शाहरूख खान का तो शुरूआती करियर ही Stalk करके बना है - सैफ अली खान की दो टूक बात
बॉलीवुड में कई ऐसी चीज़ें हैं जो काफी गलत हैं और इनमें से एक गलत चीज़ के बारे में सैफ अली खान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलकर बात की। सैफ ने बताया कि उन्हें समझ नहीं आता कि हिंदी और भारतीय सिनेमा में लड़की का पीछा करने को हीरोगिरी कैसे मान लिया जाता है और ऐसा करने वाले लड़के को हीरो क्यों समझा जाता है।
सैफ ने कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शाहरूख खान को ही ले लें। उनका पूरा शुरूआती करियर ज़बरदस्ती लड़कियों का पीछा करते हुए गुज़रा है। जहां डर में वो एक लड़की का पीछा कर उसे परेशान करते हैं वहीं दूसरी तरफ बाज़ीगर में वो दो बहनों की ज़िंदगी के साथ खेलते हैं।

सैफ का मानना है कि ये सब हमने पश्चिमी फिल्मों से सीखा है और उसे अपने सांचे में ढाल दिया है क्योंकि हम लोगों को कॉपी करने की बहुत बुरी आदत है। बाज़ीगर भी असली कहानी नहीं थी बल्कि एक पश्चिमी कहानी को हिंदी दर्शकों के हिसाब से ढाल दिया गया था।
सैफ अली खान की मानें तो ये आदत बिल्कुल गलत है लेकिन हमें इसकी आदत हो चुकी है। वैसे शाहरूख खान खुद मानते हैं कि उनका करियर इसी तरह, लड़कियों का पीछा कर कर के बना है।
जी हां, शाहरूख की रोमांटिक से रोमांटिक फिल्म में भी वो स्टॉकर यानि कि छिछोरे ही बने हैं। हमें पता है कि आप हमारी बात का यकीन नहीं करेंगे इसलिए हम आपके सामने सुबूत लेकर आए हैं।


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