मेरे पति की भूमिका निभाई है. इस फ़िल्म में काम करने के दौरान मैने उनसे काफी़ कुछ सीखा है.
फ़िल्म के निर्देशक गुरबीर सिंह ग्रेवाल के बारे में कुछ बताइए.
मैं गुरबीर जी को तब से जानती हूँ जब मैने अपने करियर की शुरुआत की थी. मैने गुरबीर जी के लोकप्रिय सीरियल नीम का पेड़ में काम किया है जिसके लिए उन्हें वीडियोकॉन अवार्ड्स में बेस्ट डायरेक्टर का नामांकन मिला था. गुरबीर जी मेरे मार्गदर्शक हैं और हमारे संबंध काफी़ हद तक गुरु-शिष्य जैसे हैं. मैंने उनकी फ़िल्म में काम करके उनके आभार का ऋण चुकाने की कोशिश की है.
साक्षी आपने छोटे पर्दे पर आठ वर्षों तक काम किया है, कैसा अनुभव रहा है.
बहुत कमाल का अनुभव रहा है. जब मैने पार्वती का किरदार निभाना शुरु किया था तब मैने ये कभी नहीं सोचा था कि लोग इसे इतना पसंद करेंगे. पार्वती के इस किरदार के साथ मैंने और दूसरे रिश्तों के बारे में काफ़ी महसूस किया है और सीखा भी है.
इस समय क्या आप किसी धारावाहिक में काम कर रही हैं.
जी नहीं, फिलहाल नहीं. मैं किसी भी धारावाहिक में इसलिए काम नहीं करना चाहती क्योंकि मुझे एक जैसे रोल करना बिल्कुल पसंद नहीं है.
किस तरह के किरदार करना आपको पसंद है.
मैंने ज़्यादातर ऐसे रोल किए हैं जिनमें एक दुख की छवि उभरकर आई है. अब मैं कुछ रोमांटिक कॉमेडी करना चाहती हूँ.
आजकल टीवी पर तरह तरह के धारावाहिकों और रियलिटी शो देखे जा रहे हैं लेकिन आप इनमें कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं.
दरअसल मैं किसी भी डांस शो में खु़द को सहज महसूस नहीं करती लेकिन मेरी दिलचस्पी कॉमेडी शो में बहुत ज़्यादा है.
काफ़ी हाउस में साक्षी के साथ आशुतोष राणा हैं
कॉफी़ हाउस के अलावा और कौन-कौन सी फ़िल्में इस समय आप कर रही हैं.
जी हाँ, इस समय मैं एक और फिल्म में काम कर रही हूँ लेकिन इस समय उसके बारे में कुछ ज़्यादा बात नहीं कर सकती.
कहानी घर-घर की में आपने एक पत्नी के अलग-अलग भावों को जिया. वास्तविक ज़िंदगी में भी ऐसा कोई इरादा है.
जी हाँ, है तो, लेकिन मेरा कहना है कि जो भी होता है ऊपर वाले की मर्ज़ी से ही होता है. उसने मेरे लिए भी कुछ अच्छा ही सोचा होगा.


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