सिर्फ नाम के नवाब होंगे सैफ अली खान पटौदी

बहरहाल इस कार्यक्रम में सबसे पहले पटौदी, फिर मुमताजपुर, फिर भोपाल और बाद में अन्य गांवों के लोग उन्हें पगड़ी बांधी। इस मौके पर सीएम भूपेंद्र हुड्डा समेत तमाम लोग शामिल थे। सैफ की बहन सोहा अली खान भी इस समारोह में शामिल हुईं। दिल्ली के करीब गुड़गांव जिले में स्थित इस पटौदी रियासत के अगले उत्ताराधिकारी को पगड़ी बांधने के कार्यक्रम के लिए पटौदी महल में तैयारियां दो दिन पहले ही पूरी हो गई थी। मंसूर अली पटौदी की बेगम शर्मिला टैगोर महल में दो दिन पहुंच चुकी थी।
गौरतलब है कि मंसूर अली खान का निधन 22 सितंबर को दिल्ली में फेफड़ों की बीमारी के चलते हो गया था। 23 सितंबर को इब्राहिम पैलेस में उनकी अम्मी व अब्बा की कब्र के निकट उन्हें सुपुर्दे-खाक किया गया था। बावनी के लोगों को दूसरे द्वार से प्रवेश कराया गया। राज्य के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यक्रम के चलते कस्बे में भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी। स्कूल में बनाए गए हेलीपेड से लेकर महल परिसर तक पुलिस ही पुलिस नजर आ रही थी। कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के लोग नवाब की कब्र के निकट बैठकर फातिहा पढ़ उनके जन्नतनशीं होने की कामना की। हिंदू समुदाय के लोगों ने उनकी कब्र पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
आयोजन में नवाब परिवार के रिश्तेदारो तथा करीबी मित्रों के अतिरिक्त पूर्व रियासत पटौदी के सभी बावन गांवों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। रस्म के बाद अल्लानाम भोज हुआ। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि सैफ अली खान अब्बा की स्मृति में पटौदी के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सैफ कल ही दिल्ली पहुंच गए थे। सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सुबह पौने नौ बजे हेलीकाप्टर से पहुंचे। वीआईपी की सुरक्षा के लिए पुलिस कमिश्नर व संयुक्त पुलिस कमिश्नर दोनों मौजूद थे। सुरक्षा को देखते हुए वीआई पार्किंग के साथ अलग-अलग स्थानों पर लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया था। महल के भीतर तीन हेलीपैड बनाए गए था।


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