तो क्या चैरिटी के लिए सैफई महोत्सव में सलमान-माधुरी ने कुल्हे मटकाए?
कुछ लोगों ने तो गुस्से में यह भी लिख दिया कि सलमान को एक बार भी स्टेज पर नाचते समय मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों का ख्याल नहीं आया है और वह अपनी आने वाली फिल्म 'जय हो' में आम आदमी की जय-जयकार कर रहे हैं इसलिए हम लोग 'जय हो' का बहिष्कार करते हैं।
जिस पर सलमान खान की ओर से सफाई आयी है उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि जब भी कोई स्टेज शो वह करते हैं तो उनकी कोशिश होती है कि वह अपनी इस कोशिश से वहा रहने वाले लोगों की मदद कर सके। इटावा के सैफई में भी मैंने जो स्टेज शो किया है उसका भी हिस्सा चैरिटी में ही जायेगा।
मैं और बींइग ह्यूमन सैफईं में स्टेज शो करने वाले तमाम कलाकारों की तरफ से उत्तर प्रदेश में 200 बाल हृदय शल्य चिकित्साओं की खर्च उठाने की संकल्प लेता है...हमने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल में इको मशीन, बाल एवं शिशु वेंटिलेटर और एक पोर्टेबल एक्स रे मशीन खरीदने के लिए 25 लाख रूपए का योगदान दिया है।'
जिसके बाद माधुरी दीक्षित की ओर से भी सफाई आयी है उन्होंने भी ट्विट किया है किसैलिब्रिटी के तौर पर हम अपनी क्षमता का इस्तेमाल दूसरों की मदद करने में इस्तेमाल करने में विश्वास रखते हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को अखिलेश यादव सरकार की ओऱ से आयोजित सैफई महोत्सव का अंतिम दिन था जिसमें सलमान खान और माधुरी दीक्षित ने मुख्य रूप से हिस्सा लिया। यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने माधुरी की फिल्म डेढ़ इश्किया को यूपी में टैक्स फ्री भी कर दिया है।
जिसके बाद यूपी सरकार की जमकर आलोचना हो रही है। लोगों और मीडिया ने अखिलेश यादव सरकार से सवाल किया है कि जिस प्रदेश में मुजफ्फरनगर इलाके में लोग खाने को तरस रहे हों उस राज्य में सैफई जैसे खर्चीले आयोजन का क्या औचित्य है?


Click it and Unblock the Notifications












